Uttarakhand Sthapna Diwas 2026: राहुल गांधी और अखिलेश यादव पर बरसे CM धामी, बोले- उत्तराखंड के सम्मान से समझौता नहीं

Uttarakhand Foundation Day 2026: उत्तराखंड स्थापना दिवस 2026 से पहले प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव पर निशाना साधा है। उन्होंने विपक्षी नेताओं पर उत्तराखंड की अस्मिता, स्वाभिमान और राज्य के गौरव से जुड़े मुद्दों को लेकर सवाल उठाए। सीएम धामी ने कहा कि उत्तराखंड के सम्मान और स्वाभिमान से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जा सकता।

देहरादून में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने राहुल गांधी की राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल को लेकर कथित टिप्पणी और अखिलेश यादव के उत्तराखंड के लोगों को लेकर दिए गए बयान का जिक्र किया। उन्होंने कांग्रेस से भी सवाल किया कि आखिर पार्टी इन मुद्दों पर चुप क्यों है।

Uttarakhand Foundation Day 2026: राहुल गांधी और अखिलेश यादव पर CM धामी का हमला

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि उत्तराखंड की पहचान और यहां के लोगों के सम्मान का मुद्दा बेहद महत्वपूर्ण है।

उन्होंने आरोप लगाया कि जब राहुल गांधी उत्तराखंड के सपूत और देश की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले अजीत डोभाल को लेकर टिप्पणी करते हैं, तब प्रदेश कांग्रेस के नेता चुप्पी साध लेते हैं।

सीएम धामी ने अखिलेश यादव के उस कथित बयान का भी जिक्र किया, जिसमें उत्तराखंड के लोगों के लिए घुसपैठिया शब्द इस्तेमाल किए जाने को लेकर विवाद हुआ था।

मुख्यमंत्री ने सवाल उठाया कि क्या कांग्रेस अपने राजनीतिक सहयोगियों के ऐसे बयानों से सहमत है? यदि पार्टी सहमत नहीं है तो उसे इस मुद्दे पर अपना पक्ष स्पष्ट करना चाहिए।

अखिलेश यादव के घुसपैठिया वाले बयान पर भी उठाए सवाल

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव को लेकर भी नाराजगी जाहिर की। दरअसल, उत्तराखंड के लोगों को घुसपैठिया कहे जाने से जुड़ी टिप्पणी के बाद प्रदेश में राजनीतिक विवाद शुरू हुआ था।

सीएम धामी ने कहा कि उत्तराखंड देवभूमि होने के साथ वीरभूमि भी है। इस राज्य ने देश को सैनिक, संत और राष्ट्रसेवा के लिए समर्पित अनेक व्यक्तित्व दिए हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तराखंड के लोगों के लिए इस तरह की भाषा का इस्तेमाल राज्य के स्वाभिमान और संघर्ष का अपमान है।

धामी ने कांग्रेस से सवाल किया कि क्या वह अपने राजनीतिक गठबंधन को उत्तराखंड के सम्मान से ऊपर रखती है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के मान-सम्मान से बड़ा कोई राजनीतिक गठबंधन नहीं हो सकता।

हालांकि, इस विवाद पर समाजवादी पार्टी की ओर से पहले यह स्पष्टीकरण दिया गया था कि अखिलेश यादव की टिप्पणी उत्तराखंड के लोगों के लिए नहीं, बल्कि एक व्यक्ति के संदर्भ में थी। 

उत्तराखंड राज्य आंदोलन और रामपुर तिराहा गोलीकांड का किया जिक्र

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने बयान में उत्तराखंड राज्य आंदोलन के दौरान हुई घटनाओं का भी उल्लेख किया।

उन्होंने खटीमा, मसूरी और मुजफ्फरनगर के रामपुर तिराहा गोलीकांड का जिक्र करते हुए कहा कि उत्तराखंड के लोग अपने राज्य के निर्माण के लिए किए गए संघर्ष और बलिदान को कभी नहीं भूल सकते।

गौरतलब है कि उत्तराखंड को अलग राज्य बनाने की मांग को लेकर 1990 के दशक में व्यापक आंदोलन हुआ था। इस दौरान आंदोलनकारियों को कई जगह पुलिस कार्रवाई का सामना करना पड़ा था।

2 अक्टूबर 1994 को मुजफ्फरनगर के रामपुर तिराहा में हुई पुलिस फायरिंग राज्य आंदोलन के इतिहास की सबसे चर्चित और दर्दनाक घटनाओं में शामिल है।

सीएम धामी ने इस ऐतिहासिक घटना का उल्लेख करते हुए समाजवादी पार्टी के राजनीतिक इतिहास पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि राज्य के लोगों के संघर्ष और बलिदान का सम्मान किया जाना चाहिए। 

राहुल गांधी और अजीत डोभाल का मुद्दा क्यों उठा?

मुख्यमंत्री धामी ने राहुल गांधी की ओर से राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल को लेकर की गई कथित टिप्पणी पर भी आपत्ति जताई।

उन्होंने कहा कि अजीत डोभाल उत्तराखंड से संबंध रखते हैं और उन्होंने अपना जीवन देश की सुरक्षा तथा सेवा के लिए समर्पित किया है।

धामी के अनुसार, जब देश की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले व्यक्ति को लेकर टिप्पणी की जाती है, तो प्रदेश कांग्रेस के नेताओं को भी अपना पक्ष रखना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के नेता इस मुद्दे पर चुप हैं। उन्होंने पार्टी से पूछा कि क्या वह राहुल गांधी की टिप्पणियों का समर्थन करती है।

इससे पहले भी धामी इस मुद्दे पर कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के गठबंधन को लेकर सवाल उठा चुके हैं। 

राहुल गांधी के छात्र कार्यक्रम और भर्ती मुद्दे पर भी बोले धामी

सीएम धामी ने देहरादून में राहुल गांधी के छात्र कार्यक्रम 'छात्रों की गूंज' को लेकर भी प्रतिक्रिया दी।

उन्होंने भर्ती परीक्षाओं और पेपर लीक से जुड़े मुद्दों पर राहुल गांधी की टिप्पणियों को खारिज किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड सरकार ने नकल कराने वाले 100 से अधिक लोगों को जेल भेजा है।

उन्होंने दावा किया कि राज्य में 35 हजार से अधिक नियुक्तियां बिना नकल, भ्रष्टाचार और पर्ची-खर्ची के की गई हैं।

धामी ने कहा कि प्रदेश सरकार कनेक्टिविटी, इंफ्रास्ट्रक्चर, पर्यटन, उद्योग और स्वरोजगार के क्षेत्र में काम कर रही है। उन्होंने विपक्ष पर विकास से जुड़े मुद्दों के बजाय राजनीतिक टकराव को बढ़ावा देने का आरोप लगाया।

ये आंकड़े मुख्यमंत्री द्वारा किए गए दावे हैं। 

9 नवंबर को मनाया जाएगा उत्तराखंड का 26वां स्थापना दिवस

उत्तराखंड का गठन 9 नवंबर 2000 को उत्तर प्रदेश से अलग होकर हुआ था। इस साल राज्य अपना 26वां स्थापना दिवस मनाएगा।

स्थापना दिवस के अवसर पर प्रदेश में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। राज्य के गठन के पीछे लंबे समय तक चले आंदोलन और आंदोलनकारियों के बलिदान को याद किया जा रहा है।

इस अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी देहरादून पहुंचे। उन्होंने राज्य के विकास और भविष्य की योजनाओं को लेकर बात की। इस दौरान उन्होंने उत्तराखंड के गठन में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की भूमिका का उल्लेख किया।

वहीं, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बताया कि राज्य को 1,475.31 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं की सौगात मिलने जा रही है।

स्थापना दिवस के आसपास कांग्रेस, भाजपा और समाजवादी पार्टी के बीच राजनीतिक बयानबाजी भी चर्चा में है।

Uttarakhand Politics: 2027 चुनाव से पहले बढ़ सकती है सियासी बयानबाजी

उत्तराखंड में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में राज्य के सम्मान, विकास, रोजगार और भर्ती जैसे मुद्दे राजनीतिक चर्चा के केंद्र में हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के ताजा बयान को भी प्रदेश में जारी राजनीतिक बहस के संदर्भ में देखा जा रहा है। भाजपा जहां राज्य आंदोलन और क्षेत्रीय अस्मिता से जुड़े मुद्दे उठा रही है, वहीं कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल सरकार की नीतियों तथा कामकाज पर सवाल उठाते रहे हैं।

आने वाले दिनों में इन मुद्दों पर राजनीतिक दलों की प्रतिक्रियाएं महत्वपूर्ण रहेंगी। फिलहाल स्थापना दिवस के मौके पर राहुल गांधी और अखिलेश यादव को लेकर सीएम धामी की टिप्पणी ने उत्तराखंड की राजनीति में नई चर्चा शुरू कर दी है।

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