मुंबई : महाराष्ट्र में लगातार हो रही बारिश के बीच राज्य सरकार पूरी तरह सतर्क हो गई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने रायगढ़ और रत्नागिरी जिलों के लिए सोमवार और मंगलवार को रेड अलर्ट जारी किया है। संभावित बाढ़ और आपदा की स्थिति को देखते हुए महिला एवं बाल विकास मंत्री अदिति तटकरे ने राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ तैयारियों की समीक्षा की।

मंत्री ने कहा कि अगले 48 घंटे विशेष रूप से तटीय जिलों के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने जिला प्रशासन को सभी एहतियाती कदम तत्काल लागू करने और राहत-बचाव तंत्र को पूरी तरह सक्रिय रखने के निर्देश दिए हैं।

NDRF की टीम तैनात, अतिरिक्त बचाव बल की मांग

संभावित आपात स्थिति से निपटने के लिए राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की एक टीम को रायगढ़ जिले के महाड में पहले से तैनात किया गया है। इसके अलावा सुधागढ़ और रोहा क्षेत्रों में तेजी से राहत कार्य सुनिश्चित करने के लिए 145 अतिरिक्त बचावकर्मियों की तैनाती का अनुरोध भी किया गया है।

राज्य सरकार का कहना है कि सभी एजेंसियों को अलर्ट मोड पर रखा गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके।

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों पर लगातार नजर

अदिति तटकरे ने बताया कि वह कर्जत और खोपोली समेत विभिन्न इलाकों में राहत कार्य कर रहे सामाजिक संगठनों के लगातार संपर्क में हैं। जरूरत पड़ने पर इन संगठनों की सेवाएं अन्य प्रभावित क्षेत्रों में भी ली जाएंगी।

उन्होंने कहा कि राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र के माध्यम से पूरे महाराष्ट्र की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी की जा रही है।

लोगों से गैर-जरूरी यात्रा टालने की अपील

मंत्री ने नागरिकों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान केवल अत्यंत आवश्यक होने पर ही घर से बाहर निकलें। उन्होंने लोगों से गैर-जरूरी यात्रा से बचने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी।

मुंबई-गोवा हाईवे पर सबसे ज्यादा असर

लगातार बारिश का असर राज्य के परिवहन नेटवर्क पर भी साफ दिखाई दे रहा है। रायगढ़ जिले से गुजरने वाला मुंबई-गोवा राष्ट्रीय राजमार्ग 32 घंटे से अधिक समय तक बाधित रहा, जिससे हजारों यात्री रास्ते में फंस गए।

प्रशासन हाईवे को पूरी तरह सामान्य बनाने के लिए लगातार काम कर रहा है, जबकि मौसम विभाग ने लोगों से अगले कुछ दिनों तक अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी है।

क्यों अहम हैं अगले 48 घंटे?

मौसम विभाग के अनुसार, अरब सागर से नमी आने और सक्रिय मानसूनी सिस्टम के कारण महाराष्ट्र के तटीय इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश जारी रह सकती है। ऐसे में निचले इलाकों में जलभराव, नदियों का जलस्तर बढ़ने और भूस्खलन जैसी घटनाओं की आशंका बनी हुई है। सरकार ने सभी संबंधित विभागों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं।