जयपुर : राजस्थान भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने रविवार को राम मंदिर, स्थानीय निकाय चुनाव और समान नागरिक संहिता (यूसीसी) समेत कई मुद्दों पर कांग्रेस और पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राम मंदिर करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है और इस विषय पर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप नहीं होने चाहिए।
राम मंदिर ट्रस्ट का किया बचाव
राम मंदिर से जुड़े विवादों पर प्रतिक्रिया देते हुए मदन राठौड़ ने कहा कि मंदिर ट्रस्ट की संपत्तियां और चढ़ावा पूरी तरह सुरक्षित हैं। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट ने अपनी संपत्तियों का विवरण सार्वजनिक किया है और पूरी प्रक्रिया पारदर्शी है।
उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने पहले भगवान राम के अस्तित्व पर सवाल उठाए, वे अब मंदिर की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहे हैं। राठौड़ के अनुसार, राम मंदिर को राजनीतिक मुद्दा बनाना उचित नहीं है।
उन्होंने पूर्व ट्रस्ट महासचिव चंपत राय का बचाव करते हुए कहा कि उनके खिलाफ लगाए जा रहे आरोप सही नहीं हैं। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि यदि जांच में किसी भी स्तर पर कोई व्यक्ति दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
अशोक गहलोत पर साधा निशाना
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को अपनी पार्टी के अंदरूनी मामलों पर ध्यान देने की सलाह दी। उन्होंने आरोप लगाया कि गहलोत सरकार के कार्यकाल में पानी, बिजली, पेपर लीक और प्रशासनिक अव्यवस्था जैसे कई गंभीर मुद्दे सामने आए।
राठौड़ ने कहा कि कांग्रेस इन मुद्दों पर जवाब देने के बजाय राजनीतिक बयानबाजी कर रही है।
निकाय चुनाव को लेकर भाजपा का दावा
स्थानीय निकाय चुनावों पर उन्होंने कहा कि राज्य सरकार चुनाव कराने के लिए पूरी तरह तैयार है और अब आगे की प्रक्रिया निर्वाचन आयोग के अधिकार क्षेत्र में है।
उन्होंने कांग्रेस पर ओबीसी समाज को भ्रमित करने का आरोप लगाया और दावा किया कि ओबीसी आयोग की रिपोर्ट निर्वाचन आयोग तक पहुंचने के बाद कांग्रेस राजनीतिक रूप से असहज महसूस कर रही है।
राठौड़ ने यह भी कहा कि हालिया उपचुनावों में भाजपा को मिली सफलता से पार्टी का संगठन मजबूत हुआ है और निकाय चुनावों के लिए भी भाजपा पूरी तैयारी के साथ मैदान में है।
UCC पर क्या बोले मदन राठौड़?
समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को लेकर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि राज्य सरकार प्रारंभिक मसौदा तैयार कर चुकी है। उन्होंने बताया कि जिन राज्यों में यूसीसी लागू है, वहां के अनुभवों का अध्ययन किया जा रहा है ताकि राजस्थान के सामाजिक और कानूनी ढांचे के अनुरूप अंतिम मसौदा तैयार किया जा सके।
उन्होंने कहा कि विभिन्न वर्गों से सुझाव लिए जा रहे हैं और विधानसभा में विपक्ष भी इस विषय पर रचनात्मक सुझाव दे सकता है।