राजस्थान के बीकानेर में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण विभाग ने विशेष अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए कैफीनयुक्त पेय रेड बुल (Red Bull) के 608 कैन सीज कर दिए हैं। विभाग ने रानी बाजार औद्योगिक क्षेत्र स्थित एक प्रतिष्ठान पर छापा मारकर उत्पाद के नमूने लिए हैं, जिन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है।

अधिकारियों के अनुसार, जांच रिपोर्ट आने तक एहतियात के तौर पर पूरे स्टॉक को सीज किया गया है। यदि जांच में खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो संबंधित प्रावधानों के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

रानी बाजार स्थित प्रतिष्ठान पर की गई कार्रवाई

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. पुखराज साध ने बताया कि यह कार्रवाई खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण विभाग की आयुक्त डॉ. टी. शुभमंगला के निर्देश पर की गई।

खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीम ने मैसर्स बोथरा एंड संस के प्रतिष्ठान और गोदाम का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान रेड बुल कैफिनेटेड बेवरेज का नमूना खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम (FSSAI Act) के तहत लिया गया।

608 कैन जांच पूरी होने तक रहेंगे सीज

निरीक्षण के दौरान कुल 608 कैन को सीज कर दिया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई केवल एहतियाती कदम है और अंतिम निर्णय प्रयोगशाला की जांच रिपोर्ट मिलने के बाद लिया जाएगा।

नमूनों को बीकानेर स्थित जन स्वास्थ्य प्रयोगशाला भेजा गया है, जहां गुणवत्ता और लेबलिंग से जुड़े मानकों की जांच की जाएगी।

FSSAI नियमों को लेकर उठे सवाल

डॉ. पुखराज साध के अनुसार, भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) के नियमों के तहत कैफीनयुक्त पेय पदार्थों के लेबल पर कुछ विशेष दावे करना प्रतिबंधित है।

इनमें शामिल हैं—

  • "Stimulates Mind" (दिमाग को उत्तेजित करता है)
  • "Energizes Body" (शरीर को ऊर्जा देता है)
  • "Energy Drink"
  • "Sports Drink"

एफएसएसएआई का मानना है कि इस तरह के दावे उपभोक्ताओं को भ्रमित कर सकते हैं और इन्हें भ्रामक प्रचार (Misleading Claims) की श्रेणी में रखा जाता है।

पहले भी कंपनियों को जारी हो चुके हैं नोटिस

खाद्य सुरक्षा विभाग के अनुसार, इसी प्रकार के लेबलिंग और प्रचार संबंधी मुद्दों को लेकर FSSAI पहले भी कई प्रमुख बेवरेज कंपनियों को नोटिस जारी कर चुका है और उनसे स्पष्टीकरण मांगा जा चुका है।

बीकानेर की यह कार्रवाई भी इसी अभियान का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करना है।

किन लोगों के लिए हो सकता है अधिक जोखिम?

डॉ. साध ने बताया कि अधिक कैफीन वाले पेय पदार्थ कुछ वर्गों के लिए स्वास्थ्य संबंधी जोखिम पैदा कर सकते हैं। इनमें विशेष रूप से—

  • गर्भवती महिलाएं
  • स्तनपान कराने वाली माताएं
  • बच्चे
  • कैफीन के प्रति संवेदनशील व्यक्ति

शामिल हैं। ऐसे लोगों को इन उत्पादों का सेवन सावधानी से करने की सलाह दी जाती है।

जांच रिपोर्ट के बाद होगी आगे की कार्रवाई

खाद्य सुरक्षा विभाग का कहना है कि प्रयोगशाला की रिपोर्ट आने के बाद यदि किसी प्रकार के नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

इस कार्रवाई में खाद्य सुरक्षा अधिकारी श्रवण कुमार वर्मा, भानु प्रताप सिंह, सुरेंद्र कुमार और राकेश गोदारा शामिल रहे।