प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग के एक बड़े मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए एम/एस लील इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (पूर्व में लॉयड इलेक्ट्रिक एंड इंजीनियरिंग लिमिटेड), उसके प्रमुख प्रमोटर भारत राज पुंज और उनसे जुड़े अन्य व्यक्तियों की करीब 112.90 करोड़ रुपये की चल और अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क (अटैच) कर लिया है।

जयपुर जोनल कार्यालय द्वारा धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत की गई इस कार्रवाई में देश के कई राज्यों के अलावा अमेरिका में स्थित एक आवासीय संपत्ति भी शामिल है। जांच एजेंसी का दावा है कि ये संपत्तियां कथित तौर पर अपराध से अर्जित धन (Proceeds of Crime) से खरीदी गई थीं।

किन-किन संपत्तियों को किया गया अटैच?

ईडी के अनुसार कुर्क की गई 22 संपत्तियों में—

दिल्ली , उत्तराखंड , गुजरात , मध्य प्रदेश , तेलंगाना , गोवा , महाराष्ट्र , तमिलनाडु में स्थित भूमि, औद्योगिक प्लॉट और आवासीय संपत्तियां शामिल हैं।

इसके अलावा अमेरिका के टेक्सास राज्य के ह्यूस्टन में स्थित एक आवासीय मकान को भी अटैच किया गया है। एजेंसी ने बैंक खातों में जमा राशि, फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) और म्यूचुअल फंड निवेश भी कुर्क किए हैं।

CBI की FIR के आधार पर शुरू हुई जांच

ईडी ने अपनी जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की थी।

सीबीआई ने कंपनी, उसके प्रमोटरों और वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया था।

जांच एजेंसियों के अनुसार कंपनी के प्रमोटरों और शीर्ष अधिकारियों ने कथित रूप से भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के नेतृत्व वाले बैंकिंग कंसोर्टियम के साथ धोखाधड़ी की।

बैंकों को हुआ ₹376 करोड़ का नुकसान

सीबीआई की चार्जशीट के मुताबिक कंपनी ने कथित तौर पर फर्जी और हेरफेर किए गए वित्तीय दस्तावेजों के आधार पर बैंकों से ऋण लिया।

इससे एसबीआई और आईडीबीआई बैंक को करीब 376 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।

ईडी की जांच में यह भी सामने आया कि कंपनी की बैलेंस शीट में संपत्तियों, स्टॉक और देय राशियों का मूल्य वास्तविकता से अधिक दिखाया गया, ताकि कंपनी आर्थिक रूप से मजबूत दिखाई दे और लगातार बैंक ऋण प्राप्त करती रहे।

शेल कंपनियों के जरिए धन ट्रांसफर का आरोप

जांच एजेंसी का कहना है कि बैंकों से प्राप्त धन को प्रमोटर परिवार के नियंत्रण वाली कंपनियों और कथित शेल कंपनियों के जरिए इधर-उधर भेजा गया।

इसके अलावा निवेश और ऋण के नाम पर बड़ी रकम विदेशों में स्थित सहायक कंपनियों को भी ट्रांसफर की गई।

ईडी के अनुसार इन विदेशी कंपनियों का नियंत्रण भारत राज पुंज के पास था और भेजी गई बड़ी राशि वापस भारत नहीं आई।

अमेरिका स्थित मकान भी जांच के दायरे में

ईडी ने टेक्सास के ह्यूस्टन शहर में स्थित एक आवासीय संपत्ति को भी कुर्क किया है।

जांच एजेंसी का दावा है कि यह मकान भारत राज पुंज और उनकी पत्नी पूजा पुंज के संयुक्त स्वामित्व में है तथा इसे कथित तौर पर अपराध से अर्जित धन से खरीदा गया था।

परिवार के नाम पर खरीदी गईं कई संपत्तियां

ईडी के मुताबिक कथित रूप से हेराफेरी की गई रकम से कई अचल संपत्तियां खरीदी गईं।

इनमें से कई संपत्तियां प्रमोटर परिवार के सदस्यों और उनसे जुड़ी कंपनियों के नाम पर दर्ज हैं।

जांच एजेंसी का यह भी कहना है कि कुछ संपत्तियां बाद में बेच दी गईं और उससे प्राप्त धन का उपयोग निजी तथा व्यावसायिक खर्चों में किया गया। इसमें भारत राज पुंज की मां रेणु पुंज को किए गए भुगतान भी जांच के दायरे में हैं।

आगे क्या होगा?

ईडी की ओर से संपत्तियों की अस्थायी कुर्की के बाद मामले की जांच जारी है। जांच पूरी होने और न्यायिक प्रक्रिया के दौरान यह तय होगा कि कुर्क की गई संपत्तियां स्थायी रूप से जब्त होंगी या नहीं। एजेंसी वित्तीय लेनदेन, विदेशी निवेश और कथित फंड डायवर्जन से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है।