Sambit Patra Press Conference: संबित पात्रा का कांग्रेस पर बड़ा हमला, बोले- सरदार पटेल के वोट चुराकर PM बने थे नेहरू
Sambit Patra News: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ INDIA गठबंधन के प्रतीकात्मक जन महाभियोग कार्यक्रम के बीच भाजपा ने कांग्रेस पर जोरदार पलटवार किया है। भाजपा सांसद और राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने शनिवार, 31 अक्टूबर 2026 को दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कांग्रेस और राहुल गांधी पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में पहली वोट चोरी जवाहरलाल नेहरू के समय हुई थी। पात्रा ने दावा किया कि सरदार वल्लभभाई पटेल को प्रधानमंत्री बनाने के पक्ष में कांग्रेस नेताओं का समर्थन था, लेकिन नेहरू प्रधानमंत्री बन गए। इसके साथ ही उन्होंने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया का बचाव करते हुए विपक्ष के आरोपों को खारिज किया।
संबित पात्रा ने INDIA गठबंधन के कार्यक्रम को मॉक पार्लियामेंट बताते हुए कहा कि कांग्रेस लोकतांत्रिक संस्थाओं और संसद का मजाक बना रही है। उन्होंने राहुल गांधी पर भी तंज कसा और कहा कि विपक्ष उन्हें जीवनभर मॉक प्रधानमंत्री बनाए रख सकता है।
नेहरू पर वोट चोरी का आरोप लगाकर कांग्रेस को घेरा
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान संबित पात्रा ने सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती का जिक्र करते हुए कांग्रेस के इतिहास पर सवाल उठाए।
उन्होंने दावा किया कि आजादी के बाद प्रधानमंत्री पद के चयन के दौरान कांग्रेस के कई नेताओं ने सरदार पटेल का समर्थन किया था, लेकिन जवाहरलाल नेहरू प्रधानमंत्री बन गए।
पात्रा ने इसे देश की पहली वोट चोरी करार देते हुए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे पर भी निशाना साधा।
भाजपा नेता के मुताबिक, कांग्रेस आज चुनावों में वोट चोरी का आरोप लगा रही है, जबकि उसके अपने इतिहास में भी ऐसे सवाल मौजूद हैं।
हालांकि, यह संबित पात्रा का राजनीतिक आरोप है। ऐतिहासिक रूप से 1946 में कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए हुई प्रक्रिया और प्रधानमंत्री चयन को सीधे तौर पर किसी सामान्य मतदान में वोट चोरी कहना विवादित व्याख्या है। उस समय कांग्रेस अध्यक्ष का चयन और अंतरिम सरकार के प्रमुख का निर्धारण अलग राजनीतिक प्रक्रियाओं से जुड़ा था।
राहुल गांधी को बताया मॉक प्रधानमंत्री
संबित पात्रा ने राहुल गांधी पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने INDIA गठबंधन के जन महाभियोग कार्यक्रम को राजनीतिक ड्रामा बताते हुए कहा कि कांग्रेस मॉक पार्लियामेंट के नाम पर संसद की गरिमा का मजाक बना रही है।
उन्होंने राहुल गांधी पर कटाक्ष करते हुए कहा कि उनमें राजनीतिक रूप से आगे बढ़ने की क्षमता नहीं है और उनका सैटेलाइट कभी लॉन्च नहीं होगा।
पात्रा ने तंज कसते हुए कहा कि राहुल गांधी को जीवनभर मॉक प्रधानमंत्री बनाए रखा जाए, भाजपा को इससे कोई आपत्ति नहीं है।
गौरतलब है कि INDIA गठबंधन ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ 31 अक्टूबर को प्रतीकात्मक जन महाभियोग कार्यक्रम आयोजित किया था। इसकी अध्यक्षता पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार ने की थी। कार्यक्रम में राहुल गांधी, सोनिया गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे समेत कई विपक्षी नेता शामिल हुए थे।
SIR पर Sambit पात्रा ने क्या कहा?
प्रेस कॉन्फ्रेंस में भाजपा सांसद ने विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR प्रक्रिया का भी बचाव किया।
उन्होंने दावा किया कि देश के अलग-अलग राज्यों में लगभग 13 करोड़ लोगों के नाम अभी अंतिम मतदाता सूची में शामिल नहीं हैं। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची को सही और पारदर्शी बनाने के लिए चुनाव आयोग द्वारा सत्यापन किया जा रहा है।
पात्रा ने SIR प्रक्रिया में इस्तेमाल होने वाली ASDD श्रेणियों का भी उल्लेख किया। उनके मुताबिक, इसमें मतदाता के अनुपस्थित होने, स्थायी रूप से दूसरी जगह चले जाने और मृत्यु जैसी स्थितियों को ध्यान में रखा जाता है।
उन्होंने कहा कि बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) मतदाता के पते पर तीन बार जाकर गणना फॉर्म देने और जानकारी जुटाने की कोशिश करता है। यदि संबंधित व्यक्ति तीनों बार नहीं मिलता तो उसे अनुपस्थित श्रेणी में रखा जा सकता है।
भाजपा का कहना है कि इस प्रक्रिया का उद्देश्य मतदाता सूची में मौजूद गलत और पुराने रिकॉर्ड को ठीक करना है।
2.8 करोड़ मृत मतदाताओं के नाम हटाने का दावा
संबित पात्रा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया कि SIR प्रक्रिया के दौरान लगभग 2.8 करोड़ मृत व्यक्तियों के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं।
उन्होंने कहा कि मृत मतदाताओं के नाम सूची में बने रहने से फर्जी मतदान की आशंका रहती है। इसलिए मतदाता सूची को अपडेट करना जरूरी है।
पात्रा ने पश्चिम बंगाल का भी जिक्र किया और आरोप लगाया कि वहां मृत लोगों के नाम पर फर्जी मतदान होता रहा है।
हालांकि, 2.8 करोड़ नाम हटाने का आंकड़ा भाजपा नेता द्वारा दिया गया दावा है। इसे पूरे देश में अंतिम रूप से प्रमाणित आंकड़ा मानने से पहले चुनाव आयोग के आधिकारिक राज्यवार आंकड़ों से मिलान करना जरूरी है।
छह करोड़ लोगों ने Form-6 के लिए आवेदन किया: पात्रा
भाजपा नेता ने मतदाता सूची में नाम शामिल कराने की प्रक्रिया पर भी अपनी बात रखी।
उन्होंने दावा किया कि जिन लोगों के नाम मतदाता सूची में शामिल नहीं हैं, वे फॉर्म-6 भरकर अपना नाम जुड़वा सकते हैं।
पात्रा के अनुसार, लगभग छह करोड़ लोगों ने फॉर्म-6 के लिए आवेदन किया है। उन्होंने कहा कि जिन योग्य नागरिकों के नाम सूची में शामिल नहीं हैं, उन्हें निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन करना चाहिए।
उन्होंने फॉर्म-6 के साथ जोड़े गए घोषणा पत्र को लेकर विपक्ष की आपत्तियों पर भी जवाब दिया। पात्रा का कहना था कि इस प्रक्रिया का उद्देश्य मतदाता की पात्रता की पुष्टि करना है।
चुनाव आयोग की नियुक्ति और कानूनी सुरक्षा पर भी बोले Sambit पात्रा
प्रेस कॉन्फ्रेंस में संबित पात्रा ने मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति तथा उनके फैसलों को लेकर विपक्ष के आरोपों का भी जवाब दिया।
उन्होंने दावा किया कि चुनाव आयोग के तीनों आयुक्तों ने मिलकर फैसले लिए और इस संबंध में जानकारी साझा की थी।
मुख्य चुनाव आयुक्त को कानूनी सुरक्षा देने के मुद्दे पर पात्रा ने कहा कि भाजपा ने कोई ऐसी नई व्यवस्था नहीं बनाई है, जो पहले से मौजूद संवैधानिक और कानूनी प्रावधानों के बिल्कुल विपरीत हो।
उन्होंने अगस्त 2023 में तेलंगाना की एक विशेष अदालत से जुड़े मामले का भी उल्लेख किया। उनके मुताबिक, मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने से संबंधित आदेश को बाद में हाईकोर्ट ने रद्द कर दिया था।
पात्रा ने कहा कि चुनाव आयुक्तों के कामकाज और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया को स्पष्ट करने के लिए संबंधित कानून बनाया गया है।
SIR विवाद पर भाजपा और INDIA गठबंधन आमने-सामने
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर भाजपा और विपक्ष के बीच राजनीतिक टकराव लगातार बढ़ रहा है।
एक तरफ INDIA गठबंधन का आरोप है कि SIR प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची से योग्य नागरिकों के नाम हटाए जा रहे हैं और चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठते हैं।
दूसरी तरफ भाजपा का कहना है कि मतदाता सूची का सत्यापन लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करने के लिए जरूरी है। पार्टी विपक्ष के आरोपों को राजनीतिक ड्रामा बता रही है।
संबित पात्रा की प्रेस कॉन्फ्रेंस ने इस विवाद को एक नया राजनीतिक मोड़ दे दिया है। अब देखना होगा कि चुनाव आयोग इन आरोपों और सवालों पर क्या प्रतिक्रिया देता है और विपक्ष अपने आंदोलन को आगे किस तरह बढ़ाता है।
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