अमरोहा : एक ही बैंक्वेट हॉल में कहीं वैदिक मंत्र गूंज रहे थे तो कहीं काजी की मौजूदगी में निकाह की रस्म पूरी हो रही थी। एक तरफ नवविवाहित जोड़े अग्नि को साक्षी मानकर सात फेरे ले रहे थे, वहीं दूसरी तरफ ‘कुबूल है’ की आवाज के साथ नए रिश्ते जुड़ रहे थे। अमरोहा जनपद के हसनपुर में आयोजित Amroha Samuhik Vivah समारोह में 180 जोड़े विवाह के बंधन में बंधे।

मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत आयोजित इस कार्यक्रम ने कौमी एकता की तस्वीर भी पेश की। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए यह आयोजन राहत और खुशी का अवसर बना।

Amroha Samuhik Vivah में 180 जोड़ों की हुई शादी

हसनपुर में आयोजित सामूहिक विवाह समारोह में कुल 180 जोड़ों की शादी संपन्न कराई गई। हिंदू रीति-रिवाज से विवाह करने वाले जोड़ों ने वैदिक मंत्रोच्चार और शंखध्वनि के बीच अग्नि के सात फेरे लिए।

वहीं मुस्लिम समुदाय के जोड़ों के लिए निकाह की व्यवस्था की गई थी। काजी ने धार्मिक परंपराओं के अनुसार निकाह पढ़ाया और दूल्हा-दुल्हन ने ‘कुबूल है’ कहकर एक-दूसरे को जीवनसाथी स्वीकार किया।

हसनपुर सामूहिक विवाह में दिखी कौमी एकता

एक ही परिसर में अलग-अलग धार्मिक परंपराओं के अनुसार विवाह की रस्में पूरी होना समारोह का खास आकर्षण रहा। प्रशासन की ओर से दोनों समुदायों के जोड़ों के लिए उनकी मान्यताओं के अनुसार व्यवस्थाएं की गई थीं।

समारोह में बड़ी संख्या में नवविवाहित जोड़ों के परिवार और रिश्तेदार भी पहुंचे। विवाह की रस्मों के दौरान पूरे परिसर में उत्सव जैसा माहौल दिखाई दिया।

विधायक और डीएम ने नवविवाहित जोड़ों को दिया आशीर्वाद

Amroha Samuhik Vivah कार्यक्रम में हसनपुर विधायक महेंद्र सिंह खड़गवंशी और जिलाधिकारी डॉ. नितिन गौड़ समेत कई प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।

जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने नवविवाहित जोड़ों को नए जीवन की शुभकामनाएं दीं और उनके सुखद वैवाहिक जीवन की कामना की।

विधायक महेंद्र सिंह खड़गवंशी ने कहा कि सरकार बिना किसी भेदभाव के आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों की शादी में सहयोग कर रही है। उन्होंने योजना के तहत एक लाख रुपये की आर्थिक मदद दिए जाने की बात कही।

गरीब परिवारों के लिए सहारा बनी मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना

महंगी होती शादी की व्यवस्थाओं के बीच आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए सामूहिक विवाह योजना को बड़ी मदद के रूप में देखा जा रहा है। हसनपुर में एक साथ 180 जोड़ों की शादी ने कई परिवारों को विवाह से जुड़े आर्थिक दबाव से राहत दी।

कार्यक्रम के दौरान प्रशासन की ओर से विवाह की रस्मों और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का इंतजाम किया गया। अधिकारियों ने आयोजन की व्यवस्थाओं पर भी नजर बनाए रखी।