Tripura BSF Attack: त्रिपुरा में BSF जवानों पर भीड़ का हमला, हथियार छीनने की कोशिश; 3 महिलाओं समेत 9 गिरफ्तार
Tripura BSF Attack News:भारत-बांग्लादेश सीमा पर तैनात सीमा सुरक्षा बल (BSF) के जवानों पर हमले की एक गंभीर घटना सामने आई है। त्रिपुरा के सिपाहीजाला जिले के अशाबाड़ी गांव में स्थानीय लोगों की भीड़ ने BSF जवानों पर हमला कर दिया। इस दौरान जवानों के साथ मारपीट की गई और उनके हथियार छीनने की कोशिश भी हुई। घटना में एक कंपनी कमांडर समेत तीन BSF जवान घायल हो गए। पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए तीन महिलाओं समेत नौ लोगों को गिरफ्तार किया है।
यह घटना 2 नवंबर 2026 को बॉक्सानगर इलाके में हुई थी। घटना के बाद इलाके में तनाव फैल गया। त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने BSF जवानों पर हुए हमले की कड़ी निंदा की और आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
Tripura में BSF जवानों पर क्यों हुआ हमला?
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, अशाबाड़ी बॉर्डर आउटपोस्ट (BOP) पर तैनात BSF की 49वीं बटालियन के जवानों और स्थानीय लोगों के बीच तस्करी से जुड़े एक मामले को लेकर विवाद शुरू हुआ था।
बताया जा रहा है कि BSF जवानों ने तस्करी के संदेह में एक स्थानीय व्यक्ति हेफजुर रहमान को रोका था। इसी दौरान एक जवान द्वारा उसके साथ कथित तौर पर लाठी से मारपीट किए जाने का आरोप लगा।
इस घटना से स्थानीय लोग नाराज हो गए और उन्होंने बॉक्सानगर-रहीमपुर सड़क पर जाम लगा दिया। इसके बाद मौके पर पहुंचे BSF अधिकारियों और जवानों को भीड़ के विरोध का सामना करना पड़ा।
मामला इतना बढ़ गया कि भीड़ ने जवानों के साथ मारपीट शुरू कर दी और उनके सरकारी वाहन में भी तोड़फोड़ की।
भीड़ ने हथियार छीनने की भी की कोशिश
इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है। वीडियो में भीड़ को BSF जवानों और उनके वाहन पर हमला करते हुए देखा जा सकता है।
रिपोर्टों के मुताबिक, हमलावरों ने लाठी और बांस के डंडों से जवानों पर हमला किया। इस दौरान एक जवान का हथियार छीनने की कोशिश भी की गई। कुछ रिपोर्टों के अनुसार, एक सर्विस हथियार भी भीड़ के कब्जे में चला गया था, जिसे बाद में बरामद कर लिया गया।
इस हमले में असिस्टेंट कमांडेंट रोहित कुमार सहित तीन BSF जवान घायल हुए। शुरुआती रिपोर्टों में चार BSF कर्मियों के घायल होने की भी जानकारी सामने आई थी।
घायलों को पहले बॉक्सानगर स्वास्थ्य केंद्र में प्राथमिक उपचार दिया गया। बाद में उन्हें बेहतर इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया।
3 महिलाओं समेत 9 आरोपी गिरफ्तार
BSF जवानों पर हमले के मामले में त्रिपुरा पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। 3 नवंबर को सामने आई नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस ने इस मामले में नौ लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें तीन महिलाएं भी शामिल हैं।
पुलिस ने घटना के संबंध में स्थानीय थाने में शिकायतें दर्ज की हैं। BSF और स्थानीय ग्रामीणों की ओर से भी शिकायत दर्ज कराए जाने की जानकारी सामने आई है।
पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और मामले की जांच शुरू कर दी है। जांच के दौरान हिंसा में शामिल अन्य लोगों की पहचान करने की भी कोशिश की जा रही है।
इस मामले में पुलिस का कहना है कि दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री माणिक साहा ने हमले की निंदा की
त्रिपुरा के मुख्यमंत्री डॉ. माणिक साहा ने BSF जवानों पर हुए हमले को गंभीर और अस्वीकार्य बताया है।
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा कि अशाबाड़ी में BSF जवानों पर हुआ हमला बेहद निंदनीय है। सुरक्षा बलों के जवान देश की सुरक्षा के लिए कठिन परिस्थितियों में अपनी जिम्मेदारी निभाते हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस मामले में नौ आरोपियों की गिरफ्तारी की खबर सामने आने से पहले उन्होंने आठ आरोपियों की गिरफ्तारी की जानकारी साझा की थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि घटना में शामिल सभी लोगों को कानून के दायरे में लाया जाएगा।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को दोषियों के खिलाफ तेजी से और सख्त कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए।
भारत-बांग्लादेश सीमा पर सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता
त्रिपुरा की सीमा बांग्लादेश से लगती है। ऐसे में इस क्षेत्र में सीमा सुरक्षा बल की भूमिका काफी महत्वपूर्ण है।
सीमा पर तस्करी, अवैध गतिविधियों और अन्य सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए BSF के जवान लगातार निगरानी करते हैं।
अशाबाड़ी में हुई घटना ने सीमा पर तैनात जवानों की सुरक्षा और स्थानीय स्तर पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
सुरक्षा एजेंसियों के सामने अब यह चुनौती है कि सीमा पर तस्करी जैसी गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण बनाए रखते हुए स्थानीय लोगों के साथ भी बेहतर समन्वय स्थापित किया जाए।
फिलहाल इलाके में स्थिति नियंत्रण में
घटना के बाद पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने इलाके में स्थिति पर नजर रखी। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया।
प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, इलाके में स्थिति अब नियंत्रण में है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और हिंसा में शामिल लोगों की भूमिका का पता लगाया जा रहा है।
यह भी पढ़ें - Dhirendra Shastri Controversy:अखिलेश ने की कार्यक्रम रद्द की मांग