Dhirendra Shastri Controversy: धीरेंद्र शास्त्री के नए वीडियो पर भड़के अखिलेश यादव, देशभर में कार्यक्रम रद्द करने की मांग
Dhirendra Shastri Controversy: बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री एक बार फिर अपने बयान को लेकर विवादों में घिर गए हैं। भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण को लेकर पहले दिए गए बयान का विवाद अभी पूरी तरह शांत भी नहीं हुआ था कि अब भगवान श्रीराम के पिता को लेकर उनका एक नया वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। इस वीडियो को लेकर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने धीरेंद्र शास्त्री के खिलाफ कार्रवाई करने और देशभर में उनके सभी कार्यक्रम रद्द करने की मांग की है।
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर वीडियो साझा करते हुए कहा कि धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाली टिप्पणियां स्वीकार नहीं की जा सकतीं। उन्होंने इसे सनातन विरोधी गतिविधि बताते हुए सवाल उठाया कि आखिर ऐसे बयान किसके संरक्षण में दिए जा रहे हैं। इस पूरे मामले ने एक बार फिर धार्मिक और राजनीतिक बहस को तेज कर दिया है।
Dhirendra Shastri के नए वीडियो में क्या है?
दरअसल, सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे नए वीडियो में धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री भगवान श्रीराम के पांच पिता होने की बात कहते दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने कथा के दौरान कहा कि रामजी के पांच पिताजी थे और यह बात बड़ी विचित्र है।
उन्होंने आगे इस बात को समझाते हुए राजा दशरथ का उदाहरण दिया। वीडियो में वह कहते दिखाई देते हैं कि दशरथ जी के प्राण चले गए, लेकिन भगवान श्रीराम ने उनकी अंतिम क्रिया नहीं की।
इस टिप्पणी के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कई लोग इस बयान के संदर्भ और धार्मिक व्याख्या पर सवाल उठा रहे हैं। वहीं, इस मामले को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आने लगी हैं।
अखिलेश यादव ने क्यों की कार्यक्रम रद्द करने की मांग?
समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने इस वीडियो पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में धीरेंद्र शास्त्री पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले भगवान श्रीकृष्ण को लेकर विवादित वीडियो सामने आया और अब भगवान श्रीराम के पिता को लेकर आपत्तिजनक बातें कही जा रही हैं।
अखिलेश यादव ने सवाल उठाया कि ऐसे लोग किसके कहने पर सक्रिय हैं और उनके राजनीतिक संरक्षकों को इस तरह की बातें कैसे स्वीकार हैं।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वाली गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए। अखिलेश ने देशभर में धीरेंद्र शास्त्री के सभी कार्यक्रम रद्द करने और उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग भी की।
उनके इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में भी मामले को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
पहले भगवान श्रीकृष्ण को लेकर भी हुआ था विवाद
धीरेंद्र शास्त्री का यह पहला विवाद नहीं है। इससे पहले मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के करैरा में आयोजित श्रीराम कथा के दौरान भगवान श्रीराम और भगवान श्रीकृष्ण की तुलना को लेकर भी विवाद खड़ा हुआ था।
वायरल वीडियो में धीरेंद्र शास्त्री भगवान श्रीकृष्ण की त्रिभंगी मुद्रा और भगवान श्रीराम के सीधे खड़े होने की शैली की तुलना करते दिखाई दिए थे।
उन्होंने कहा था कि भगवान श्रीराम सीधे खड़े होते हैं, जबकि भगवान श्रीकृष्ण तीन जगह से टेढ़े दिखाई देते हैं। उन्होंने दोनों की शैली और उनके स्वरूप को लेकर टिप्पणी की थी।
इस बयान के बाद ब्रज क्षेत्र के संतों, कृष्ण भक्तों और यादव समाज के कई लोगों ने आपत्ति जताई थी। लोगों का कहना था कि भगवान श्रीराम और भगवान श्रीकृष्ण दोनों ही श्रद्धा के केंद्र हैं और उनकी तुलना इस तरह नहीं की जानी चाहिए।
विवाद बढ़ने पर धीरेंद्र शास्त्री ने मांगी थी माफी
भगवान श्रीकृष्ण को लेकर दिए गए बयान पर विवाद बढ़ने के बाद धीरेंद्र शास्त्री ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर सफाई दी थी।
उन्होंने कहा था कि उनकी टिप्पणी का उद्देश्य भगवान श्रीराम और भगवान श्रीकृष्ण के बीच किसी तरह का अंतर पैदा करना नहीं था। उन्होंने अपने बयान को भक्तिभाव और विनोद के संदर्भ में की गई व्याख्या बताया था।
धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि वह स्वयं भगवान श्रीकृष्ण के भक्त हैं और श्रीमद्भागवत कथा भी सुनाते हैं। अगर उनकी बातों से किसी की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं तो वह इसके लिए क्षमा मांगते हैं।
हालांकि, उनकी इस सफाई के बावजूद विवाद पूरी तरह शांत नहीं हुआ। अखिलेश यादव और कई अन्य नेताओं ने इस मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग जारी रखी।
तेजस्वी यादव और अन्य नेताओं ने भी जताई नाराजगी
भगवान श्रीकृष्ण को लेकर दिए गए पुराने बयान पर बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री और आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने भी नाराजगी जताई थी।
तेजस्वी यादव ने टिप्पणी को अशोभनीय, अक्षम्य और अमर्यादित बताया था। उन्होंने कहा था कि भगवान श्रीराम और भगवान श्रीकृष्ण एक-दूसरे के पूरक हैं और उन्हें अलग-अलग करके देखना उचित नहीं है।
वहीं, कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने भी धीरेंद्र शास्त्री के बयान की आलोचना की थी।
इस पूरे घटनाक्रम ने धार्मिक कथाओं में सार्वजनिक टिप्पणियों की मर्यादा और राजनीतिक नेताओं की प्रतिक्रियाओं को लेकर नई बहस शुरू कर दी है।
क्या देशभर में रद्द होंगे धीरेंद्र शास्त्री के कार्यक्रम?
अखिलेश यादव ने धीरेंद्र शास्त्री के देशभर में होने वाले कार्यक्रमों को रद्द करने की मांग की है। हालांकि, फिलहाल उनकी मांग को लेकर किसी आधिकारिक प्रतिबंध या सभी कार्यक्रम रद्द किए जाने के आदेश की पुष्टि नहीं हुई है।
किसी भी धार्मिक आयोजन की अनुमति रद्द करने का निर्णय संबंधित प्रशासन और सक्षम अधिकारियों के अधिकार क्षेत्र में आता है।
ऐसे में अब देखना होगा कि इस विवाद पर प्रशासनिक स्तर पर क्या कदम उठाए जाते हैं और धीरेंद्र शास्त्री की ओर से नए वीडियो को लेकर कोई अतिरिक्त स्पष्टीकरण दिया जाता है या नहीं।
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