Jharkhand Bandh : झारखंड में JPSC और JSSC प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर चल रहा छात्रों का आंदोलन अब राजनीतिक टकराव में बदलता नजर आ रहा है। विधानसभा घेराव के दौरान पुलिस कार्रवाई के आरोपों के बाद BJP ने मंगलवार, 11 अगस्त को राज्यव्यापी बंद का ऐलान किया है।
पार्टी ने सुबह 8 बजे से रात 11 बजे तक बंद का आह्वान किया है। BJP का कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई लोकतांत्रिक विरोध को दबाने की कोशिश है।
Jharkhand Bandh क्यों बुलाया गया?
JPSC-JSSC परीक्षाओं को लेकर बड़ी संख्या में अभ्यर्थी लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। सोमवार को छात्रों ने विधानसभा घेराव का कार्यक्रम रखा था। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तनाव की स्थिति बनी।
रिपोर्टों के मुताबिक, पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पानी की बौछार और आंसू गैस का इस्तेमाल किया। बाद में लाठीचार्ज भी किया गया। प्रदर्शनकारी बैरिकेड पार कर विधानसभा की ओर बढ़ने की कोशिश कर रहे थे।
इसी पुलिस कार्रवाई के विरोध में BJP ने बंद का फैसला लिया है।
BJP ने सरकार पर साधा निशाना
BJP नेताओं ने कहा कि सरकार को छात्रों की मांगों पर बातचीत करनी चाहिए और उनकी शिकायतों का समाधान निकालना चाहिए। पार्टी ने पुलिस कार्रवाई के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग भी की है।
BJP का आरोप है कि छात्रों की आवाज सुनने के बजाय सरकार आंदोलन को दबाने की कोशिश कर रही है। वहीं राज्य सरकार की ओर से प्रदर्शन को लेकर अलग पक्ष सामने आया है और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने छात्रों को राजनीतिक नैरेटिव से सावधान रहने की अपील की है।
अमर कुमार बाउरी ने सरकार पर लगाया बड़ा आरोप
BJP के राज्य महासचिव अमर कुमार बाउरी ने भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि BJP नेता छात्रों से जुड़े मुद्दों पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मिलने पहुंचे थे, लेकिन उन्हें लंबे समय तक इंतजार कराया गया।
बाउरी ने आरोप लगाया कि सरकार विरोध की आवाज को बर्दाश्त नहीं कर रही है। उन्होंने इसे राजनीतिक रूप से भी गंभीर मुद्दा बताते हुए कहा कि BJP इस पूरे घटनाक्रम को आने वाले चुनावों में जनता के बीच उठाएगी।
JPSC-JSSC अभ्यर्थियों की क्या मांग है?
प्रदर्शनकारी अभ्यर्थी भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच, कुछ परीक्षाओं को रद्द करने और पूरे मामले की स्वतंत्र जांच जैसी मांगें उठा रहे हैं। आंदोलन जुलाई के अंत से लगातार तेज हुआ है और सोमवार को विधानसभा मार्च के बाद स्थिति ज्यादा तनावपूर्ण हो गई।
सरकार का कहना है कि छात्रों की कई मांगों पर पहले ही काम किया जा चुका है और बातचीत के जरिए बाकी मुद्दों का समाधान निकाला जा सकता है। इसी बीच सोमवार के प्रदर्शन के बाद राजनीतिक बयानबाजी और तेज हो गई है।
रांची में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी
विधानसभा घेराव को देखते हुए रांची में पहले से ही सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई थी। विधानसभा के आसपास बैरिकेडिंग और तार की बाड़ लगाई गई थी। प्रशासन ने प्रदर्शन को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बल भी तैनात किए थे।
अब मंगलवार को BJP के बंद के ऐलान के बाद राज्य के अलग-अलग हिस्सों में प्रशासन की चुनौती बढ़ गई है। लोगों की नजर इस बात पर रहेगी कि बंद का असर बाजार, यातायात और रोजमर्रा की गतिविधियों पर कितना पड़ता है।