कोलकाता : पश्चिम बंगाल विधानसभा में सिग्नेचर मिसमैच (Signature Mismatch Case) से जुड़े मामले में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के राष्ट्रीय महासचिव और लोकसभा सांसद अभिषेक बनर्जी से रविवार को सीआईडी अधिकारियों ने लंबी पूछताछ की। करीब साढ़े आठ घंटे तक चली पूछताछ के बाद अभिषेक बनर्जी रात करीब 8:20 बजे भवानी भवन स्थित सीआईडी मुख्यालय से बाहर निकले।

इस दौरान बेलेघाटा से तृणमूल कांग्रेस विधायक कुणाल घोष से भी करीब चार घंटे तक पूछताछ की गई। जांच एजेंसी ने दोनों नेताओं को आमने-सामने बैठाकर भी सवाल-जवाब किए।

सुबह तय समय से पहले पहुंचे थे अभिषेक बनर्जी

सीआईडी ने अभिषेक बनर्जी को रविवार दोपहर तक पेश होने के लिए कहा था। हालांकि, तृणमूल कांग्रेस सांसद निर्धारित समय से पहले ही कोलकाता स्थित भवानी भवन पहुंचे।

सुबह करीब 11:43 बजे उनकी गाड़ी सीआईडी मुख्यालय पहुंची। दफ्तर में प्रवेश करने से पहले उन्होंने रिसेप्शन पर अपनी पहचान संबंधी औपचारिकताएं पूरी कीं और उपस्थिति रजिस्टर पर हस्ताक्षर भी किए।

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पहले भी हो चुकी है पूछताछ

यह पहली बार नहीं है जब अभिषेक बनर्जी से इस मामले में पूछताछ की गई है। इससे पहले 11 जून को भी वह इसी मामले में सीआईडी अधिकारियों के सामने पेश हुए थे। उस दिन उनसे करीब साढ़े पांच घंटे तक पूछताछ की गई थी।

रविवार को हुई पूछताछ को मामले में दूसरा दौर माना जा रहा है।

कुणाल घोष से भी पूछताछ

टीएमसी विधायक कुणाल घोष से भी इस मामले में करीब चार घंटे तक पूछताछ की गई। सीआईडी मुख्यालय से बाहर निकलने के बाद उन्होंने कहा कि उन्होंने जांच एजेंसी को पूरा सहयोग दिया है।

उन्होंने बताया कि सीआईडी अधिकारियों ने उनसे और अभिषेक बनर्जी से आमने-सामने बैठाकर भी पूछताछ की। हालांकि, उन्होंने मामले के बारे में अधिक जानकारी साझा करने से इनकार कर दिया।

ममता बनर्जी के आवास पहुंचे कुणाल घोष

सीआईडी कार्यालय से निकलने के बाद कुणाल घोष सीधे कालीघाट स्थित मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी के आवास पहुंचे।

मीडिया से संक्षिप्त बातचीत में उन्होंने कहा कि वह इस मामले में गवाह हैं और जांच एजेंसी द्वारा मांगी गई सभी जानकारियां उपलब्ध करा चुके हैं।

हाई कोर्ट ने दिए थे जांच में सहयोग के निर्देश

कलकत्ता हाई कोर्ट ने अभिषेक बनर्जी को इस मामले में राज्य पुलिस के इंटेलिजेंस विभाग और सीआईडी की जांच में सहयोग करने का निर्देश दिया था।

साथ ही अदालत ने यह भी स्पष्ट किया था कि अगले दो सप्ताह तक जांच एजेंसी उनके खिलाफ कोई कठोर कार्रवाई नहीं करेगी। इसी आदेश के तहत अभिषेक बनर्जी पूछताछ के लिए सीआईडी मुख्यालय पहुंचे।

भवानी भवन में बढ़ाई गई सुरक्षा

पूछताछ के मद्देनजर भवानी भवन परिसर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी। अतिरिक्त राज्य पुलिस बल के साथ-साथ केंद्रीय सुरक्षा बलों की भी तैनाती की गई थी।

रविवार को अवकाश होने के बावजूद कई वरिष्ठ सीआईडी अधिकारी सुबह से ही कार्यालय पहुंच गए थे और पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए थे।

जांच पर बनी हुई है राजनीतिक नजर

पश्चिम बंगाल की राजनीति में इस मामले को लेकर लगातार हलचल बनी हुई है। सिग्नेचर मिसमैच मामले में चल रही जांच और उससे जुड़े घटनाक्रम पर राजनीतिक दलों और आम लोगों की नजरें टिकी हुई हैं।

फिलहाल, सीआईडी की ओर से पूछताछ के संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है और मामले की जांच जारी है।