बेंगलुरु/नई दिल्ली : केंद्र और कर्नाटक सरकार के बीच फंड आवंटन को लेकर जारी सियासी बहस के बीच केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने कांग्रेस सरकार के आरोपों का जवाब देते हुए कई आंकड़े सामने रखे हैं। उन्होंने कहा कि यह दावा तथ्यात्मक रूप से गलत है कि कर्नाटक केंद्र को अधिक राजस्व देने के बावजूद पर्याप्त वित्तीय सहायता नहीं प्राप्त कर रहा है।

वित्त मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने कर्नाटक को पिछले वर्षों में रिकॉर्ड स्तर पर आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई है।

2014 से 2026 के बीच मिले करीब 4 लाख करोड़ रुपये

निर्मला सीतारमण ने बताया कि वित्त आयोग की सिफारिशों के तहत करों के बंटवारे के माध्यम से वर्ष 2014 से 2026 के बीच कर्नाटक को लगभग 4 लाख करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं।

उन्होंने इसकी तुलना यूपीए सरकार के कार्यकाल से करते हुए कहा कि 2014 से पहले के दस वर्षों में राज्य को केवल 82 हजार करोड़ रुपये मिले थे। उनके अनुसार, मौजूदा अवधि में यह राशि करीब पांच गुना बढ़ी है।

अनुदान और सहायता में भी हुआ बड़ा इजाफा

केंद्रीय वित्त मंत्री के मुताबिक, वर्ष 2014 से 2026 के दौरान अनुदान और अन्य सहायता के रूप में कर्नाटक को 2.71 लाख करोड़ रुपये दिए गए हैं।

उन्होंने कहा कि यूपीए शासनकाल में यही राशि लगभग 60 हजार करोड़ रुपये थी। इस आधार पर उन्होंने दावा किया कि मौजूदा सरकार ने राज्यों को अधिक संसाधन उपलब्ध कराने की नीति अपनाई है।

कोविड के बाद शुरू हुई 50 साल की ब्याज मुक्त ऋण योजना

निर्मला सीतारमण ने कहा कि कोविड-19 महामारी के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यों की आर्थिक मजबूती को प्राथमिकता देते हुए 50 वर्षों की ब्याज मुक्त ऋण योजना शुरू की।

उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत वर्ष 2021 से अब तक कर्नाटक को 18 हजार करोड़ रुपये से अधिक की सहायता प्रदान की जा चुकी है। यह राशि वित्त आयोग की अनिवार्य व्यवस्था का हिस्सा नहीं है, बल्कि राज्यों में पूंजीगत निवेश और विकास कार्यों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से दी गई है।

वित्त वर्ष 2026-27 में 63 हजार करोड़ रुपये मिलने का प्रावधान

वित्त मंत्री ने कहा कि वित्त वर्ष 2026-27 में केवल करों के हिस्से के रूप में कर्नाटक को 63 हजार करोड़ रुपये मिलने का प्रावधान किया गया है।

उन्होंने दावा किया कि एक वर्ष में मिलने वाली यह राशि यूपीए सरकार के पूरे दस वर्षों में मिले कुल फंड से लगभग 76 प्रतिशत अधिक है।

सहकारी संघवाद में विश्वास रखती है केंद्र सरकार

निर्मला सीतारमण ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हमेशा सहकारी संघवाद (Cooperative Federalism) की अवधारणा में विश्वास रखते हैं।

उन्होंने हाल ही में आयोजित नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल बैठक का जिक्र करते हुए कहा कि इसमें सभी राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल हुए थे। प्रधानमंत्री ने बैठक में स्पष्ट किया था कि केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर 'विकसित भारत' के लक्ष्य को हासिल करेंगी।

कांग्रेस के आरोपों पर दिया जवाब

कर्नाटक की कांग्रेस सरकार लंबे समय से केंद्र पर राज्य के साथ वित्तीय भेदभाव का आरोप लगाती रही है। इसी मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए निर्मला सीतारमण ने कहा कि उपलब्ध आंकड़े इन आरोपों का समर्थन नहीं करते।

उन्होंने कहा कि भारत के विकास की यात्रा में केंद्र और राज्यों की साझी भूमिका है और दोनों के सहयोग से ही देश को विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य पूरा किया जा सकता है।

हालांकि, फंड आवंटन को लेकर केंद्र और कर्नाटक सरकार के बीच राजनीतिक बहस अभी भी जारी है और आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सियासी बयानबाजी और तेज हो सकती है।