कोलकाता : पश्चिम बंगाल की राजनीति में इन दिनों हलचल तेज है। तृणमूल कांग्रेस के महासचिव और लोकसभा सांसद अभिषेक बनर्जी को आने वाले तीन दिनों में केंद्रीय और राज्य जांच एजेंसियों के सामने लगातार पेश होना पड़ेगा। रविवार से शुरू होकर मंगलवार तक, उन्हें अलग-अलग मामलों में पूछताछ का सामना करना होगा, जिससे राज्य का राजनीतिक पारा चढ़ गया है।

हस्ताक्षर मिलान मामले में CID के सामने दूसरी बार पेशी

अभिषेक बनर्जी रविवार को पश्चिम बंगाल पुलिस के अपराध जांच विभाग (सीआईडी) मुख्यालय में हस्ताक्षर मिलान (सिग्नेचर मिसमैच) मामले में पूछताछ के लिए पेश होंगे। यह मामला पश्चिम बंगाल विधानसभा में जमा किए गए एक आधिकारिक दस्तावेज पर कुछ तृणमूल विधायकों के हस्ताक्षरों से जुड़ा है। यह इस मामले में अभिषेक बनर्जी की सीआईडी कार्यालय में दूसरी बार उपस्थिति होगी।

इससे पहले उन्हें 11 जून की शाम को इसी मामले में बुलाया गया था और उनसे लगभग छह घंटे तक पूछताछ की गई थी। उस समय कलकत्ता हाईकोर्ट की एकल पीठ (अवकाशकालीन बेंच) ने उन्हें 11 जून को शाम 6 बजे तक सीआईडी कार्यालय में पेश होने की समयसीमा तय की थी, जिसके बाद वे हाजिर हुए थे।

कुणाल घोष भी होंगे शामिल, संयुक्त पूछताछ की संभावना

पत्रकार से नेता बने तृणमूल कांग्रेस विधायक कुणाल घोष को भी हस्ताक्षर मिलान मामले में रविवार को दक्षिण कोलकाता के भवानी भवन स्थित सीआईडी मुख्यालय में पूछताछ के लिए बुलाया गया है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, सीआईडी के अधिकारी अभिषेक बनर्जी और कुणाल घोष से एक साथ पूछताछ कर सकते हैं। इस संभावना ने मामले की गंभीरता को और बढ़ा दिया है।

सोमवार को ईडी का सामना, स्कूल नौकरी घोटाला

अभिषेक बनर्जी के लिए पूछताछ का सिलसिला यहीं खत्म नहीं होगा। रविवार के बाद सोमवार को उन्हें पश्चिम बंगाल के कैश फॉर स्कूल जॉब मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा सॉल्ट लेक स्थित कार्यालय में पूछताछ के लिए बुलाया गया है। ईडी ने उन्हें इस मामले में 3 जून को नोटिस जारी किया था, जिसमें कथित स्कूल नौकरी घोटाले से जुड़े वित्तीय लेन-देन की जांच की जा रही है।

मंगलवार को फिर CID के समक्ष, अमित शाह धमकी मामला

लगातार तीसरे दिन, यानी मंगलवार को भी अभिषेक बनर्जी को एक अन्य मामले में सीआईडी मुख्यालय में फिर से पेश होना होगा। यह मामला विधानसभा चुनाव से पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को कथित रूप से धमकाने और हिंसा भड़काने के आरोपों से जुड़ा है। इस मामले में सीआईडी अधिकारियों ने उन्हें 12 जून की शाम को नोटिस भेजा था।

ये लगातार तीन दिन की पूछताछ अभिषेक बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। जांच एजेंसियों की यह सक्रियता पश्चिम बंगाल की राजनीतिक फिजां में नई चर्चाओं को जन्म दे रही है।