Ram Mandir Trust Meeting : श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की न्यासी मंडल की बैठक में मंदिर प्रशासन, श्रद्धालुओं की सुविधाओं और भविष्य की व्यवस्थाओं से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। बैठक में सबसे अहम निर्णय मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर रहा। ट्रस्ट ने चयन समिति को प्रक्रिया पूरी करने के लिए एक महीने का अतिरिक्त समय देने की मंजूरी दे दी है। इसके अलावा चढ़ावा व्यवस्था, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के साथ हुए समझौते की समीक्षा, धार्मिक समिति के पुनर्गठन और ट्रस्ट के लिए आधिकारिक प्रवक्ता नियुक्त करने जैसे मुद्दों पर भी निर्णय लिए गए।
श्रावण मास में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के अयोध्या पहुंचने की संभावना को देखते हुए ट्रस्ट ने प्रशासनिक तैयारियों की भी समीक्षा की और व्यवस्थाओं को और मजबूत करने पर जोर दिया।
Ram Mandir Trust Meeting: सीईओ चयन प्रक्रिया क्यों बढ़ाई गई?
बैठक में ट्रस्ट को बताया गया कि मुख्य कार्यकारी अधिकारी के पद के लिए बड़ी संख्या में आवेदन प्राप्त हुए हैं। चयन समिति ने सभी आवेदनों का विस्तृत परीक्षण करने और उपयुक्त उम्मीदवार के चयन के लिए अतिरिक्त समय की मांग की थी।
न्यासी मंडल ने इस अनुरोध को स्वीकार करते हुए समिति को एक महीने का अतिरिक्त समय दे दिया। ट्रस्ट का कहना है कि इस दौरान मंदिर के प्रशासनिक कार्य प्रभावित न हों, इसलिए अस्थायी रूप से एक सचिव नियुक्त करने का भी निर्णय लिया गया है।
चढ़ावा व्यवस्था और एसआईटी जांच पर क्या हुई चर्चा?
बैठक में मंदिर में आने वाले चढ़ावे की गणना से जुड़े मामले पर भी चर्चा हुई। ट्रस्ट ने बताया कि इस मामले में कथित अनियमितताओं की जांच कर रहे विशेष जांच दल (SIT) की अंतिम रिपोर्ट अभी प्राप्त नहीं हुई है।
इसी कारण इस विषय पर कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया। ट्रस्ट ने यह भी बताया कि इस मामले से जुड़ी कुछ याचिकाएं उच्चतम न्यायालय में लंबित हैं और बैठक में न्यायालय के आदेशों का भी संज्ञान लिया गया।
SBI के साथ एमओयू की समीक्षा, वित्त समिति को दिए गए निर्देश
बैठक में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के साथ हुए एमओयू की भी समीक्षा की गई। ट्रस्ट के अनुसार, बैंक की जिम्मेदारियों के पालन में सामने आई कुछ त्रुटियों पर विस्तार से चर्चा हुई।
न्यासी मंडल ने इन मुद्दों पर बैंक की प्रतिक्रिया पर असंतोष जताते हुए ट्रस्ट की वित्त समिति को भविष्य की प्रक्रिया और बैंक के साथ कार्यप्रणाली की समीक्षा कर आवश्यक निर्णय लेने के निर्देश दिए।
सीसीटीवी सुरक्षा व्यवस्था पर ट्रस्ट ने जताया संतोष
श्रद्धालुओं की सुरक्षा और चढ़ावा व्यवस्था की पारदर्शिता को देखते हुए बैठक में मंदिर परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की भी समीक्षा की गई।
ट्रस्ट के अनुसार, चढ़ावा गणना कक्ष सहित सभी संवेदनशील स्थानों के कैमरों की पहुंच संबंधित सुरक्षा अधिकारियों के पास पहले से उपलब्ध है। न्यासी मंडल ने इस व्यवस्था पर संतोष व्यक्त किया और इसे जारी रखने का फैसला किया।
सोने-चांदी के चढ़ावे की जांच पहले की तरह जारी रहेगी
ट्रस्ट ने यह भी निर्णय लिया कि सोने और चांदी के रूप में मिलने वाले चढ़ावे की मात्रा और शुद्धता की जांच भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की सहायक संस्था की टकसाल (मिंट) के माध्यम से पहले की तरह जारी रहेगी।
ट्रस्ट का कहना है कि इससे चढ़ावे की जांच प्रक्रिया में पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनी रहेगी।
मीडिया से नियमित संवाद के लिए नियुक्त होगा आधिकारिक प्रवक्ता
बैठक में यह महसूस किया गया कि ट्रस्ट की गतिविधियों और निर्णयों को लेकर समाज और मीडिया तक आधिकारिक जानकारी समय पर पहुंचनी चाहिए। इसी उद्देश्य से ट्रस्ट ने आधिकारिक प्रवक्ता नियुक्त करने का फैसला किया।
इसके साथ ही न्यासी मंडल के रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया की भी समीक्षा की गई। ट्रस्ट के अनुसार, यह प्रक्रिया अगले कुछ सप्ताह में पूरी होने की उम्मीद है।
धार्मिक समिति का पुनर्गठन, कई संत बनाए गए सदस्य
मंदिर में पूजा-पद्धति और धार्मिक परंपराओं की प्रामाणिकता बनाए रखने के लिए ट्रस्ट ने धार्मिक समिति का पुनर्गठन किया है।
नई समिति की अध्यक्षता स्वामी श्री गोविंद देव गिरि जी करेंगे। समिति में विभिन्न पीठों और प्रमुख धार्मिक संस्थानों से जुड़े कई संतों और महंतों को सदस्य बनाया गया है। ट्रस्ट का कहना है कि समिति मंदिर में धार्मिक परंपराओं और अनुष्ठानों से जुड़े विषयों पर मार्गदर्शन देगी।
श्रद्धालुओं की संख्या को लेकर ट्रस्ट का दावा
बैठक में ट्रस्ट ने कहा कि विभिन्न प्रकार के आरोपों और दुष्प्रचार के बावजूद राम मंदिर में दर्शन करने आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में कोई कमी नहीं आई है। ट्रस्ट ने इसे देश-विदेश के रामभक्तों की आस्था का प्रतीक बताया और संत समाज, स्थानीय नागरिकों तथा श्रद्धालुओं के प्रति आभार व्यक्त किया।
श्रावण मास को देखते हुए ट्रस्ट का कहना है कि दर्शन व्यवस्था, सुरक्षा और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को और बेहतर बनाने के लिए प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां लगातार जारी रहेंगी।