कथित पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली को लेकर विवाद अब संसद तक पहुंच गया है। मानसून सत्र के दौरान लोकसभा में कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने स्थगन प्रस्ताव के जरिए केंद्र सरकार को घेरते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से सदन में बयान देने की मांग की। विपक्ष ने परीक्षा प्रणाली में सुधार, कथित पेपर लीक मामलों की जवाबदेही तय करने और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की भी मांग उठाई।
लोकसभा में उठे इस मुद्दे के साथ ही दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में चल रहे विरोध प्रदर्शन का भी जिक्र किया गया।
Paper Leak Issue: केसी वेणुगोपाल ने सरकार से क्या मांग की?
लोकसभा में स्थगन प्रस्ताव पेश करते हुए कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने कहा कि कथित पेपर लीक मामलों पर सरकार को सदन में विस्तृत बयान देना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि लगातार सामने आ रहे परीक्षा विवादों के बावजूद प्रभावी सुधार नहीं किए गए।
वेणुगोपाल ने मांग की कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान नैतिक और संवैधानिक जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए इस्तीफा दें। उन्होंने यह भी कहा कि नीट, सीबीएसई, परीक्षा से जुड़े आत्महत्या के मामलों और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े संकट पर संसद में विस्तृत चर्चा कराई जानी चाहिए।
छात्रों पर दर्ज मामलों को वापस लेने की भी मांग
कांग्रेस सांसद ने प्रदर्शन कर रहे छात्रों और युवाओं के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने की मांग भी की। उनका कहना था कि छात्रों की चिंताओं को गंभीरता से सुना जाना चाहिए और उनकी आवाज को दबाने के बजाय समाधान निकाला जाना चाहिए।
कार्रवाई नहीं होने का लगाया आरोप
केसी वेणुगोपाल ने आरोप लगाया कि कथित पेपर लीक मामलों में अब तक दोषियों के खिलाफ अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि कोचिंग सिंडिकेट, संबंधित अधिकारियों और अन्य जिम्मेदार लोगों के खिलाफ प्रभावी कदम नहीं उठाए गए।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि परीक्षा प्रणाली में लगातार सामने आ रही गड़बड़ियों के बावजूद शिक्षा मंत्री अपने पद पर बने हुए हैं, जो जवाबदेही के सिद्धांत के अनुरूप नहीं है।
CJP ने आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी
इस बीच, कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने दावा किया कि यदि छात्रों की मांगें पूरी नहीं की गईं तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि 20 जुलाई का प्रदर्शन केवल शुरुआत थी और आने वाले दिनों में बड़ी संख्या में लोग दिल्ली पहुंचकर आंदोलन में शामिल हो सकते हैं।
सरकार की प्रतिक्रिया का इंतजार
समाचार लिखे जाने तक कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों की ओर से लगाए गए आरोपों तथा शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर केंद्र सरकार या केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की ओर से कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी।