दिल्ली में छात्रों के प्रदर्शन और पुलिस के साथ हुई झड़प के बाद अब इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। सोशल मीडिया पर यह सवाल उठाया जा रहा था कि जब विपक्षी दल छात्रों के आंदोलन का समर्थन कर रहे हैं, तो क्या उनके नेता या उनके परिवार के सदस्य भी प्रदर्शन में शामिल हुए थे? इसी सवाल का जवाब देते हुए आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय प्रवक्ता अनुराग ढांडा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक वीडियो साझा किया और बीजेपी तथा कांग्रेस पर निशाना साधा।
ढांडा ने दावा किया कि आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के परिवार के सदस्य भी प्रदर्शन का हिस्सा बने। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन सिर्फ राजनीतिक नहीं, बल्कि छात्रों की आवाज है और जो भी उनके साथ खड़ा होना चाहता है, उसे उनका समर्थन करना चाहिए।
Anurag Dhanda ने पोस्ट में क्या कहा?
अनुराग ढांडा ने X पर पोस्ट करते हुए लिखा, "जो पूछ रहे थे कि आम आदमी पार्टी वालों के बच्चे प्रदर्शन में थे क्या? ये AAP सांसद संजय सिंह की बेटी है, जो बाकी छात्रों के साथ टियर गैस का सामना कर रही है। अरविंद केजरीवाल के भी दोनों बच्चे प्रदर्शन में शामिल थे। ये न बीजेपी है, न कांग्रेस है। ये आम आदमी पार्टी है।"
AAP की ओर से यह भी दावा किया गया कि दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के दोनों बच्चे भी आंदोलन में मौजूद थे। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
Anurag Dhanda बोले- यह किसी पार्टी का नहीं, छात्रों का आंदोलन है
अनुराग ढांडा ने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि इस आंदोलन की शुरुआत किसी राजनीतिक दल ने की है। उनके मुताबिक, यह देशभर के छात्रों का आंदोलन है, जो अपनी मांगों को लेकर एकजुट हुए हैं।
उन्होंने कहा कि शुरुआत में इस आंदोलन को न तो मीडिया ने ज्यादा कवरेज दी और न ही सरकार इसे महत्व देना चाहती थी। इसके बावजूद छात्र लगातार अपनी बात रखते रहे और आंदोलन आगे बढ़ता गया।
AAP नेता ने कहा कि यदि कोई राजनीतिक दल छात्रों की मांगों का समर्थन करना चाहता है, तो उसे उनके साथ खड़ा होना चाहिए। उनके अनुसार, यह समय राजनीति करने का नहीं बल्कि छात्रों की समस्याओं को सुनने और उनका समाधान तलाशने का है।
20 जुलाई के प्रदर्शन के बाद तेज हुई बहस
दिल्ली में 20 जुलाई को हुए प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प की घटनाएं सामने आई थीं। इस दौरान कई वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हुईं। इसके बाद यह बहस भी शुरू हो गई कि राजनीतिक दल आंदोलन में किस तरह शामिल हैं और उनके नेता किस भूमिका में हैं।
इसी बीच नेताओं के परिवारों की मौजूदगी को लेकर भी सवाल उठे, जिस पर आम आदमी पार्टी ने अब अपना पक्ष सार्वजनिक रूप से रखा है।
राजनीतिक बयानबाजी के बीच बढ़ा विवाद
छात्रों के आंदोलन को लेकर पिछले कुछ दिनों से अलग-अलग राजनीतिक दल लगातार बयान दे रहे हैं। विपक्षी दल परीक्षा प्रणाली, कथित पेपर लीक और छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठा रहे हैं। वहीं, सरकार की ओर से समय-समय पर अपने फैसलों और कार्रवाई का पक्ष रखा जाता रहा है।
इसी क्रम में अनुराग ढांडा का यह बयान भी राजनीतिक बहस का हिस्सा बन गया है। सोशल मीडिया पर उनके पोस्ट को लेकर समर्थक और विरोधी दोनों अपनी-अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं।