मुंबई: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने नीट परीक्षा से जुड़े विरोध-प्रदर्शनों के बीच कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना हर नागरिक का संवैधानिक अधिकार है, लेकिन किसी भी आंदोलन के दौरान हिंसा या सार्वजनिक व्यवस्था भंग करना स्वीकार्य नहीं हो सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक दल और संगठन आंदोलन का इस्तेमाल अपने राजनीतिक हितों के लिए करने की कोशिश कर रहे हैं।
मीडिया से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार अधिकृत और शांतिपूर्ण प्रदर्शनों का सम्मान करती है, लेकिन यदि किसी प्रदर्शन के दौरान हिंसा या कानून-व्यवस्था की स्थिति पैदा होती है तो प्रशासन कानून के अनुसार कार्रवाई करेगा।
विपक्ष पर लगाए राजनीतिक लाभ लेने के आरोप
फडणवीस ने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक दलों और संगठनों का उद्देश्य छात्रों की समस्याओं का समाधान नहीं, बल्कि आंदोलन के जरिए राजनीतिक माहौल बनाना है। उनके अनुसार, ऐसे तत्व विरोध-प्रदर्शनों का फायदा उठाकर अस्थिरता पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि जिन आंदोलनों का कोई स्पष्ट नेतृत्व नहीं होता, उनमें बाहरी या अवसरवादी तत्वों के शामिल होने की संभावना बढ़ जाती है। उनके मुताबिक, ऐसे लोग आंदोलन की मूल भावना से हटकर अपने राजनीतिक उद्देश्य पूरे करने का प्रयास करते हैं।
पुलिस कार्रवाई का किया बचाव
हाल में प्रदर्शन के दौरान हुई झड़पों और पुलिस कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देते हुए फडणवीस ने कहा कि किसी भी सरकार की इच्छा अपने नागरिकों के खिलाफ बल प्रयोग करने की नहीं होती। हालांकि, यदि हिंसा, पथराव या सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने जैसी घटनाएं होती हैं, तो कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस को आवश्यक कदम उठाने पड़ते हैं।
उन्होंने कहा कि पुलिस ने परिस्थितियों के अनुरूप कार्रवाई की और स्थिति को नियंत्रण में लाने का प्रयास किया।
शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वालों का भी किया उल्लेख
मुख्यमंत्री ने कहा कि आंदोलन में कई लोग वास्तविक चिंता और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने के उद्देश्य से शामिल हुए थे। हालांकि, उनका आरोप है कि कुछ उपद्रवी तत्वों और राजनीतिक रूप से प्रेरित लोगों ने आंदोलन की दिशा प्रभावित करने की कोशिश की।
कृषि ऋण माफी पर भी दिया संकेत
इस दौरान देवेंद्र फडणवीस ने कृषि क्षेत्र से जुड़ा एक महत्वपूर्ण संकेत भी दिया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार कृषि ऋण माफी योजना के तहत पात्र किसानों की पहली सूची जल्द जारी करने का प्रयास कर रही है। यह घोषणा उन्होंने एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान की।
विपक्ष की प्रतिक्रिया का इंतजार
मुख्यमंत्री के आरोपों पर संबंधित विपक्षी दलों की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यदि इस मामले में विपक्ष का पक्ष सामने आता है, तो उसे भी खबर में प्रमुखता से शामिल किया जाएगा।