कटिहार: बिहार सिपाही भर्ती परीक्षा में कथित धांधली और अभ्यर्थियों को परीक्षा में सफलता दिलाने के नाम पर ठगी के आरोप में कटिहार पुलिस ने दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई गुप्त सूचना के आधार पर की गई। मामले में गिरफ्तार दोनों आरोपियों से पूछताछ जारी है और पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है।
पुलिस अधीक्षक परिचय कुमार ने बताया कि भर्ती परीक्षा को निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराना पुलिस की प्राथमिकता है तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
क्या-क्या बरामद होने का दावा?
कटिहार पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों के पास से कई आपत्तिजनक और जांच से जुड़े सामान बरामद किए गए हैं। इनमें कारतूस, अभ्यर्थियों के मूल शैक्षणिक प्रमाण-पत्र, ब्लैंक चेक, भर्ती परीक्षा से जुड़े एडमिट कार्ड, मोबाइल फोन तथा कुछ दस्तावेज शामिल हैं।
बरामद सामग्री को पुलिस ने जब्त कर लिया है और उसकी जांच की जा रही है।
पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी पुलिस
पुलिस अधीक्षक परिचय कुमार ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर यह पता लगाया जा रहा है कि इस कथित गिरोह से और कौन-कौन लोग जुड़े हैं। यदि जांच में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है, तो उनके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि मामले की जांच सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर की जा रही है।
अभ्यर्थियों से पुलिस की अपील
कटिहार पुलिस ने अभ्यर्थियों और उनके परिजनों से अपील की है कि वे किसी भी व्यक्ति या गिरोह के झांसे में न आएं, जो परीक्षा में पास कराने या नौकरी दिलाने के नाम पर पैसे की मांग करता हो।
पुलिस ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति भर्ती परीक्षा में 'सेटिंग' या चयन सुनिश्चित कराने का दावा करता है, तो इसकी सूचना तुरंत स्थानीय पुलिस या संबंधित अधिकारियों को दें।
भर्ती प्रक्रिया की निष्पक्षता पर जोर
पुलिस का कहना है कि बिहार सिपाही भर्ती परीक्षा को पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराने के लिए लगातार निगरानी रखी जा रही है। परीक्षा प्रक्रिया को प्रभावित करने या अभ्यर्थियों से धोखाधड़ी करने की किसी भी कोशिश पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।