नई दिल्ली: सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मोबाइल नंबर पर कॉल करने पर 'वंदे मातरम्' की धुन सुनाई देती है। यह चर्चा तब शुरू हुई जब भारतीय जनता पार्टी (BJP) के आधिकारिक X हैंडल पर स्काईरूट एयरोस्पेस की टीम और प्रधानमंत्री के बीच हुई एक फोन कॉल का वीडियो साझा किया गया।
हालांकि, वायरल वीडियो के आधार पर यह निष्कर्ष निकालना कि यह प्रधानमंत्री के निजी मोबाइल नंबर की कॉलर ट्यून है, सही नहीं माना जा सकता।
वीडियो में क्या दिखाई देता है?
बीजेपी द्वारा साझा किए गए वीडियो में स्काईरूट एयरोस्पेस की टीम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को फोन करती दिखाई देती है। कॉल कनेक्ट होने से पहले स्पीकर पर 'वंदे मातरम्' की धुन सुनाई देती है।
वीडियो शेयर करते हुए बीजेपी ने सवाल पूछा, "क्या है पीएम मोदी की कॉलर ट्यून?" इसके बाद सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने इसे प्रधानमंत्री की निजी कॉलर ट्यून बताना शुरू कर दिया।
क्या यह वास्तव में पीएम मोदी की निजी कॉलर ट्यून है?
वायरल वीडियो में धुन सुनाई देना एक तथ्य है, लेकिन इससे यह साबित नहीं होता कि यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निजी मोबाइल नंबर की कॉलर ट्यून है।
प्रधानमंत्री की आधिकारिक संचार व्यवस्था सामान्य मोबाइल नेटवर्क से अलग और अत्यधिक सुरक्षित होती है। सुरक्षा कारणों से उनके आधिकारिक संपर्क नंबर, कॉल रूटिंग सिस्टम और संचार नेटवर्क की तकनीकी जानकारी सार्वजनिक नहीं की जाती।
ऐसी स्थिति में वीडियो में सुनाई देने वाली धुन किसी आधिकारिक सरकारी संचार प्रणाली, विशेष टेलीकॉम नेटवर्क या कॉल कनेक्टिंग व्यवस्था का हिस्सा भी हो सकती है। इस बारे में कोई आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
स्काईरूट एयरोस्पेस ने क्यों किया था फोन?
यह कॉल स्काईरूट एयरोस्पेस के विक्रम-1 रॉकेट की सफल ऑर्बिटल उड़ान के बाद की गई थी। मिशन की सफलता के बाद कंपनी के सह-संस्थापक भरत डाका ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इसकी जानकारी दी।
वीडियो में कुछ देर धुन बजने के बाद प्रधानमंत्री फोन उठाते हैं और कहते हैं, "हैलो, कौन बोल रहे हैं?"
इस पर दूसरी ओर से जवाब आता है, "सर, मैं स्काईरूट से भरत बोल रहा हूं। आपसे बात करके बहुत खुशी हो रही है।"
इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी पूरी टीम को मिशन की सफलता पर बधाई देते हैं और इसे भारत के निजी अंतरिक्ष क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हैं।
वायरल दावे पर क्या बरतें सावधानी?
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो या पोस्ट के आधार पर किसी तकनीकी या आधिकारिक व्यवस्था के बारे में अंतिम निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होता। जब तक संबंधित सरकारी एजेंसी या प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से कोई आधिकारिक जानकारी जारी नहीं की जाती, तब तक यह दावा कि 'वंदे मातरम्' प्रधानमंत्री मोदी की निजी कॉलर ट्यून है, प्रमाणित नहीं माना जा सकता।
फिलहाल, वायरल वीडियो में सुनाई देने वाली धुन चर्चा का विषय जरूर बनी हुई है, लेकिन इसे प्रधानमंत्री के निजी मोबाइल नंबर की कॉलर ट्यून बताने का कोई आधिकारिक प्रमाण उपलब्ध नहीं है।