8 November Panchang 2026: दीपावली पर लक्ष्मी पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 5:54 से 7:50 बजे तक, जानें राहुकाल और अमृत काल

नई दिल्ली: 8 नवंबर 2026, रविवार को देशभर में दीपावली का पावन पर्व मनाया जाएगा। इस दिन मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा का विशेष महत्व है। हिंदू पंचांग के अनुसार, दीपावली पर लक्ष्मी पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 5:54 बजे से रात 7:50 बजे तक रहेगा। वहीं, प्रदोष काल शाम 5:41 बजे से रात 8:17 बजे तक रहेगा। रात्रि पूजा के लिए निशिता काल रात 11:44 बजे से मध्यरात्रि 12:36 बजे तक निर्धारित है।

इसके अलावा रविवार को रात 10:01 बजे से 11:43 बजे तक अमृत काल रहेगा। दिन में अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:48 बजे से दोपहर 12:32 बजे तक रहेगा। यदि आप भी दीपावली पर पूजा-पाठ, नए काम या किसी शुभ कार्य की योजना बना रहे हैं, तो आइए जानते हैं 8 नवंबर का पूरा पंचांग, तिथि, नक्षत्र, योग, राहुकाल और शुभ-अशुभ समय।

दीपावली 2026: लक्ष्मी पूजा का शुभ मुहूर्त

दीपावली का त्योहार मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की आराधना के लिए विशेष माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन विधि-विधान से पूजा करने पर घर में सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की जाती है।

8 नवंबर को लक्ष्मी पूजा का शुभ समय शाम 5:54 बजे से रात 7:50 बजे तक रहेगा। वहीं, प्रदोष काल शाम 5:41 बजे से रात 8:17 बजे तक रहेगा।

रात्रि में विशेष पूजा करने वाले श्रद्धालुओं के लिए निशिता काल रात 11:44 बजे से मध्यरात्रि 12:36 बजे तक रहेगा। वहीं, कार्यालयों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में पूजा के लिए दोपहर 1:26 बजे से 2:54 बजे तक का समय शुभ बताया गया है।

8 नवंबर 2026 का पंचांग

  • दिन: रविवार
  • माह: कार्तिक
  • पक्ष: कृष्ण पक्ष से अमावस्या
  • तिथि: चतुर्दशी सुबह 11:28 बजे तक, इसके बाद अमावस्या
  • सूर्योदय: सुबह 6:40 बजे
  • सूर्यास्त: शाम 5:41 बजे
  • चंद्रोदय: सुबह 5:34 बजे
  • चंद्रास्त: शाम 4:54 बजे
  • नक्षत्र: विशाखा
  • सूर्य राशि: तुला
  • चंद्र राशि: तुला

दीपावली पर पूजा के प्रमुख शुभ मुहूर्त

पंचांग के अनुसार, 8 नवंबर को कई शुभ समय रहेंगे। श्रद्धालु अपनी सुविधा और धार्मिक परंपराओं के अनुसार इन मुहूर्तों में पूजा और अन्य शुभ कार्य कर सकते हैं।

  1. लक्ष्मी पूजा मुहूर्त: शाम 5:54 से रात 7:50 बजे तक
  2. प्रदोष काल: शाम 5:41 से रात 8:17 बजे तक
  3. निशिता काल: रात 11:44 से मध्यरात्रि 12:36 बजे तक
  4. ऑफिस पूजा मुहूर्त: दोपहर 1:26 से 2:54 बजे तक
  5. अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:48 से दोपहर 12:32 बजे तक
  6. अमृत काल: रात 10:01 से 11:43 बजे तक

अमृत काल को ज्योतिष में शुभ और सकारात्मक समय माना जाता है। मान्यता है कि इस अवधि में पूजा-पाठ, नए व्यापार और महत्वपूर्ण कार्यों की शुरुआत करना फलदायी हो सकता है।

आयुष्मान योग में मनाई जाएगी दीपावली

8 नवंबर को तड़के 3:27 बजे से आयुष्मान योग रहेगा, जो सोमवार सुबह 3:02 बजे तक प्रभावी रहेगा। इसके बाद सौभाग्य योग आरंभ होगा।

ज्योतिष शास्त्र में आयुष्मान योग को 27 नित्य योगों में तीसरा स्थान दिया गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस योग को स्वास्थ्य, ऊर्जा, सकारात्मकता और दीर्घायु से जोड़कर देखा जाता है।

इसके बाद शुरू होने वाला सौभाग्य योग भी शुभ कार्यों के लिए अनुकूल माना जाता है।

विशाखा नक्षत्र में रहेंगे सूर्य देव

पंचांग के अनुसार, रविवार को सूर्य देव विशाखा नक्षत्र में रहेंगे। ज्योतिष शास्त्र में विशाखा नक्षत्र के देवता इंद्र और अग्नि माने गए हैं।

मान्यता है कि इस नक्षत्र का संबंध महत्वाकांक्षा, लक्ष्य प्राप्ति, नेतृत्व और प्रतिस्पर्धा से होता है। इस नक्षत्र में जन्मे लोगों में अपने लक्ष्य को हासिल करने और कार्यक्षेत्र में आगे बढ़ने की विशेष इच्छा मानी जाती है।

ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, राजनीति, प्रशासन, कानून और प्रबंधन जैसे क्षेत्रों से इसका विशेष संबंध बताया जाता है।

अभिजीत मुहूर्त और अमृत काल का महत्व

रविवार को अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:48 बजे से दोपहर 12:32 बजे तक रहेगा। इसकी अवधि लगभग 44 मिनट होगी। हिंदू पंचांग में अभिजीत मुहूर्त को दिन के शुभ समयों में गिना जाता है।

वहीं, अमृत काल रात 10:01 बजे से 11:43 बजे तक रहेगा। इसे अत्यंत शुभ समय माना जाता है। धार्मिक और ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, इस दौरान पूजा-पाठ, मंत्र जाप और अन्य मांगलिक कार्य करना अच्छा माना जाता है।

रविवार को कब रहेगा राहुकाल?

8 नवंबर को राहुकाल शाम 4:18 बजे से 5:41 बजे तक रहेगा। ज्योतिष शास्त्र में राहुकाल को नए शुभ कार्यों की शुरुआत के लिए अनुकूल नहीं माना जाता है।

मान्यता के अनुसार, इस दौरान विवाह, नए व्यापार या किसी महत्वपूर्ण कार्य की शुरुआत से बचना चाहिए। हालांकि, पहले से चल रहे काम जारी रखे जा सकते हैं।

यमगंड और गुलिक काल का समय

रविवार को यमगंड काल दोपहर 12:10 बजे से 1:33 बजे तक रहेगा। ज्योतिषीय मान्यताओं में इस अवधि को भी नए शुभ कार्यों की शुरुआत के लिए अनुकूल नहीं माना जाता है।

वहीं, गुलिक काल दोपहर 2:55 बजे से शाम 4:18 बजे तक रहेगा। इस दौरान भी नए मांगलिक कार्य शुरू करने से बचने की परंपरा है।

  • राहुकाल: शाम 4:18 से 5:41 बजे
  • यमगंड काल: दोपहर 12:10 से 1:33 बजे
  • गुलिक काल: दोपहर 2:55 से शाम 4:18 बजे

तुला राशि में रहेंगे सूर्य और चंद्रमा

ज्योतिषीय गणना के अनुसार, रविवार को सूर्य और चंद्रमा दोनों तुला राशि में रहेंगे।

ज्योतिष में सूर्य को आत्मविश्वास, नेतृत्व, प्रतिष्ठा और ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है। तुला राशि में सूर्य को नीचस्थ माना जाता है। मान्यता है कि इस स्थिति में व्यक्ति को निर्णय लेने और आत्मविश्वास बनाए रखने में कुछ चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।

वहीं, चंद्रमा के तुला राशि में रहने को प्रेम, सौंदर्य, कला, रिश्तों और सामाजिक मेलजोल से जोड़कर देखा जाता है। तुला राशि का स्वामी शुक्र है, जिसे सुख-सुविधाओं और आकर्षण का कारक माना गया है।

रविवार को पश्चिम दिशा में रहेगा दिशाशूल

8 नवंबर को दिशाशूल पश्चिम दिशा में रहेगा। ज्योतिष और पारंपरिक पंचांग के अनुसार, दिशाशूल का संबंध किसी विशेष दिन यात्रा के लिए मानी जाने वाली अशुभ दिशा से होता है।

मान्यता है कि रविवार को पश्चिम दिशा में यात्रा करने से बचना चाहिए। यदि यात्रा आवश्यक हो तो पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार कुछ उपाय किए जाते हैं।

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