Arunachal Violence: सियांग प्रोजेक्ट पर बवाल, 250 RAF जवान तैनात
Arunachal Pradesh News: सियांग प्रोजेक्ट के विरोध में पासीघाट में हिंसा के बाद केंद्र ने 250 RAF जवान भेजे। NHPC कार्यालय और पुलिस थाने में आगजनी की खबर।
Niharika Gupta Verified Public Figure • 11 Oct, 2026Senior Sub Editor
Oct 25, 2026 - 7:06 PM | Delhi
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Niharika Gupta
2 hours ago
Arunachal Violence: सियांग प्रोजेक्ट पर बवाल, 250 RAF जवान तैनात
Arunachal Pradesh News: सियांग प्रोजेक्ट के विरोध में पासीघाट में हिंसा के बाद केंद्र ने 250 RAF जवान भेजे। NHPC कार्यालय और पुलिस थाने में आगजनी की खबर।
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Arunachal Violence: सियांग प्रोजेक्ट पर बवाल, 250 RAF जवान तैनात
Arunachal Pradesh: सियांग प्रोजेक्ट के विरोध में हिंसा, केंद्र ने भेजे 250 RAF जवान,
NHPC दफ्तर और थाने में आगजनी
नई दिल्ली, 25 अक्टूबर 2026: Arunachal प्रदेश में प्रस्तावित सियांग अपर मल्टीपर्पज प्रोजेक्ट (SUMP) को लेकर विरोध प्रदर्शन ने हिंसक रूप ले लिया है। ईस्ट सियांग जिले के पासीघाट में हुई हिंसा के बाद केंद्र सरकार ने कानून-व्यवस्था संभालने के लिए केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) की दो कंपनियां तैनात करने का फैसला किया है। करीब 250 जवानों को नवी मुंबई से भारतीय वायुसेना के परिवहन विमान के जरिए अरुणाचल प्रदेश भेजा गया है।
हिंसा के दौरान नेशनल हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर कॉरपोरेशन (NHPC) के कार्यालय और एक पुलिस थाने में आगजनी की गई। इसके अलावा प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष समेत तीन राजनीतिक नेताओं के आवासों में तोड़फोड़ किए जाने की खबर है। घटना के बाद इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील करते हुए कहा है कि विरोध प्रदर्शन लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन कानून के दायरे में रहना जरूरी है।
Arunachal के सियांग प्रोजेक्ट के विरोध में क्यों भड़की हिंसा?
अरुणाचल प्रदेश में प्रस्तावित 11,200 मेगावाट क्षमता वाले सियांग अपर मल्टीपर्पज प्रोजेक्ट को लेकर स्थानीय स्तर पर विरोध जारी है। इस परियोजना के विरोध में 23 अक्टूबर को सियांग, अपर सियांग और ईस्ट सियांग जिलों में 12 घंटे के बंद का आह्वान किया गया था।
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रिपोर्टों के मुताबिक, बंद के दौरान स्थिति काफी हद तक शांतिपूर्ण रही। हालांकि, शुक्रवार शाम बंद समाप्त होने के बाद पासीघाट में तनाव बढ़ गया। इसके बाद रात में हिंसा और आगजनी की घटनाएं सामने आईं, जो शनिवार तड़के करीब 3:30 बजे तक जारी रहीं।
प्रदर्शन से जुड़े संगठनों की परियोजना को लेकर कई आपत्तियां हैं। स्थानीय समुदायों में जमीन, आजीविका, संभावित विस्थापन और सियांग नदी घाटी पर परियोजना के प्रभाव को लेकर चिंताएं जताई गई हैं। इन मुद्दों को लेकर सरकार और स्थानीय संगठनों के बीच संवाद को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
NHPC कार्यालय और पुलिस थाने में आगजनी
पासीघाट में हिंसा के दौरान भीड़ द्वारा NHPC कार्यालय और पुलिस थाने को आग के हवाले किए जाने की खबर सामने आई है। इसके साथ ही राजनीतिक नेताओं के आवासों को भी निशाना बनाया गया।
रिपोर्टों के अनुसार, प्रभावित नेताओं में अरुणाचल प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष कलिंग मोयोंग, विधायक निनोंग एरिंग और विधायक ओनी पानयांग शामिल हैं। पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों के कई जवान भी हिंसा के दौरान घायल हुए हैं। कुछ रिपोर्टों में सुरक्षा कर्मियों के घायल होने की संख्या करीब 40 बताई गई है।
इन घटनाओं के बाद प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती इलाके में सामान्य स्थिति बहाल करना और सार्वजनिक व निजी संपत्ति को आगे नुकसान से बचाना है। पुलिस घटनाओं की जांच कर रही है और हिंसा में शामिल लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की बात कही गई है।
केंद्र ने क्यों तैनात किए 250 RAF जवान?
पासीघाट में बिगड़ती कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्रालय ने CRPF की रैपिड एक्शन फोर्स की दो कंपनियों को अरुणाचल प्रदेश भेजने का निर्देश दिया। इनमें करीब 250 जवान शामिल हैं।
इन जवानों को नवी मुंबई से भारतीय वायुसेना के परिवहन विमान के जरिए पासीघाट पहुंचाने की व्यवस्था की गई। 25 अक्टूबर तक उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, जवानों को रविवार तक क्षेत्र में तैनात किए जाने की योजना थी।
RAF, CRPF की विशेष इकाई है, जिसे दंगा नियंत्रण और भीड़ से जुड़ी कानून-व्यवस्था की परिस्थितियों से निपटने के लिए प्रशिक्षित किया जाता है। अरुणाचल प्रदेश में पहले से ही CRPF की कई इकाइयां तैनात हैं। अतिरिक्त बल भेजने का उद्देश्य हिंसा प्रभावित इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करना और हालात को और बिगड़ने से रोकना है।
मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने की शांति की अपील
अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने पासीघाट में हुई हिंसा पर चिंता जताई और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण विरोध करना लोकतंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा है, लेकिन किसी को भी सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने या कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की अनुमति नहीं दी जा सकती।
मुख्यमंत्री ने परियोजना को लेकर असहमति रखने वाले संगठनों और समुदायों से बातचीत करने की इच्छा भी जताई। सरकार की ओर से कहा गया है कि संबंधित पक्ष अपनी चिंताओं, संभावित लाभ और परियोजना के नकारात्मक प्रभावों पर चर्चा कर सकते हैं।
इस मामले में सरकार और स्थानीय संगठनों के बीच बातचीत आगे की स्थिति के लिए अहम हो सकती है। हालांकि, परियोजना को लेकर स्थानीय लोगों की चिंताओं का समाधान किस तरह निकलेगा, इस पर आगे की आधिकारिक जानकारी का इंतजार है।
क्या है 11,200 मेगावाट का सियांग अपर मल्टीपर्पज प्रोजेक्ट?
सियांग अपर मल्टीपर्पज प्रोजेक्ट अरुणाचल प्रदेश में प्रस्तावित एक बड़ी जलविद्युत और जल प्रबंधन परियोजना है। इसकी प्रस्तावित क्षमता करीब 11,200 मेगावाट बताई गई है।
इस परियोजना को लेकर स्थानीय समुदायों में पर्यावरण, पारंपरिक जमीन, आजीविका और संभावित विस्थापन से जुड़ी चिंताएं हैं। सियांग नदी घाटी में रहने वाले लोगों के लिए नदी और आसपास की भूमि सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण हैं।
वहीं, परियोजना के समर्थकों और सरकार की ओर से सियांग नदी के जल प्रबंधन और चीन की ओर से नदी पर प्रस्तावित बड़ी बांध परियोजना को लेकर रणनीतिक चिंताओं का उल्लेख किया जाता रहा है। हालांकि, परियोजना के प्रभावों, स्थानीय सहमति और संभावित जोखिमों को लेकर विस्तृत चर्चा और आधिकारिक जानकारी महत्वपूर्ण होगी।
आगे क्या होगा?
पासीघाट में हिंसा के बाद अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती और प्रशासनिक कदमों से साफ है कि फिलहाल कानून-व्यवस्था बहाल करना प्राथमिकता है। दूसरी ओर, सियांग प्रोजेक्ट को लेकर स्थानीय विरोध के पीछे जमीन, पर्यावरण और विस्थापन जैसे मुद्दे बने हुए हैं।
स्थिति को सामान्य बनाने के लिए सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ स्थानीय समुदायों और सरकार के बीच संवाद भी महत्वपूर्ण रहेगा। अब यह देखना होगा कि प्रशासन हिंसा की जांच और कानून-व्यवस्था संभालने के साथ परियोजना को लेकर उठ रही आपत्तियों पर बातचीत को किस तरह आगे बढ़ाता है।
Niharika Gupta Verified Public Figure • 11 Oct, 2026Senior Sub Editor
पत्रकारिता में करीब 2 वर्ष का अनुभव, newstvindia.in में बतौर सीनियर सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। रियलटाइम के साथ साथ क्राइम और हेल्थ से संबंधित समाचार लिखने में विशेष रुचि है। इनसे niharika@newstvindia.in पर संपर्क किया जा सकता है।