उत्तराखंड में लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन और चारधाम यात्रा दोनों को प्रभावित कर दिया है। कई जिलों में भूस्खलन, उफनाती नदियों और सड़कें बंद होने से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मौसम विभाग (IMD) ने अगले कुछ दिनों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है और लोगों से गैर-जरूरी यात्रा टालने की अपील की है।

राज्य सरकार ने संवेदनशील इलाकों में आपदा प्रबंधन तंत्र को अलर्ट मोड पर रखा है। संभावित जोखिम वाले क्षेत्रों में लोगों को एसएमएस के जरिए मौसम संबंधी चेतावनी भी भेजी जा रही है।

बद्रीनाथ हाईवे कई जगह बंद, यात्रियों की बढ़ी मुश्किलें

लगातार बारिश के कारण चमोली जिले के गुलाबकोटी सहित कई स्थानों पर भूस्खलन हुआ है, जिससे बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग बाधित हो गया। रुद्रप्रयाग के सिरोबगड़ क्षेत्र में भी ऋषिकेश-बद्रीनाथ हाईवे पर मलबा आने से यातायात प्रभावित हुआ है। प्रशासन जेसीबी मशीनों की मदद से रास्ता खोलने में जुटा है।

सोनप्रयाग-मुनकटिया मार्ग पर भी पहाड़ी से पत्थर और मलबा गिरने के बाद आवाजाही रोक दी गई है। हालांकि बद्रीनाथ धाम में दर्शन जारी हैं, लेकिन खराब मौसम और अलकनंदा नदी का जलस्तर बढ़ने से श्रद्धालुओं की संख्या में कमी देखी जा रही है।

केदारनाथ हेलीकॉप्टर सेवा 5 जुलाई तक बंद

खराब मौसम को देखते हुए केदारनाथ के लिए संचालित सभी हेलीकॉप्टर सेवाएं 5 जुलाई तक स्थगित कर दी गई हैं। यदि मौसम में सुधार नहीं होता है तो इस अवधि को आगे भी बढ़ाया जा सकता है।

ऋषिकेश में रिवर राफ्टिंग पर रोक

गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद प्रशासन ने ऋषिकेश में रिवर राफ्टिंग पर अस्थायी रोक लगा दी है। अधिकारियों ने पर्यटकों और राफ्टिंग संचालकों से सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की अपील की है।

बागेश्वर में स्कूल बंद, कई गांवों का संपर्क टूटा

ऑरेंज अलर्ट के मद्देनजर बागेश्वर जिले में कक्षा 1 से 12 तक के स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों में अवकाश घोषित किया गया है। जिले में भूस्खलन के कारण कई ग्रामीण सड़कें बंद हैं, जिससे दर्जनों गांवों का संपर्क प्रभावित हुआ है। कई इलाकों में बिजली आपूर्ति भी बाधित हुई है और बहाली का काम जारी है।

टिहरी में भी भूस्खलन, प्रशासन ने जारी की एडवाइजरी

टिहरी जिले में लगातार बारिश के कारण कई नदियां और बरसाती नाले उफान पर हैं। गुज़राडा के पास स्टेट हाईवे-77 और नागून बैंड के निकट राष्ट्रीय राजमार्ग पर भी भूस्खलन की घटनाएं सामने आई हैं। पुलिस और प्रशासन ने लोगों से पहाड़ी मार्गों पर अनावश्यक यात्रा से बचने तथा किसी भी आपात स्थिति में 112 पर संपर्क करने की सलाह दी है।

यात्रियों के लिए जरूरी सलाह

  • चारधाम यात्रा पर निकलने से पहले मौसम और सड़क की ताजा स्थिति जरूर जांचें।
  • भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में अनावश्यक रुकने से बचें।
  • नदी, झरनों और तेज बहाव वाले नालों के पास जाने से परहेज करें।
  • प्रशासन और मौसम विभाग की ओर से जारी एडवाइजरी का पालन करें।
  • यात्रा के दौरान आपातकालीन नंबर और स्थानीय प्रशासन के संपर्क में रहें।

लगातार सक्रिय मानसून को देखते हुए अगले कुछ दिन उत्तराखंड के लिए चुनौतीपूर्ण रह सकते हैं। ऐसे में यात्रियों और स्थानीय लोगों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की गई है।