उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में उचित दर विक्रेताओं (कोटेदारों) ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। कोटेदार संघ के जिला अध्यक्ष शिव गोविंद निषाद के नेतृत्व में बड़ी संख्या में विक्रेता एकत्र हुए और सरकार से लंबित समस्याओं के जल्द समाधान की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान विक्रेताओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी 7 सूत्रीय मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया, तो वे 28 जुलाई को विधानसभा घेराव करेंगे।
छह महीने से कमीशन नहीं मिलने का दावा
कोटेदार संघ के जिला अध्यक्ष शिव गोविंद निषाद ने दावा किया कि उचित दर विक्रेताओं को पिछले छह महीनों से लाभांश (कमीशन) का भुगतान नहीं किया गया है। उनका कहना है कि समय पर भुगतान न होने से कई विक्रेताओं के सामने आर्थिक कठिनाइयां खड़ी हो गई हैं।
उन्होंने मांग की कि सरकार लंबित कमीशन का भुगतान जल्द जारी करे, ताकि राशन वितरण व्यवस्था से जुड़े विक्रेताओं को राहत मिल सके।
क्या हैं प्रमुख मांगें?
प्रदर्शन के दौरान विक्रेताओं ने सरकार के सामने अपनी कई मांगें रखीं। इनमें प्रमुख रूप से:
- पूरे देश में उचित दर विक्रेताओं के लिए एक समान कमीशन व्यवस्था लागू की जाए।
- ‘वन नेशन, वन राशन कार्ड’ की तर्ज पर कमीशन की दर भी राष्ट्रीय स्तर पर एक समान तय की जाए।
- कमीशन बढ़ाकर 200 रुपये प्रति क्विंटल किया जाए।
- हर महीने निर्धारित समय पर कमीशन का भुगतान सुनिश्चित किया जाए।
- अन्य लंबित मांगों पर भी शीघ्र निर्णय लिया जाए।
28 जुलाई को विधानसभा घेराव की चेतावनी
कोटेदार संघ ने कहा कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक पहल नहीं की, तो प्रदेशभर के उचित दर विक्रेता 28 जुलाई को विधानसभा घेराव जैसे बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
संघ का कहना है कि उनकी मांगें लंबे समय से लंबित हैं और कई बार संबंधित अधिकारियों के समक्ष उठाई जा चुकी हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला है।
सरकार के जवाब का इंतजार
फिलहाल इस प्रदर्शन और मांगों को लेकर सरकार या खाद्य एवं रसद विभाग की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि सरकार विक्रेताओं की मांगों पर क्या रुख अपनाती है और प्रस्तावित आंदोलन से पहले कोई समाधान निकलता है या नहीं।