UP Police Recruitment: तीसरी बार सरकार बनने पर भी बांटेंगे नियुक्ति पत्र, सीएम योगी का बड़ा ऐलान; 25 हजार शिक्षकों की भर्ती पर भी अपडेट
UP Government Jobs: उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बड़ा संदेश दिया है। उन्होंने साफ कहा है कि प्रदेश में युवाओं को रोजगार और सरकारी नौकरी देने का सिलसिला लगातार जारी रहेगा। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि अब तक 9.50 लाख सरकारी भर्तियां पूरी की जा चुकी हैं और एक लाख अतिरिक्त भर्तियों का लक्ष्य भी पूरा होने जा रहा है। इतना ही नहीं, उन्होंने संकेत दिया कि कुछ नियुक्ति पत्र तीसरी बार सरकार बनने पर भी वितरित किए जाएंगे।
लखनऊ की रिजर्व पुलिस लाइन में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पुलिस उपनिरीक्षक (दरोगा) पद पर चयनित 4,543 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए। इस मौके पर उन्होंने भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता, युवाओं को रोजगार और प्रदेश में सरकारी नौकरियों की व्यवस्था में आए बदलावों पर विस्तार से बात की।
4,543 नवचयनित दरोगाओं को मिले नियुक्ति पत्र
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश पुलिस के 4,543 नवचयनित उपनिरीक्षकों को नियुक्ति पत्र सौंपे। इस दौरान उन्होंने चयनित अभ्यर्थियों से सीधे संवाद भी किया।
सीएम योगी ने युवाओं से पूछा कि क्या उन्हें नौकरी पाने के लिए किसी की सिफारिश करवानी पड़ी? क्या भर्ती प्रक्रिया के दौरान किसी अधिकारी या कर्मचारी ने पैसे मांगे? क्या किसी ने रिश्वत देने की पेशकश की या दबाव बनाकर नियुक्ति हासिल करने की कोशिश की?
मुख्यमंत्री ने भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता को अपनी सरकार की उपलब्धि बताते हुए कहा कि अब उत्तर प्रदेश में युवाओं को बिना सिफारिश, बिना भेदभाव और बिना रिश्वत के योग्यता के आधार पर सरकारी नौकरी मिल रही है।
UP में तीसरी बार सरकार बनने पर भी बांटे जाएंगे नियुक्ति पत्र
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का एक राजनीतिक बयान भी चर्चा में रहा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सरकारी नौकरियां देने का अभियान आगे भी जारी रहेगा। सरकार ने पहले 9.50 लाख भर्तियां पूरी करने का लक्ष्य हासिल किया और इसके बाद एक लाख अतिरिक्त भर्तियां करने का वादा किया था।
मुख्यमंत्री के मुताबिक, यह लक्ष्य भी अब पूरा होने की ओर है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकारी नौकरियों और नियुक्तियों का सिलसिला यहीं समाप्त नहीं होगा।
उन्होंने कहा कि कुछ नियुक्ति पत्र रोककर रखे जाएंगे, जिन्हें तीसरी बार सरकार बनने पर वितरित किया जाएगा। इस बयान को आगामी विधानसभा चुनाव और सरकार की रोजगार संबंधी राजनीतिक रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है।
2017 से पहले की भर्ती व्यवस्था पर साधा निशाना
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में पिछली सरकारों के कार्यकाल पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि वर्ष 2003 से 2017 के बीच प्रदेश में सरकारी भर्तियों के दौरान बड़े पैमाने पर अनियमितताओं के मामले सामने आए थे।
सीएम योगी ने आरोप लगाया कि उस समय कई ऐसी भर्तियां हुईं, जिनमें आवेदन किसी व्यक्ति ने किया, जबकि नियुक्ति पत्र किसी दूसरे व्यक्ति को मिल गया। उन्होंने कहा कि ऐसी कई नियुक्तियों से जुड़े मामले आज भी न्यायालय में लंबित हैं।
मुख्यमंत्री ने चिंता जताई कि यदि अदालतों की ओर से ऐसी भर्तियों में नियुक्त लोगों की सेवा
एं समाप्त करने का आदेश दिया जाता है तो उन युवाओं के भविष्य पर क्या असर पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने भ्रष्टाचार और बेईमानी के जरिए युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है, उनकी संपत्ति जब्त करने का फैसला लिया जाए तो उन्हें खुशी होगी।
25 हजार शिक्षकों की भर्ती पर भी आया बड़ा अपडेट
सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए मुख्यमंत्री ने शिक्षा विभाग में होने वाली भर्तियों का भी जिक्र किया।
उन्होंने बताया कि आने वाले समय में 25 हजार शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा और चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिए जाएंगे।
इस घोषणा से शिक्षक भर्ती की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों की उम्मीदें बढ़ सकती हैं। हालांकि, भर्ती की विस्तृत समयसीमा और अन्य प्रक्रियागत जानकारी के लिए अभ्यर्थियों को संबंधित विभाग की आधिकारिक घोषणाओं का इंतजार करना होगा।
पुलिस विभाग की व्यवस्था में सुधार का किया जिक्र
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 2017 में सत्ता संभालने के समय प्रदेश की आर्थिक और प्रशासनिक स्थिति का भी उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि उस समय कर्मचारियों को वेतन देने के लिए भी पर्याप्त धनराशि उपलब्ध नहीं थी। पुलिस विभाग की स्थिति भी अच्छी नहीं थी। पुलिसकर्मियों के बैरक जर्जर हालत में थे और जवानों को रहने के दौरान कई परेशानियों का सामना करना पड़ता था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने व्यवस्था में सुधार करते हुए पुलिस विभाग को नई पहचान देने का काम किया है। उन्होंने नवचयनित दरोगाओं से पूरी ईमानदारी, मेहनत और प्रतिबद्धता के साथ अपनी जिम्मेदारियां निभाने की अपील की।
मेहनत और योग्यता से मिली नौकरी: सुरेश खन्ना
कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना भी मौजूद रहे। उन्होंने नवचयनित उपनिरीक्षकों को बधाई देते हुए कहा कि पुलिस विभाग में इस पद पर जिम्मेदारी मिलना अनेक युवाओं का सपना होता है।
उन्होंने कहा कि चयनित अभ्यर्थियों को किसी सिफारिश या पक्षपात के आधार पर नहीं, बल्कि अपनी योग्यता और कठिन परिश्रम के दम पर यह अवसर मिला है।
सुरेश खन्ना ने कहा कि यह चयन प्रक्रिया प्रदेश के अन्य युवाओं के लिए भी प्रेरणा है। मेहनत, लगन और ईमानदारी के साथ तैयारी करने वाले अभ्यर्थी अपने लक्ष्य को हासिल कर सकते हैं।
युवाओं के लिए क्या है इस घोषणा का मतलब?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बयान से उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के बीच रोजगार और आगामी भर्तियों को लेकर उम्मीदें बढ़ी हैं। खास तौर पर पुलिस भर्ती और शिक्षक भर्ती की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों की नजर अब सरकार की अगली घोषणाओं पर रहेगी।
फिलहाल मुख्यमंत्री ने 25 हजार शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया आगे बढ़ाने की बात कही है। वहीं, तीसरी बार सरकार बनने पर नियुक्ति पत्र बांटने वाला उनका बयान भी राजनीतिक और रोजगार के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
कुल मिलाकर, लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम के जरिए मुख्यमंत्री ने सरकारी भर्ती में पारदर्शिता और रोजगार को लेकर अपनी सरकार का रुख सामने रखा। अब युवाओं की नजर आगामी भर्ती प्रक्रियाओं, आधिकारिक अधिसूचनाओं और नियुक्तियों की समयसीमा पर रहेगी।
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