CM योगी का कांग्रेस और सपा पर हमला, बोले- देश में अराजकता फैलाने की हो रही कोशिश; चौरीचौरा से विपक्ष को घेरा

CM Yogi News: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को गोरखपुर के चौरीचौरा से कांग्रेस और समाजवादी पार्टी (SP) पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दल देश में अराजकता और अव्यवस्था फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने चौरीचौरा कांड का जिक्र करते हुए कांग्रेस और पंडित जवाहरलाल नेहरू की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जब 1922 में चौरीचौरा के 172 क्रांतिकारियों को अंग्रेजों ने फांसी की सजा सुनाई थी, तब उनकी कानूनी लड़ाई लड़ने के लिए महामना मदन मोहन मालवीय आगे आए थे। सीएम योगी ने समाजवादी पार्टी पर भी हमला बोलते हुए उसके शासनकाल में प्रदेश में अपराध और दंगों को लेकर गंभीर आरोप लगाए।

मुख्यमंत्री रविवार को चौरीचौरा में रेलवे ओवरब्रिज का लोकार्पण करने पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने विकास परियोजनाओं की सौगात देने के साथ राजनीतिक मुद्दों पर भी अपनी बात रखी।

चौरीचौरा से योगी ने कांग्रेस पर साधा निशाना

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कांग्रेस पर निशाना साधते हुए राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की कविता की पंक्तियां उद्धृत कीं। उन्होंने कहा, 'अंधा चकाचौंध का मारा, क्या जाने इतिहास बेचारा।'

सीएम योगी ने कहा कि देश में मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों और सड़कों पर हो रही राजनीति को समझने के लिए इतिहास को याद रखना जरूरी है।

उन्होंने चौरीचौरा की ऐतिहासिक घटना का जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस अक्सर पंडित जवाहरलाल नेहरू को देश का बड़ा अधिवक्ता बताती है, लेकिन जब चौरीचौरा कांड के आरोपियों को अंग्रेजों ने फांसी की सजा सुनाई थी, तब उनकी पैरवी के लिए मदन मोहन मालवीय आगे आए थे।

योगी ने कहा कि इतिहास में क्रांतिकारियों के बलिदान और उनके लिए कानूनी लड़ाई लड़ने वाले लोगों के योगदान को भी याद किया जाना चाहिए।

CM - 172 क्रांतिकारियों को सुनाई गई थी फांसी की सजा

चौरीचौरा कांड भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की महत्वपूर्ण घटनाओं में से एक है। 4 फरवरी 1922 को गोरखपुर के चौरीचौरा में असहयोग आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हिंसक टकराव हुआ था। इस घटना में पुलिस थाने में आग लगा दी गई थी, जिसमें 22 पुलिसकर्मियों की मौत हुई थी।

इसके बाद ब्रिटिश सरकार ने बड़ी संख्या में लोगों को गिरफ्तार किया और उनके खिलाफ मुकदमा चलाया।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि इस मामले में 172 लोगों को फांसी की सजा सुनाई गई थी। उस समय महामना पंडित मदन मोहन मालवीय ने आरोपियों की ओर से कानूनी पैरवी की थी।

सीएम योगी के अनुसार, मालवीय की प्रभावी पैरवी के चलते 151 लोगों को फांसी के फंदे से बचाया जा सका। इनमें किसान, मजदूर, व्यापारी और युवा शामिल थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि चौरीचौरा के बलिदानियों के योगदान को देश के इतिहास में उचित सम्मान मिलना चाहिए।

सपा पर 1500 दंगों और अपराध को लेकर लगाए आरोप

कांग्रेस के बाद मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी को भी निशाने पर लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा की सरकारों के दौरान उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति खराब रही थी।

योगी आदित्यनाथ ने दावा किया कि सपा के चार कार्यकालों में प्रदेश में करीब 1500 दंगे हुए थे। उन्होंने कहा कि उस समय हर जिले में माफिया और अपराधियों का प्रभाव था।

मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि सपा शासनकाल में गरीबों की जमीनों पर कब्जे, व्यापारियों से लूट और महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े मामले बड़ी चुनौती थे।

उन्होंने अपने भाषण में कहा कि उस दौर में प्रदेश की कानून-व्यवस्था को लेकर आम लोगों के बीच डर का माहौल था।

हालांकि, ये आंकड़े और आरोप मुख्यमंत्री के राजनीतिक भाषण का हिस्सा हैं। इन्हें सरकारी तौर पर प्रमाणित आंकड़ों के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।

'हमने 10 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी'

सीएम योगी ने अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में पिछले वर्षों के दौरान युवाओं को सरकारी नौकरियां दी गई हैं।

उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार ने करीब 10 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी उपलब्ध कराई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश अब अपराध और अव्यवस्था के बजाय विकास, निवेश और रोजगार की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में अब पहले जैसी दंगा और कर्फ्यू की स्थिति नहीं है। सरकार ने कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कई कदम उठाए हैं।

चौरीचौरा को मिला 59.44 करोड़ का ओवरब्रिज

राजनीतिक संबोधन के साथ मुख्यमंत्री ने चौरीचौरा क्षेत्र को विकास परियोजनाओं की सौगात भी दी।

उन्होंने करीब 59.44 करोड़ रुपये की लागत से बने रेलवे ओवरब्रिज का लोकार्पण किया। इस ओवरब्रिज के बनने से स्थानीय लोगों को रेलवे क्रॉसिंग पर लगने वाले लंबे जाम से राहत मिलने की उम्मीद है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले भोपा बाजार रेलवे लाइन के आसपास लोगों को काफी परेशानी होती थी। रेलवे क्रॉसिंग बंद होने के कारण दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग जाती थीं।

उन्होंने बताया कि स्थानीय जनप्रतिनिधियों की मांग पर ओवरब्रिज निर्माण की योजना आगे बढ़ाई गई और अब यह परियोजना पूरी हो चुकी है।

इसके अलावा मुख्यमंत्री ने करीब 287 करोड़ रुपये की लागत वाली 84 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास भी किया।

इन परियोजनाओं में सड़क, बुनियादी सुविधाओं और स्थानीय विकास से जुड़े कार्य शामिल हैं।

किसानों के लिए नए मुआवजा पैकेज का भी ऐलान

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने असमय बारिश और चक्रवाती तूफान अर्णब से प्रभावित किसानों का मुद्दा भी उठाया।

उन्होंने कहा कि बारिश के कारण किसानों की फसलों को नुकसान हुआ है। प्रशासनिक अधिकारियों से नुकसान की रिपोर्ट मांगी गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को तत्काल मुआवजा देने के साथ ही सरकार एक नया पैकेज लाने पर भी विचार कर रही है, ताकि प्रभावित किसानों को हुए नुकसान की भरपाई की जा सके।

उन्होंने अधिकारियों को नुकसान का आकलन करने और प्रभावित किसानों तक राहत पहुंचाने के निर्देश दिए।

CM - कांग्रेस और सपा पर योगी के बयान से बढ़ी राजनीतिक चर्चा

चौरीचौरा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह संबोधन कई राजनीतिक मुद्दों को लेकर चर्चा में है। एक तरफ उन्होंने 1922 के चौरीचौरा कांड के बहाने कांग्रेस और नेहरू की भूमिका पर सवाल उठाए, तो दूसरी तरफ समाजवादी पार्टी के शासनकाल को लेकर कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर हमला किया।

वहीं, विकास परियोजनाओं और किसानों के लिए राहत पैकेज की बात करके उन्होंने राज्य सरकार की योजनाओं का भी उल्लेख किया।

मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद अब कांग्रेस और समाजवादी पार्टी की ओर से आने वाली प्रतिक्रिया पर नजर रहेगी। चौरीचौरा का ऐतिहासिक मंच एक बार फिर उत्तर प्रदेश की राजनीति में कांग्रेस, सपा और भाजपा के बीच बयानबाजी का केंद्र बन गया है।

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