मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई Bihar Cabinet Meeting में राज्य सरकार ने 25 अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी। इन फैसलों का असर पंचायत व्यवस्था, पेयजल, जेल प्रशासन और क्षेत्रीय विकास योजनाओं पर पड़ेगा। सबसे बड़ा फैसला यह रहा कि अब बिहार की ग्राम पंचायतों को नियमानुसार कर (टैक्स) लगाने का अधिकार मिल गया है।

कैबिनेट बैठक में ग्रामीण विकास से लेकर शहरी आधारभूत सुविधाओं और कारा प्रशासन तक कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। सरकार का कहना है कि इन फैसलों से स्थानीय निकायों को अधिक वित्तीय अधिकार मिलेंगे और विकास कार्यों में तेजी आएगी।

Bihar Cabinet Meeting में पंचायतों को मिला टैक्स लगाने का अधिकार

कैबिनेट ने ग्राम पंचायत कर दर एवं शुल्क नियमावली-2026 के प्रारूप को मंजूरी दे दी है। इसके बाद ग्राम पंचायतें निर्धारित नियमों के तहत विभिन्न सेवाओं और सुविधाओं पर कर एवं शुल्क लगा सकेंगी।

सरकार का मानना है कि इससे पंचायतों की आय बढ़ेगी और स्थानीय स्तर पर विकास कार्यों के लिए अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध होंगे।

2011 की जनगणना के आधार पर होगा परिसीमन

Bihar Cabinet Meeting में ग्राम पंचायत, पंचायत समिति और जिला परिषद क्षेत्रों का परिसीमन वर्ष 2011 की जनगणना के आधार पर करने का भी फैसला लिया गया।

इस निर्णय के बाद स्थानीय निकायों की सीमाओं का पुनर्निर्धारण किया जाएगा, जिससे प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाया जा सके।

पश्चिम चंपारण की विकास योजनाओं को मिला विस्तार

कैबिनेट ने पश्चिम चंपारण के थरुहट विकास अभिकरण के माध्यम से संचालित योजनाओं की अवधि 2025-26 से बढ़ाकर 2030-31 तक करने की मंजूरी दी।

इसके साथ ही इन योजनाओं के संचालन के लिए बजट में प्रावधानित राशि के व्यय को भी स्वीकृति प्रदान की गई।

जेल में कार्यरत पूर्व सैनिकों का मानदेय बढ़ा

Bihar Cabinet Decisions के तहत राज्य की जेलों में अनुबंध के आधार पर कार्यरत भूतपूर्व सैनिक सह कक्षपालों के मासिक मानदेय में बड़ा इजाफा किया गया है।

पहले उन्हें 19,800 रुपये प्रतिमाह मिलते थे, जिसे बढ़ाकर अब 30,000 रुपये कर दिया गया है।

सरकार का कहना है कि इससे कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा और जेल प्रशासन की कार्यक्षमता में सुधार होगा।

बंदियों के परिजनों को मुआवजा देने की नीति बनेगी

कैबिनेट ने जेलों में बंद कैदियों की प्राकृतिक मृत्यु, प्राकृतिक आपदा या अन्य प्राकृतिक कारणों से मौत होने की स्थिति में उनके आश्रितों या निकट परिजनों को मुआवजा देने की नीति बनाने को भी मंजूरी दी।

इस नीति के तहत मुआवजा भुगतान की स्पष्ट व्यवस्था तैयार की जाएगी।

Bihar Cabinet Meeting में जलापूर्ति परियोजनाओं को मिली मंजूरी

कैबिनेट ने केंद्र प्रायोजित अमृत 2.0 मिशन के तहत तीन प्रमुख जलापूर्ति परियोजनाओं को प्रशासनिक स्वीकृति दी।

इनमें शामिल हैं:

  • खगड़िया जलापूर्ति परियोजना – 170.86 करोड़ रुपये

  • सीतामढ़ी जलापूर्ति परियोजना – 197.13 करोड़ रुपये

  • समस्तीपुर जलापूर्ति परियोजना – 228.45 करोड़ रुपये

इन परियोजनाओं के पूरा होने से हजारों परिवारों को बेहतर पेयजल सुविधा मिलने की उम्मीद है।

पिछली Bihar Cabinet Meeting में भी लिए गए थे बड़े फैसले

इससे पहले हुई कैबिनेट बैठक में 22 प्रस्तावों को मंजूरी मिली थी।

उनमें प्रमुख फैसले थे—

  • पटना एम्स के विस्तार के लिए 26.6 एकड़ भूमि अधिग्रहण।

  • बिहार एक्वाकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर एंड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड के गठन को मंजूरी।

  • विक्रमशिला सेतु की मरम्मत एवं पुनर्स्थापन कार्य के लिए वित्तीय स्वीकृति।