सोलन: हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने की दिशा में कृषि विभाग लगातार काम कर रहा है। केंद्र सरकार की योजनाओं के तहत किसानों को प्राकृतिक खेती से जोड़ने का अभियान जारी है। विभाग के अनुसार जिले में वर्तमान समय में 2,500 हेक्टेयर से अधिक भूमि पर प्राकृतिक खेती की जा रही है और इस वर्ष इसके दायरे का और विस्तार किया गया है।

कृषि विभाग का कहना है कि प्राकृतिक खेती के माध्यम से रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों पर निर्भरता कम करने के साथ-साथ किसानों की लागत घटाने और उपभोक्ताओं को सुरक्षित खाद्यान्न उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है।

Solan Natural Farming News: 625 नए किसानों को प्राकृतिक खेती से जोड़ा गया

आत्मा परियोजना के परियोजना निदेशक हीरा लाल आज़ाद ने बताया कि केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप क्लस्टर आधारित मॉडल पर किसानों को प्राकृतिक खेती से जोड़ा जा रहा है। इसी रणनीति के तहत इस वर्ष नए क्लस्टर विकसित किए गए हैं।

उन्होंने बताया कि इस अभियान के तहत 625 नए किसानों को प्राकृतिक खेती से जोड़ा गया है। इसके साथ ही जिले में 50 हेक्टेयर अतिरिक्त क्षेत्र को भी प्राकृतिक खेती के दायरे में शामिल किया गया है।

पिछले वर्ष 2,500 हेक्टेयर क्षेत्र में हुई थी प्राकृतिक खेती

परियोजना निदेशक ने बताया कि गत वर्ष जिले में करीब 2,500 हेक्टेयर क्षेत्र में प्राकृतिक खेती की गई थी। इस वर्ष नए किसानों की भागीदारी और अतिरिक्त भूमि जुड़ने से प्राकृतिक खेती का दायरा और बढ़ा है।

उन्होंने कहा कि विभाग का उद्देश्य अधिक से अधिक किसानों को इस पद्धति से जोड़ना है, ताकि खेती की लागत कम हो और कृषि उत्पादन अधिक टिकाऊ बनाया जा सके।

प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने पर विभाग का जोर

हीरा लाल आज़ाद ने कहा कि कृषि विभाग प्राकृतिक खेती के प्रचार-प्रसार के लिए लगातार प्रशिक्षण, जागरूकता कार्यक्रम और तकनीकी मार्गदर्शन उपलब्ध करा रहा है। किसानों को क्लस्टर मॉडल के माध्यम से जोड़कर उन्हें प्राकृतिक खेती की विभिन्न तकनीकों से अवगत कराया जा रहा है।

ज़हर मुक्त खेती और सुरक्षित खाद्यान्न पर फोकस

उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने का उद्देश्य केवल किसानों की आय बढ़ाना नहीं, बल्कि ज़हर मुक्त खेती को प्रोत्साहित करना भी है। इससे उपभोक्ताओं को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्यान्न उपलब्ध होगा, वहीं मिट्टी की उर्वरता और पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।

कृषि विभाग का अभियान रहेगा जारी

कृषि विभाग के अनुसार आने वाले समय में भी नए क्लस्टर विकसित कर अधिक किसानों को प्राकृतिक खेती से जोड़ने की योजना है। विभाग का लक्ष्य जिले में प्राकृतिक खेती के रकबे को लगातार बढ़ाना और इसे टिकाऊ कृषि मॉडल के रूप में स्थापित करना है।