सिरमौर जिले के धौलाकुआं क्षेत्र में ग्रामीण सड़कें लोगों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बनी हुई हैं। ग्राम पंचायत रामपुर भारापुर के तहत आने वाले करीब एक दर्जन गांवों के ग्रामीणों का आरोप है कि लंबे समय से सड़कें खस्ताहाल हैं, लेकिन बार-बार शिकायतों के बावजूद उनकी मरम्मत नहीं कराई जा रही। अब ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि 15 से 20 दिनों के भीतर सड़कों की हालत नहीं सुधारी गई तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।

ग्रामीणों का कहना है कि खराब सड़कों की वजह से रोजमर्रा की आवाजाही मुश्किल हो गई है। बरसात के मौसम में स्थिति और गंभीर हो गई है, जिससे दुर्घटना का खतरा भी बढ़ गया है।

Nahan Road Condition: एक दर्जन गांवों के लोगों ने सड़कें दुरुस्त करने की उठाई मांग

मीडिया से बातचीत में जिला परिषद सदस्य भगवान दास और ग्राम पंचायत रामपुर भारापुर के प्रधान रजनीश चौधरी ने आरोप लगाया कि क्षेत्र के हजारों लोग लंबे समय से खराब सड़कों की समस्या झेल रहे हैं। उन्होंने कहा कि कई बार लोक निर्माण विभाग (PWD) को इस संबंध में अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

उनका कहना है कि यदि अगले 15 से 20 दिनों में सड़कों की मरम्मत का काम शुरू नहीं किया गया तो ग्रामीण सड़क पर उतरकर आंदोलन करेंगे।

बरसात में बढ़ी परेशानी, गड्ढों में भरा पानी बना खतरा

स्थानीय लोगों के मुताबिक, गर्मियों में सड़क पर उड़ने वाली धूल से परेशानी होती थी, जबकि अब बारिश के कारण सड़क पर बने गहरे गड्ढों में पानी भर गया है। इससे वाहन चालकों और पैदल चलने वालों दोनों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।

ग्रामीणों का कहना है कि कई जगह सड़क इतनी खराब हो चुकी है कि दोपहिया और चारपहिया वाहन चलाना जोखिम भरा हो गया है।

गांवों तक नहीं पहुंच पा रहे जरूरी वाहन

ग्रामीणों ने बताया कि खराब सड़क के कारण कई बार एंबुलेंस और अन्य आवश्यक सेवाओं के वाहन गांव तक नहीं पहुंच पाते। ऐसे में लोगों को मुख्य सड़क तक पैदल जाना पड़ता है, जिससे बुजुर्गों, मरीजों और स्कूली बच्चों को सबसे ज्यादा दिक्कत होती है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क की मरम्मत नहीं होने से रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो रही है और प्रशासन को जल्द इस ओर ध्यान देना चाहिए।

विभाग की प्रतिक्रिया का इंतजार

समाचार लिखे जाने तक लोक निर्माण विभाग (PWD) की ओर से ग्रामीणों के आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी। विभाग का पक्ष मिलने पर उसे भी खबर में शामिल किया जाएगा।