चंडीगढ़ डेस्क : हरियाणा सरकार ने सरकारी कर्मचारियों और शिक्षकों के तबादलों को अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी (Nayab Singh Saini) की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में सोमवार को मॉडल ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी (Model Online Transfer Policy-MOTP) और टीचर्स ट्रांसफर पॉलिसी (Teachers Transfer Policy-TTP) को मंजूरी दे दी गई। इसके अलावा, राज्य महिला आयोग के विस्तार समेत कई अन्य महत्वपूर्ण फैसलों पर भी मुहर लगाई गई।
120-पॉइंट सिस्टम से तय होगी कर्मचारियों की रैंकिंग
नई ट्रांसफर पॉलिसी के तहत कर्मचारियों के तबादले के लिए 120 अंकों का नया स्कोरिंग सिस्टम लागू किया जाएगा। सरकार का कहना है कि इससे मानव संसाधनों का बेहतर उपयोग होगा, प्रशासनिक दक्षता बढ़ेगी और कर्मचारियों की संतुष्टि में भी सुधार आएगा।
नई व्यवस्था में उम्र के आधार पर मिलने वाले वेटेज को पहले के 75 प्रतिशत से घटाकर 25 प्रतिशत कर दिया गया है। वहीं, पहली बार "कैडर में अनुभव" (Experience in Cadre) को भी शामिल किया गया है, जिसे 25 प्रतिशत का वेटेज दिया गया है।
इसके साथ ही विशेष परिस्थितियों और व्यक्तिगत कठिनाइयों से जुड़े मामलों के लिए मिलने वाले वेटेज को 25 प्रतिशत से बढ़ाकर 50 प्रतिशत कर दिया गया है, ताकि वास्तविक समस्याओं का सामना कर रहे कर्मचारियों को प्राथमिकता मिल सके।
गंभीर बीमारियों को भी सूची में किया गया शामिल
राज्य सरकार ने मान्यता प्राप्त गंभीर बीमारियों की सूची का भी विस्तार किया है। अब मस्कुलर डिस्ट्रॉफी (Muscular Dystrophy), बेहचेट रोग (Behcet Disease) और अग्न्याशय एवं बोन मैरो ट्रांसप्लांट जैसे विशेष अंग प्रत्यारोपण के मामलों को भी इसमें शामिल किया गया है।
इसके अलावा, सेवानिवृत्ति से एक वर्ष पहले किसी भी कर्मचारी या शिक्षक का तबादला उसकी लिखित सहमति के बिना नहीं किया जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे कर्मचारियों को अनावश्यक परेशानी से राहत मिलेगी।
यमुनानगर और जगाधरी की पुरानी कॉलोनियों को लेकर भी फैसला
कैबिनेट ने यमुनानगर और जगाधरी नगर परिषद क्षेत्रों की उन कॉलोनियों के संबंध में भी महत्वपूर्ण निर्णय लिया, जिन्हें वर्ष 1996 में नियमित किया गया था।
दरअसल, वर्ष 2021-22 में शहरी स्थानीय निकाय विभाग द्वारा जीआईएस आधारित प्रॉपर्टी डेटा (GIS-Mapped Property Data) से जुड़ा ऑनलाइन नो-ड्यूज सर्टिफिकेट पोर्टल शुरू किया गया था। जांच के दौरान सामने आया कि वर्ष 2005 से पहले नियमित की गई कई कॉलोनियों में सही लेआउट प्लान और खसरा विवरण उपलब्ध नहीं थे। इसके कारण कई खाली या बिना मैप किए गए भूखंड स्वतः "अनधिकृत" श्रेणी में दर्ज हो गए थे।
कैबिनेट ने ऐसे मामलों के समाधान के लिए आवश्यक दिशा-निर्देशों को मंजूरी दे दी है, जिससे प्रभावित लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।
महिला आयोग का होगा विस्तार
बैठक में हरियाणा राज्य महिला आयोग (संशोधन) अध्यादेश, 2026 को भी मंजूरी प्रदान की गई। इसके तहत हरियाणा राज्य महिला आयोग अधिनियम, 2012 में संशोधन करते हुए आयोग में गैर-सरकारी सदस्यों की संख्या पांच से बढ़ाकर सात कर दी गई है।
सरकार का मानना है कि महिला आयोग में सदस्यों की संख्या बढ़ने से महिलाओं से जुड़े मामलों की सुनवाई और शिकायतों के निस्तारण की प्रक्रिया और अधिक प्रभावी होगी।
प्रशासनिक सुधारों पर सरकार का फोकस
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व वाली सरकार लगातार प्रशासनिक सुधारों और जनसेवाओं को मजबूत करने पर जोर दे रही है। नई ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी से जहां कर्मचारियों और शिक्षकों को पारदर्शी व्यवस्था का लाभ मिलेगा, वहीं महिला आयोग के विस्तार और पुरानी कॉलोनियों से जुड़े विवादों के समाधान जैसे फैसले राज्य में बेहतर प्रशासनिक व्यवस्था की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माने जा रहे हैं।