बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में मिली हार के बाद राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने बड़ा संगठनात्मक फैसला लिया है। पार्टी ने प्रदेश से लेकर जिला, प्रखंड और पंचायत स्तर तक की सभी संगठनात्मक इकाइयों को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया है। यह निर्णय ऐसे समय आया है, जब बिहार विधानसभा चुनाव की तैयारियां तेज हो रही हैं और पार्टी अपने संगठन को नए सिरे से मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही है।

प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल ने इस संबंध में कार्यालय आदेश जारी करते हुए बताया कि यह फैसला राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव से परामर्श के बाद लिया गया है।

प्रदेश से पंचायत स्तर तक सभी इकाइयां भंग

6 अगस्त 2026 को जारी आदेश के अनुसार, प्रदेश, जिला, प्रखंड और पंचायत स्तर की सभी संगठनात्मक इकाइयों के साथ-साथ विभिन्न प्रकोष्ठों और अन्य संबद्ध इकाइयों को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया गया है।

इसके साथ ही 22 जनवरी 2025 को जारी पुराने कार्यालय आदेश (पत्रांक-101) को भी निरस्त कर दिया गया है।

अब नए सिरे से होगा संगठन का गठन

पार्टी की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि राज्यभर में संगठन के पुनर्गठन की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी। नए पदाधिकारियों और इकाइयों का गठन चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा।

आरजेडी का मानना है कि आगामी विधानसभा चुनाव से पहले संगठन को अधिक सक्रिय और मजबूत बनाना आवश्यक है।

बांकीपुर उपचुनाव के बाद बढ़ी हलचल

बांकीपुर उपचुनाव के नतीजों के बाद बिहार की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। इस सीट पर आरजेडी उम्मीदवार रेखा गुप्ता की जमानत जब्त हो गई थी। इसके बाद पार्टी के भीतर संगठन को लेकर समीक्षा और बदलाव की चर्चा शुरू हो गई थी।

इसी क्रम में अब संगठन को पूरी तरह भंग करने का फैसला लिया गया है।

राजनीतिक संदेश क्या है?

आरजेडी के इस फैसले को आगामी विधानसभा चुनाव से पहले संगठनात्मक बदलाव के रूप में देखा जा रहा है। पार्टी नए सिरे से कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों के जरिए चुनावी तैयारियों को मजबूत करना चाहती है।