जहानाबाद : शहर के विकास कार्यों को लेकर जहानाबाद नगर परिषद में बड़ा विवाद सामने आया है। नगर परिषद अध्यक्ष और वार्ड पार्षदों ने शुक्रवार से कार्यपालक पदाधिकारी दीनानाथ सिंह के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। जनप्रतिनिधियों का आरोप है कि नगर परिषद की कार्यप्रणाली पूरी तरह ठप हो चुकी है, जिससे विकास योजनाएं प्रभावित हो रही हैं और आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
नगर परिषद कार्यालय परिसर में शुरू हुए इस धरने में अध्यक्ष समेत बड़ी संख्या में वार्ड पार्षद शामिल हुए। धरने की अध्यक्षता पार्षद संघ के अध्यक्ष संजय कुमार यादव ने की।
“जनता ने विकास के लिए चुना, लेकिन काम नहीं हो रहा”
धरने को संबोधित करते हुए संजय कुमार यादव ने कहा कि उनकी सभी मांगें जनता से जुड़े मुद्दों पर आधारित हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कार्यपालक पदाधिकारी की कार्यशैली के कारण नगर परिषद के अधिकांश विकास कार्य रुके हुए हैं।
उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन ने जल्द समाधान नहीं निकाला तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र से लेकर पीएम आवास योजना तक प्रभावित
धरने पर बैठे पार्षदों का आरोप है कि जन्म प्रमाण पत्र, मृत्यु प्रमाण पत्र, प्रधानमंत्री आवास योजना समेत कई महत्वपूर्ण जनसेवाओं में लगातार देरी हो रही है। इससे आम लोगों को कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
पार्षदों ने नगर परिषद में कथित वित्तीय अनियमितताओं और विकास योजनाओं में गड़बड़ियों की जांच कराने की भी मांग की।
“वार्ड में काम नहीं होने से जनता नाराज”
जनप्रतिनिधियों का कहना है कि जनता ने उन्हें अपने क्षेत्र के विकास के लिए चुना है, लेकिन उन्हें अपने वार्डों में योजनाएं लागू कराने का अवसर नहीं मिल रहा। इससे लोगों में नाराजगी बढ़ रही है और जनप्रतिनिधियों की छवि भी प्रभावित हो रही है।
मांगें पूरी होने तक जारी रहेगा आंदोलन
धरने पर बैठे पार्षदों ने साफ कर दिया कि यह केवल सांकेतिक विरोध नहीं है। जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक अनिश्चितकालीन धरना जारी रहेगा।
उनकी प्रमुख मांगों में लंबित विकास योजनाओं को जल्द पूरा करना, नगर परिषद की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता लाना और नागरिक सेवाओं का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करना शामिल है।
EO और प्रशासन की प्रतिक्रिया का इंतजार
समाचार लिखे जाने तक कार्यपालक पदाधिकारी दीनानाथ सिंह या जिला प्रशासन की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया था। आरोपों की पुष्टि प्रशासनिक जांच और संबंधित पक्ष की प्रतिक्रिया के बाद ही हो सकेगी।