Movie Review

Jailer 2

4 OUT OF 10
Release Date 15 Oct, 2026
Duration 2 Hrs 45 Min
Genre Tamil,Hindi, Action, Drama, Comedy, Crime

Cast & Crew

Director: नेल्सन दिलीपकुमार
Lead Cast: रजनीकांत, राम्या कृष्णन, मिथुन चक्रवर्ती, विद्या बालन
Platform: Theater / OTT

रजनीकांत, राम्या कृष्णन, मिथुन चक्रवर्ती और विद्या बालन स्टारर 'जेलर 2' गुरुवार, 15 अक्टूबर को सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है। नेल्सन दिलीपकुमार के निर्देशन में बनी इस एक्शन-ड्रामा का Jailer 2 Review बताता है कि फिल्म रजनीकांत के करिश्माई अंदाज और कैमियो के दम पर चलती है, जबकि सेकंड हाफ में कहानी ढीली पड़ जाती है।

साल 2023 में आई 'जेलर' रजनीकांत के स्वैग और स्टाइल की बदौलत ब्लॉकबस्टर बनी थी। अब नेल्सन उसी कामयाबी को दोहराने के लिए सीक्वल के साथ लौटे हैं।

'जेलर 2' की कहानी

कहानी वहीं से शुरू होती है, जहां पिछली फिल्म खत्म हुई थी। रिटायर्ड जेलर टाइगर मुथुवेल पांडियन (रजनीकांत) अपनी पुरानी खून-खराबे वाली जिंदगी से दूर पत्नी विजया (राम्या कृष्णन), बहू श्वेता (मिर्ना) और पोते रित्विक के साथ आम जीवन जी रहा होता है। लेकिन अतीत के हिसाब-किताब और बदले की आग उसे फिर उसी हिंसा और अपराध की दुनिया में खींच लाती है।

प्राचीन मूर्तियों की तस्करी के गैरकानूनी नेटवर्क से जुड़ा दिलीप (सूरज वेंजारामूडु) अपने दोस्त वर्मन की मौत का बदला लेने मुथु को चुनौती देने पहुंचता है। मूर्ति तस्करी नेटवर्क का सरगना बोधि कल्पक (एसजे सूर्या) और उसका परिवार, यानी बहन कांता (विद्या बालन), पिता चक्री (मिथुन चक्रवर्ती) और भाई भी मुथु के अपनों के लिए खतरा बन जाते हैं। मुथु इन दुश्मनों से कैसे निपटता है, यही फिल्म की कहानी है।

Jailer 2 Review: क्या है फिल्म की ताकत

नेल्सन ने पिछली 'जेलर' के टेम्पलेट पर ही सीक्वल को पूरा कमर्शियल मास एंटरटेनर बनाया है। दमदार एक्शन के साथ उन्होंने कॉमेडी, डांस और इमोशन जैसे तमाम एलिमेंट जोड़े हैं। पहले हिस्से में कॉमेडी बड़ा प्लस पॉइंट है। अनिरुद्ध का बैकग्राउंड स्कोर और विजय कार्तिक कनन की सिनेमेटोग्राफी भी फिल्म की ताकत बनती है।

फिल्म में रजनी मोमेंट्स भरपूर हैं। खासकर इंटरवल से पहले का बर्थडे वाला सीन जानदार है। क्लाइमैक्स में फिल्म अपने अगले पार्ट की झलक भी देती है, जो रजनी फैंस के लिए रिटर्न गिफ्ट जैसा है।

कहां चूकी फिल्म

रिव्यू के मुताबिक सेकंड हाफ में कहानी पकड़ खो देती है। इसकी बड़ी वजह कल्पक परिवार के रूप में कमजोर विलेन हैं। एसजे सूर्या, विद्या बालन और मिथुन चक्रवर्ती वाला ट्रैक उतना असरदार नहीं बन पाया। इमोशनल एंगल भी पहली फिल्म जितना मजबूत नहीं है।

नोरा फतेही के आइटम नंबर में तमन्ना भाटिया के 'कावाला' जैसा जादू नहीं दिखता। कई जगह रजनीकांत के स्टारडम को भुनाने की कोशिश भी महसूस होती है। नेल्सन ने कहानी से ज्यादा स्टारडम पर भरोसा किया है, इसलिए कुछ नया देखने की उम्मीद रखने वाले दर्शक निराश हो सकते हैं।

एक्टिंग: रजनीकांत और कैमियो

75 की उम्र में भी रजनीकांत इस बिग स्केल फिल्म का भार बखूबी उठाते हैं। जेलर मुथुवेल पांडियन के रूप में उनकी मौजूदगी, अंदाज और संवाद अदायगी देखने लायक है।

टैक्सी ड्राइवर बने योगी बाबू और मूर्ति के रोल में नमो नारायण का अभिनय मजेदार है। राम्या कृष्णन, मिथुन चक्रवर्ती, विद्या बालन और एसजे सूर्या फिल्म को बल देते हैं, लेकिन उनके किरदार उम्मीद जितना असर नहीं छोड़ते। मोहनलाल, शिवा राजकुमार और जैकी श्रॉफ की तिकड़ी के साथ ऋतिक रोशन और विजय सेतुपति के कैमियो रोमांचित करते हैं।