Key Highlights
- केरल में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून की औपचारिक एंट्री के साथ ही दिल्ली-एनसीआर में मौसम ने अचानक करवट ली।
- राष्ट्रीय राजधानी और आसपास के इलाकों में तेज हवाओं, घने बादलों और झमाझम बारिश का दौर शुरू हुआ, नोएडा में दिन में ही अंधेरा छा गया।
- गर्मी से मिली राहत के बावजूद, धूल भरी आंधी और आंधी-तूफान ने कई जगहों पर जनजीवन प्रभावित किया।
केरल मॉनसून की दस्तक, दिल्ली-एनसीआर में अचानक बदला मौसम
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और इससे सटे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में बुधवार को मौसम ने अप्रत्याशित रूप से करवट ली। केरल में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून की औपचारिक एंट्री के ठीक बाद, दिल्ली-एनसीआर के इलाकों में तेज हवाओं के साथ घने काले बादल छा गए और देखते ही देखते झमाझम बारिश शुरू हो गई। दिन के समय ही आसमान में इतना अंधेरा छा गया कि कई जगहों पर रात जैसा माहौल बन गया।
नोएडा में दोपहर के वक्त आसमान में काली घटाएं इस कदर छाईं कि सड़कों पर रोशनी के लिए वाहनों की हेडलाइट्स जलानी पड़ीं। सड़कों पर धूल भरी तेज आंधी के कारण विजिबिलिटी भी काफी कम हो गई, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को काफी असुविधा का सामना करना पड़ा। हवा में पेड़ की पत्तियां और हल्का कचरा उड़ता नजर आया, जो आंधी की तीव्रता को दर्शा रहा था।
प्री-मॉनसून गतिविधियों में तेजी
मौसम के इस अचानक बदलाव ने लोगों को भीषण गर्मी से थोड़ी राहत जरूर दी, लेकिन तेज धूलभरी हवाओं और आंधी-तूफान ने कई जगहों पर परेशानी भी खड़ी कर दी। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, केरल में मॉनसून के आगमन से उत्तर भारत में भी नमी बढ़ी है। इसी नमी के कारण दिल्ली-एनसीआर में प्री-मॉनसून गतिविधियां तेज हुई हैं।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक दिल्ली-एनसीआर में इसी तरह का मौसम बना रहेगा। तेज हवाएं, धूल भरी आंधी और छिटपुट बारिश देखने को मिल सकती है। यह स्थिति आमतौर पर मॉनसून से पहले की होती है, जब वायुमंडल में नमी बढ़ती है और स्थानीय स्तर पर बादलों का निर्माण होता है।
IMD का आगामी दिनों के लिए अनुमान
भारतीय मौसम विभाग (IMD) के नवीनतम पूर्वानुमान के मुताबिक, अगले कुछ दिनों तक दिल्ली-एनसीआर में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। एक-दो बार हल्की बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। मौसम में बदलाव की यह स्थिति 6 जून तक बनी रहने की उम्मीद है, जिसके बाद धीरे-धीरे मौसम सामान्य होने की संभावना है, जब तक कि मॉनसून पूरी तरह से उत्तर भारत में सक्रिय न हो जाए।
नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे आंधी-तूफान के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और अनावश्यक यात्रा से बचें। बिजली कड़कने और तेज हवाओं के मद्देनजर खुले स्थानों पर सावधानी बरतनी आवश्यक है।