LPG eKYC Failed: इंडेन गैस की e-KYC नहीं हुई तो क्या करें? सिलेंडर बुकिंग में आ रही दिक्कत, जानें पूरा तरीका

नई दिल्ली: अगर आप Indane Gas के ग्राहक हैं और मोबाइल ऐप से LPG eKYC करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन बार-बार आपका वेरिफिकेशन फेल हो रहा है, तो आपकी परेशानी बढ़ सकती है। देश में घरेलू LPG कनेक्शन के लिए आधार आधारित बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन (Biometric Aadhaar Authentication) जरूरी किया गया है। ऐसे में जिन ग्राहकों की eKYC पूरी नहीं हुई है, उन्हें सब्सिडी वाले सिलेंडर की बुकिंग में परेशानी हो सकती है।

हाल ही में एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसमें गैस कनेक्शन झारखंड के रांची में है, जबकि ग्राहक दिल्ली में रहता है। मोबाइल ऐप से कई बार eKYC करने के बावजूद उसका फेस वेरिफिकेशन पूरा नहीं हुआ। इसके बाद गैस एजेंसी ने उसे खुद रांची आकर वेरिफिकेशन कराने की सलाह दी। इस मामले ने उन लोगों की परेशानी को सामने ला दिया है, जिनका गैस कनेक्शन किसी दूसरे शहर में है।

LPG eKYC फेल होने पर क्यों हो रही है परेशानी?

सरकार ने घरेलू LPG उपभोक्ताओं के लिए आधार आधारित बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन अनिवार्य किया है। इसका उद्देश्य फर्जी गैस कनेक्शन, डुप्लीकेट कनेक्शन और सब्सिडी के गलत इस्तेमाल को रोकना है।

पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के मुताबिक, 1 अक्टूबर 2026 से सब्सिडी के साथ रेगुलेटेड रेट पर LPG रिफिल बुक करने के लिए बायोमेट्रिक आधार ऑथेंटिकेशन जरूरी है।

जिन ग्राहकों की eKYC पहले ही पूरी हो चुकी है, उन्हें दोबारा यह प्रक्रिया करने की जरूरत नहीं है। लेकिन जिनका वेरिफिकेशन अधूरा है, उन्हें पहले ऑथेंटिकेशन पूरा करना होगा।

परेशानी तब बढ़ जाती है जब ग्राहक मोबाइल ऐप से कई बार कोशिश करने के बाद भी अपनी पहचान सत्यापित नहीं कर पाता।

दिल्ली में ग्राहक, रांची में गैस कनेक्शन, एजेंसी ने बुलाया वापस

सामने आए एक मामले में ग्राहक का Indane Gas कनेक्शन रांची में है, लेकिन वह नौकरी के कारण दिल्ली में रहता है। उसके परिवार के सदस्य रांची में रहते हैं और वहीं इस कनेक्शन का इस्तेमाल करते हैं।

ग्राहक ने IndianOil ONE ऐप के जरिए कई बार eKYC करने की कोशिश की, लेकिन कभी फेस वेरिफिकेशन फेल हुआ तो कभी ऐप आगे नहीं बढ़ा।

इसके बाद रांची की S.K. Gas Service से संपर्क किया गया। ग्राहक के मुताबिक, एजेंसी की तरफ से उसे रांची पहुंचकर वेरिफिकेशन कराने के लिए कहा गया।

इस तरह की स्थिति उन लोगों के लिए बड़ी परेशानी बन सकती है, जो नौकरी, कारोबार या पढ़ाई के कारण अपने गृह शहर से दूर रहते हैं, जबकि उनका गैस कनेक्शन पुराने पते पर ही चलता है।

क्या Indane Gas eKYC के लिए एजेंसी जाना जरूरी है?

नहीं, हर ग्राहक के लिए गैस एजेंसी जाना जरूरी नहीं है। पेट्रोलियम मंत्रालय ने बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन के लिए तीन तरीके बताए हैं।

  1. मोबाइल ऐप से: Indane ग्राहक IndianOil ONE ऐप के जरिए घर बैठे eKYC कर सकते हैं।
  2. सिलेंडर डिलीवरी के समय: डिलीवरी करने वाला कर्मचारी अपने अधिकृत मोबाइल ऐप से बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन कर सकता है।
  3. गैस एजेंसी पर: ग्राहक अपने LPG डिस्ट्रीब्यूटर के शोरूम पर जाकर भी आधार ऑथेंटिकेशन पूरा करा सकते हैं।

इसलिए अगर ऐप से eKYC नहीं हो रही है, तो ग्राहक डिलीवरी के समय वेरिफिकेशन का विकल्प भी पूछ सकते हैं। हालांकि, यह सुविधा और प्रक्रिया संबंधित ऑयल मार्केटिंग कंपनी के सिस्टम के अनुसार उपलब्ध होगी।

Indane Gas eKYC फेल हो तो क्या करें?

अगर आपका आधार फेस ऑथेंटिकेशन बार-बार फेल हो रहा है, तो कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखें।

  • सबसे पहले IndianOil ONE ऐप को अपडेट करें।
  • मोबाइल का कैमरा साफ रखें और पर्याप्त रोशनी में फेस स्कैन करें।
  • चेहरे को कैमरे के सामने सीधे रखें और मास्क या चश्मा हटा दें।
  • इंटरनेट कनेक्शन ठीक होने पर दोबारा कोशिश करें।
  • आधार से जुड़े विवरण और LPG कनेक्शन की जानकारी सही होने की जांच करें।
  • इसके बाद भी समस्या बनी रहती है तो गैस एजेंसी और IndianOil कस्टमर केयर में शिकायत दर्ज कराएं।

LPG सेवाओं से जुड़ी सहायता के लिए सरकारी हेल्पलाइन नंबर 1800-2333-555 पर भी संपर्क किया जा सकता है।

eKYC नहीं हुई तो क्या गैस सिलेंडर मिलना बंद हो जाएगा?

यह सबसे महत्वपूर्ण सवाल है। सरकार की 19 सितंबर 2026 की आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, जिन उपभोक्ताओं ने बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन नहीं कराया है, वे अपनी स्थिति ऑयल मार्केटिंग कंपनी के डिजिटल माध्यमों पर दर्ज करा सकते हैं।

ऐसे ग्राहकों को सब्सिडी के बिना बाजार मूल्य पर 5 किलो या 10 किलो के सिलेंडर उपलब्ध कराए जा सकते हैं। यह स्थानीय उपलब्धता और संबंधित कंपनी की व्यवस्था पर निर्भर करेगा।

इसका मतलब यह नहीं है कि हर ग्राहक को हमेशा के लिए LPG से वंचित कर दिया जाएगा। योग्य घरेलू उपभोक्ता ऑथेंटिकेशन पूरा करने के बाद लागू नियमों के अनुसार सब्सिडी वाले रिफिल की सुविधा दोबारा प्राप्त कर सकते हैं।

डिजिटल सुविधा के साथ शिकायत का समाधान भी जरूरी

LPG eKYC का उद्देश्य सही ग्राहकों तक सब्सिडी पहुंचाना और फर्जी कनेक्शन पर रोक लगाना है। लेकिन जब मोबाइल ऐप से वेरिफिकेशन नहीं होता और ग्राहक को दूसरे शहर में मौजूद गैस एजेंसी पहुंचने के लिए कहा जाता है, तब यह सुविधा खुद एक परेशानी बन जाती है।

खासकर उन परिवारों के लिए यह समस्या गंभीर है, जिनके गैस कनेक्शन का इस्तेमाल उनके माता-पिता या परिवार के दूसरे सदस्य पुराने शहर में कर रहे हैं।

ऐसे में ऑयल कंपनियों को eKYC फेल होने पर वैकल्पिक वेरिफिकेशन, शिकायत की ट्रैकिंग और समय पर समाधान की व्यवस्था मजबूत करनी चाहिए। ग्राहकों को भी किसी अनजान व्यक्ति को OTP, आधार की संवेदनशील जानकारी या बैंकिंग डिटेल साझा नहीं करनी चाहिए।

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