हैदराबाद पुलिस ने एटीएम कैश वैन से 17 लाख रुपए की चोरी के मामले का खुलासा करते हुए कैश वैन चालक और उसके दो बेटों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से 14.55 लाख रुपए नकद, एक मोटरसाइकिल और चार मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं।
यह घटना 23 जून को शहर के एडी बाजार इलाके में स्थित एसबीआई एटीएम के पास हुई थी, जहां एटीएम में नकदी भरने के दौरान रकम गायब हो गई थी। मामले की जांच के बाद पुलिस ने आरोपियों को दबोच लिया।
शिकायत के बाद शुरू हुई जांच
पुलिस के अनुसार, क्लीयर्ड सिक्योरिटी सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड के कैश कस्टोडियन बंटुपल्ली सुरेश ने शिकायत दर्ज कराई थी कि एटीएम में लोड किए जाने वाले 17 लाख रुपए नकद गायब हो गए हैं।
शिकायत मिलने के बाद आईएस सदन पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया और जांच शुरू की गई।
CCTV फुटेज से खुला पूरा राज
जांच के दौरान पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज में कैश वैन चालक चिरा श्रीनिवास नकदी से भरा बैग लेकर जाते हुए दिखाई दिया।
इसके बाद वह एक मोटरसाइकिल पर सवार होकर वहां से फरार हो गया। पुलिस ने बाइक चालक की पहचान उसके बेटे चिरा अनीश के रूप में की। इसके बाद जांच की दिशा पूरी तरह बदल गई और पुलिस आरोपियों तक पहुंचने में सफल रही।
आर्थिक तंगी बनी चोरी की वजह
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी चिरा श्रीनिवास आर्थिक परेशानियों से जूझ रहा था। इसी वजह से उसने अपने कार्यस्थल से नकदी चोरी करने की योजना बनाई।
बताया जा रहा है कि उसने इस योजना की जानकारी अपने दोनों बेटों अनीश और जसवंत को भी दी थी। तीनों ने मिलकर पूरी साजिश तैयार की और घटना को अंजाम दिया।
ऐसे दिया वारदात को अंजाम
23 जून को श्रीनिवास अपनी ड्यूटी पर कैश वैन के साथ एडी बाजार स्थित एसबीआई एटीएम पहुंचा। उसने पहले से ही अपने बेटे अनीश को मौके पर बुला रखा था।
जब अन्य कर्मचारी एटीएम में नकदी भरने में व्यस्त थे, तब श्रीनिवास चुपचाप कैश से भरा बैग लेकर पास की गली में पहुंच गया। वहां पहले से मौजूद अनीश ने उसे बाइक पर बैठाया और दोनों तेजी से वहां से फरार हो गए।
चोरी की रकम का किया बंटवारा
पुलिस के मुताबिक, वारदात के बाद दोनों की मुलाकात दूसरे बेटे जसवंत से हुई। इस दौरान चोरी की रकम में से 10 लाख रुपए जसवंत को दे दिए गए।
बाकी रकम श्रीनिवास और अनीश ने अपने पास रख ली। इसके बाद वे अलग-अलग स्थानों पर घूमते रहे और चोरी की रकम का कुछ हिस्सा खर्च भी कर दिया।
पुलिस ने ऐसे दबोचा आरोपियों को
चारमीनार जोन के पुलिस उपायुक्त खरे किरण प्रभाकर ने बताया कि गुप्त सूचना और तकनीकी जांच के आधार पर पुलिस ने बोवनपल्ली इलाके से श्रीनिवास और अनीश को गिरफ्तार किया।
पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर तीसरे आरोपी जसवंत को पीरजादिगुडा क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर अधिकांश चोरी की रकम भी बरामद कर ली।
पुलिस ने बरामद किए लाखों रुपए
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से 14.55 लाख रुपए नकद, अपराध में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल और चार मोबाइल फोन बरामद किए हैं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की आगे भी जांच की जा रही है और यह पता लगाया जा रहा है कि चोरी की रकम का कितना हिस्सा खर्च किया जा चुका है।
इस कार्रवाई को कमिश्नर टास्क फोर्स, चारमीनार जोन टीम और आईएस सदन पुलिस की संयुक्त टीम की बड़ी सफलता माना जा रहा है। चोरी की वारदात का खुलासा होने के बाद सुरक्षा एजेंसियां अब कैश वैन संचालन और नकदी परिवहन से जुड़े सुरक्षा प्रोटोकॉल की भी समीक्षा कर रही हैं।