Cyclone Arnab: छत्तीसगढ़ के किसानों को मिलेगा मुआवजा, CM विष्णु देव साय ने दिए फसल नुकसान के सर्वे के आदेश
Cyclone Arnab: छत्तीसगढ़ में चक्रवात 'अर्नब' का असर किसानों की फसलों पर पड़ा है। कई इलाकों में तेज बारिश और हवाओं के कारण धान की खड़ी और कटी हुई फसल को नुकसान पहुंचा है। किसानों की परेशानी को देखते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बड़ा कदम उठाया है। उन्होंने प्रदेश के सभी जिलों के कलेक्टरों को फसल नुकसान का तत्काल सर्वे कराने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने साफ कहा है कि प्रभावित किसानों को राहत देने में किसी तरह की देरी नहीं होनी चाहिए। सर्वे पूरा होने के बाद पात्र किसानों को राजस्व पुस्तक परिपत्र (RBC) 6-4 के नियमों के तहत आर्थिक सहायता दी जाएगी। सरकार का कहना है कि किसानों को समय पर राहत पहुंचाना उसकी प्राथमिकता है।
चक्रवात अर्नब से धान की फसल को नुकसान
छत्तीसगढ़ में चक्रवात अर्नब के प्रभाव से कई इलाकों में बारिश और तेज हवाएं चली हैं। इसका सबसे ज्यादा असर धान की फसल पर पड़ा है।
इस समय प्रदेश में धान की कटाई का काम चल रहा है। ऐसे में खेतों में खड़ी फसल और कटाई के बाद खेतों में रखी धान की फसल बारिश से प्रभावित हुई है।
कुछ इलाकों में तेज हवाओं के कारण खड़ी फसल जमीन पर गिर गई। वहीं कई जगहों पर कटी हुई धान की फसल भीग गई है। खेतों में पानी भरने से किसानों की चिंता और बढ़ गई है।
अगर भीगी हुई फसल लंबे समय तक नहीं सूखती है, तो धान की गुणवत्ता खराब होने और फसल में फफूंद लगने का खतरा भी रहता है।
CM विष्णु देव साय ने कलेक्टरों को दिए निर्देश
फसल नुकसान की खबरों के बाद मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सभी जिला कलेक्टरों को तत्काल कार्रवाई करने को कहा है।
उन्होंने निर्देश दिए हैं कि प्रभावित क्षेत्रों में फसलों को हुए नुकसान का जल्द से जल्द सर्वे कराया जाए। इसके लिए प्रशासन को पूरी गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ काम करने को कहा गया है।
मुख्यमंत्री ने यह भी साफ किया है कि सर्वे से लेकर मुआवजे की राशि देने तक किसी भी स्तर पर बेवजह देरी नहीं होनी चाहिए।
सरकार चाहती है कि नुकसान का सही आकलन हो और जिन किसानों की फसल खराब हुई है, उन्हें नियमों के अनुसार आर्थिक सहायता मिल सके।
RBC 6-4 के तहत किसानों को मिलेगा मुआवजा
छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रभावित किसानों को राहत देने के लिए राजस्व पुस्तक परिपत्र यानी RBC 6-4 के प्रावधानों के तहत सहायता देने की बात कही है।
इसके तहत पहले फसल नुकसान का सर्वे किया जाएगा। इसके बाद नुकसान और पात्रता के तय नियमों के आधार पर सहायता राशि निर्धारित होगी।
ध्यान देने वाली बात यह है कि अभी सरकार ने सभी किसानों के लिए किसी एक निश्चित मुआवजा राशि की घोषणा नहीं की है। कितनी सहायता मिलेगी, यह सर्वे और सरकारी नियमों के आधार पर तय होगा।
इसलिए किसानों को सर्वे की प्रक्रिया पूरी होने और प्रशासन की आधिकारिक जानकारी का इंतजार करना होगा।
Cyclone से किन इलाकों में फसलों पर पड़ा असर?
चक्रवात अर्नब के कारण छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में बारिश और तेज हवाओं का असर देखने को मिला है।
रिपोर्ट के मुताबिक, बलरामपुर में कटी हुई धान की फसल बारिश में भीग गई। वहीं रायगढ़ और रायपुर जिले के कुछ हिस्सों में तेज हवाओं से खेतों में खड़ी फसल को नुकसान पहुंचा है।
लगातार बारिश के कारण खेतों में पानी भरने की समस्या भी सामने आई है। इससे किसानों को डर है कि उनकी मेहनत से तैयार फसल खराब हो सकती है।
प्रशासन अब प्रभावित क्षेत्रों में नुकसान का आकलन करेगा। इसके बाद किसानों को मिलने वाली राहत की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
अमित शाह ने भी CM साय से की बात
चक्रवात अर्नब के असर को देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से फोन पर बात की थी।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने उन्हें राज्य में बारिश और उससे पैदा हुए हालात की जानकारी दी।
अमित शाह ने छत्तीसगढ़ समेत प्रभावित राज्यों को केंद्र सरकार की ओर से हरसंभव मदद का भरोसा दिया।
मुख्यमंत्री ने केंद्र की सहायता के आश्वासन के लिए उनका आभार जताया। राज्य सरकार ने कहा कि लोगों की सुरक्षा और राहत कार्यों पर नजर रखी जा रही है।
किसानों को कब मिलेगा मुआवजा?
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि प्रभावित किसानों के खातों में मुआवजे की राशि कब आएगी।
सरकार ने फिलहाल सबसे पहले फसल नुकसान का सर्वे कराने के निर्देश दिए हैं। जिला प्रशासन को इस काम में तेजी लाने को कहा गया है।
सर्वे पूरा होने के बाद नुकसान के आधार पर पात्र किसानों की पहचान की जाएगी। इसके बाद RBC 6-4 के नियमों के तहत आर्थिक सहायता दी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह भी कहा है कि किसानों को राहत पाने के लिए बेवजह परेशान न होना पड़े।
किसानों के साथ खड़ी है छत्तीसगढ़ सरकार
चक्रवात अर्नब के कारण किसानों को ऐसे समय में नुकसान हुआ है, जब धान की कटाई का काम चल रहा है। ऐसे में बारिश ने उनकी मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अधिकारियों को प्रभावित किसानों की मदद करने और सर्वे की प्रक्रिया जल्द पूरी करने के निर्देश दिए हैं।
अब किसानों को उम्मीद है कि नुकसान का सही आकलन होगा और उन्हें जल्द आर्थिक सहायता मिलेगी। आने वाले दिनों में सर्वे की रिपोर्ट के बाद मुआवजे से जुड़ी स्थिति और साफ होगी।
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