CM Yogi Gorakhpur Visit: गोरक्षपीठ में आज करेंगे महानिशा पूजा, लोककल्याण के लिए होगा हवन; जानें पूरा कार्यक्रम

CM Yogi Gorakhpur Visit: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ रविवार, 18 अक्टूबर 2026 को गोरखपुर स्थित गोरखनाथ मंदिर में महानिशा पूजा और हवन करेंगे। शारदीय नवरात्र की अष्टमी के अवसर पर आयोजित इस विशेष अनुष्ठान में वह लोककल्याण और जनमंगल की कामना करेंगे। गोरक्षपीठ में नवरात्र के अंतिम दिनों में विशेष पूजा-पाठ और पारंपरिक धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री 18 से 20 अक्टूबर तक महानिशा पूजा, कन्या पूजन और विजयादशमी शोभायात्रा सहित विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होंगे।

CM Yogi News: गोरक्षपीठ में महानिशा पूजा आज

गोरखनाथ मंदिर स्थित गोरक्षपीठ में शारदीय नवरात्र के दौरान विशेष धार्मिक अनुष्ठान किए जाते हैं। इसी परंपरा के तहत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अष्टमी की शाम महानिशा पूजा और हवन में शामिल होंगे।

इस दौरान मां भगवती की विधि-विधान से आराधना की जाएगी। धार्मिक परंपरा के अनुसार महानिशा पूजा नवरात्र के महत्वपूर्ण अनुष्ठानों में शामिल है। गोरक्षपीठ में इस अवसर पर विशेष पूजन और हवन के माध्यम से लोकमंगल की कामना की जाएगी।

नवरात्र की प्रतिपदा पर गोरखनाथ मंदिर स्थित शक्तिपीठ में कलश स्थापना की गई थी। इसके बाद नियमित पूजा-अर्चना मंदिर के प्रधान पुजारी योगी कमलनाथ द्वारा संपन्न कराई जा रही है। अष्टमी से विजयादशमी तक मुख्यमंत्री स्वयं विशेष धार्मिक कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे।

Gorakhpur News: 19 अक्टूबर को होगा कन्या पूजन

गोरक्षपीठ में सोमवार, 19 अक्टूबर को महानवमी के अवसर पर कन्या पूजन का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम पूर्वाह्न 11 बजे से शुरू होने का निर्धारित कार्यक्रम है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ नौ दुर्गा स्वरूपा नौ कन्याओं का पूजन करेंगे।

परंपरा के अनुसार, मुख्यमंत्री कन्याओं के पांव पखारकर उनका पूजन करेंगे। इसके बाद उनके माथे पर रोली, चंदन, दही और अक्षत का तिलक लगाया जाएगा। कन्याओं को श्रद्धापूर्वक भोजन कराने के साथ दक्षिणा और उपहार दिए जाएंगे।

कन्या पूजन के दौरान बटुक पूजन भी किया जाएगा। यह आयोजन मातृशक्ति के प्रति श्रद्धा, सम्मान और धार्मिक आस्था का प्रतीक माना जाता है।

गोरक्षपीठ में नवरात्र के दौरान होने वाले इन अनुष्ठानों का विशेष धार्मिक महत्व है। महानवमी पर कन्या पूजन के बाद नवरात्र के समापन से जुड़े अन्य पारंपरिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।

Vijayadashami 2026: 20 अक्टूबर को योगी निकालेंगे शोभायात्रा

गोरखपुर में विजयादशमी के अवसर पर गोरखनाथ मंदिर से निकलने वाली पारंपरिक शोभायात्रा प्रमुख आकर्षण होती है। इस वर्ष मंगलवार, 20 अक्टूबर को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ विजयादशमी शोभायात्रा की अगुवाई करेंगे।

कार्यक्रम के अनुसार, गुरु गोरखनाथ की विशेष पूजा-अर्चना और गोरक्षपीठाधीश्वर के तिलकोत्सव के बाद शाम को शोभायात्रा निकाली जाएगी। शोभायात्रा में पारंपरिक वाद्ययंत्रों, तुरही, नगाड़ों और बैंड-बाजे की धुन के बीच श्रद्धालु शामिल होंगे।

शोभायात्रा गोरखनाथ मंदिर से निकलकर मानसरोवर मंदिर पहुंचेगी। यहां पूजा-अर्चना के बाद यात्रा मानसरोवर रामलीला मैदान की ओर बढ़ेगी। मुख्यमंत्री वहां आयोजित रामलीला में प्रभु श्रीराम का राजतिलक करेंगे। इस अवसर पर भगवान श्रीराम, माता जानकी, लक्ष्मण और हनुमान जी का पूजन तथा आरती भी की जाएगी।

Gorakhnath Temple: विजयादशमी पर सामाजिक समरसता का संदेश

गोरखनाथ मंदिर की विजयादशमी शोभायात्रा धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक समरसता की परंपरा के लिए भी जानी जाती है। इसमें विभिन्न समुदायों और समाज के अलग-अलग वर्गों के लोग भाग लेते हैं।

परंपरा के अनुसार, शोभायात्रा का विभिन्न स्थानों पर स्वागत किया जाता है। मंदिर से जुड़े पारंपरिक कार्यक्रमों में सामाजिक सहभागिता और आपसी सौहार्द को महत्व दिया जाता है।\

विजयादशमी के दिन गोरखनाथ मंदिर में तिलकोत्सव कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा। इस दौरान गोरक्षपीठाधीश्वर श्रद्धालुओं को आशीर्वाद देंगे। शाम को मंदिर में पारंपरिक भोज का आयोजन भी निर्धारित है, जिसमें अलग-अलग सामाजिक और आर्थिक वर्गों के लोगों की भागीदारी रहती है।

CM Yogi Gorakhpur Programme: तीन दिनों तक होंगे विशेष अनुष्ठान

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का गोरखपुर में 18 से 20 अक्टूबर तक का धार्मिक कार्यक्रम तीन प्रमुख आयोजनों पर केंद्रित है। अष्टमी पर महानिशा पूजा और हवन, महानवमी पर कन्या पूजन तथा विजयादशमी पर गुरु गोरखनाथ की विशेष पूजा और शोभायात्रा इसमें शामिल हैं।

गोरक्षपीठ की इन परंपराओं में नवरात्र की आराधना के साथ धार्मिक और सामाजिक आयोजनों का भी विशेष महत्व है। इन कार्यक्रमों के जरिए श्रद्धालु मां दुर्गा की उपासना करते हैं और विजयादशमी के अवसर पर भगवान श्रीराम के राज्याभिषेक से जुड़े आयोजन में भाग लेते हैं।

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