Rajasthan Politics: गहलोत का भजनलाल सरकार पर हमला, परिसीमन में धांधली और पुलिस पर दबाव का आरोप
Rajasthan News: राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार पर निकाय चुनावों में कथित अनियमितताओं और पुलिस-प्रशासन के दुरुपयोग के आरोप लगाए हैं। जयपुर स्थित अपने सरकारी आवास पर पत्रकारों से बातचीत के दौरान गहलोत ने वार्ड परिसीमन की प्रक्रिया पर सवाल उठाए। उन्होंने प्रदेश में सूखे और अकाल के हालात का मुद्दा उठाते हुए राज्य सरकार से जल्द गिरदावरी पूरी कराने, राहत कार्य शुरू करने और केंद्र सरकार से आर्थिक सहायता मांगने की अपील भी की। उनके बयानों के बाद राजस्थान की राजनीति में सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज होने की संभावना है।
Ashok Gehlot News: भजनलाल सरकार पर क्यों बरसे पूर्व मुख्यमंत्री?
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने आरोप लगाया कि राजस्थान के निकाय चुनावों के दौरान पुलिस प्रशासन का दुरुपयोग किया गया और वार्ड परिसीमन में अनियमितताएं हुईं। उन्होंने कहा कि चुनाव में हार-जीत लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा है, लेकिन परिसीमन में कथित बेईमानी और पुलिस पर दबाव के आरोप गंभीर हैं।
गहलोत ने दावा किया कि पुलिस अधिकारियों पर दबाव बनाया गया और मुख्यमंत्री कार्यालय से गतिविधियों की निगरानी की जा रही थी। उन्होंने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा पर पुलिस अधीक्षकों और जिला कलेक्टरों को निर्देश देने का आरोप भी लगाया।
ये आरोप गहलोत ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान लगाए हैं। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि और संबंधित अधिकारियों का पक्ष सामने आना जरूरी है। आरोपों को ही किसी अनियमितता का अंतिम प्रमाण नहीं माना जा सकता।
Rajasthan Delimitation Controversy: वार्डों में मतदाताओं की संख्या पर सवाल
गहलोत ने निकाय चुनावों के लिए किए गए वार्ड परिसीमन की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए। उनके मुताबिक, कुछ वार्डों में मतदाताओं की संख्या बेहद कम है, जबकि दूसरे वार्डों में यह हजारों से लेकर 20 हजार तक पहुंच गई है।
उन्होंने दावा किया कि इस असमानता से चुनावी व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। गहलोत ने भाजपा नेताओं घनश्याम तिवाड़ी, राजेंद्र राठौड़ और अरुण चतुर्वेदी का नाम लेते हुए आरोप लगाया कि परिसीमन की प्रक्रिया को ठीक तरीके से नहीं संभाला गया।
पूर्व मुख्यमंत्री ने इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए चिंताजनक बताया। हालांकि, वार्डों में मतदाताओं की वास्तविक संख्या और परिसीमन के नियमों के पालन की स्थिति जानने के लिए आधिकारिक आंकड़ों तथा संबंधित आदेशों की जांच जरूरी है।
Panchayat Election Rajasthan: पंचायत चुनावों को लेकर कांग्रेस की तैयारी
गहलोत ने आगामी पंचायत चुनावों का जिक्र करते हुए बताया कि प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने संभाग, जिला और विधानसभा स्तर पर समितियां गठित की हैं। उनके अनुसार, चुनावी तैयारियों के लिए पर्यवेक्षक भी तैनात किए गए हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि पंचायतों के परिसीमन में भी अनियमितताएं हुई हैं। साथ ही, उन्होंने चुनावी प्रक्रिया के दौरान राजनीतिक गतिविधियों और संभावित दबाव को लेकर सवाल उठाए।
कांग्रेस की ओर से पंचायत चुनावों में मजबूती से उतरने की बात कही गई है। दूसरी ओर, चुनावी प्रक्रिया को निष्पक्ष बनाए रखने के लिए परिसीमन, मतदाता सूची और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की पारदर्शिता महत्वपूर्ण होगी।
Rajasthan Drought News: सूखे और अकाल को लेकर सरकार पर निशाना
गहलोत ने राजस्थान में सूखे और अकाल के हालात को लेकर भी भजनलाल सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि बीकानेर, जैसलमेर, बाड़मेर और जोधपुर जैसे क्षेत्रों में स्थिति गंभीर है।
उनका दावा है कि जैसलमेर क्षेत्र में चारे की कमी के कारण बड़ी संख्या में गायों की मौत हुई है और बाजार में चारे की कीमत लगभग 20 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने जल स्रोतों और बांधों में पानी की कमी का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने आशंका जताई कि हालात का समय पर समाधान नहीं होने पर पेयजल और सिंचाई की समस्या बढ़ सकती है।
हालांकि, सूखे की वास्तविक गंभीरता, पशुओं की मौतों की संख्या और चारे की उपलब्धता का आकलन सरकारी सर्वेक्षणों तथा स्थानीय प्रशासन के आंकड़ों के आधार पर किया जाना चाहिए।
Akal Rahat Rajasthan: गिरदावरी और केंद्रीय सहायता की मांग
गहलोत ने राज्य सरकार से जल्द गिरदावरी पूरी कराने की मांग की। गिरदावरी के माध्यम से खेतों में फसलों की स्थिति और कृषि संबंधी नुकसान का आकलन किया जाता है। सूखा या प्राकृतिक आपदा होने पर राहत की जरूरत तय करने में यह प्रक्रिया महत्वपूर्ण हो सकती है।
उन्होंने कहा कि सरकार को केवल घोषणाओं तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि प्रभावित किसानों और ग्रामीण परिवारों तक सहायता पहुंचाने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।
गहलोत ने केंद्र सरकार से वित्तीय और खाद्यान्न सहायता मांगने का सुझाव भी दिया। उन्होंने अपने पिछले कार्यकाल का उदाहरण देते हुए कहा कि तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी से मुलाकात के बाद राजस्थान को सहायता मिली थी। उन्होंने अकाल प्रबंधन के लिए 'काम के बदले अनाज' जैसी योजना का भी उल्लेख किया।
Rajasthan BJP Congress News: आगे क्या होगा?
गहलोत के आरोपों ने राजस्थान में निकाय चुनावों की प्रक्रिया, प्रशासन की भूमिका और सूखे से निपटने की तैयारियों को राजनीतिक बहस के केंद्र में ला दिया है।
परिसीमन को लेकर उठाए गए सवालों पर आधिकारिक आंकड़ों और संबंधित दस्तावेजों की जांच महत्वपूर्ण होगी। इसी तरह, सूखे और चारे की कमी के संबंध में प्रभावित जिलों की वास्तविक स्थिति का आकलन करके राहत संबंधी निर्णय लेने की जरूरत है।
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