Ghaziabad News :  उत्तर प्रदेश के CM योगी आदित्यनाथ के 16 अक्टूबर 2026 को गाजियाबाद दौरे का कार्यक्रम विकास परियोजनाओं और विधान परिषद चुनाव से जुड़ी राजनीतिक गतिविधियों पर केंद्रित रहा। दौरे में इंदिरापुरम स्थित टर्शियरी सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (TSTP) का निरीक्षण और डासना के सुंदरदीप विश्वविद्यालय में शिक्षक एवं स्नातक मतदाता सम्मेलन को संबोधित करना शामिल था। प्रशासन ने मुख्यमंत्री के दौरे को देखते हुए सुरक्षा, यातायात और कार्यक्रम स्थल पर जरूरी व्यवस्थाएं की थीं। 

सुंदरदीप विश्वविद्यालय में शिक्षक और स्नातक मतदाता सम्मेलन में CM

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दौरे का प्रमुख कार्यक्रम गाजियाबाद के डासना स्थित सुंदरदीप विश्वविद्यालय में आयोजित मतदाता सम्मेलन था। भारतीय जनता पार्टी की ओर से मेरठ और सहारनपुर मंडल के शिक्षक एवं स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों के मतदाताओं को इस कार्यक्रम में आमंत्रित किया गया था।

इस सम्मेलन का संबंध विधान परिषद यानी एमएलसी चुनाव से है। इन निर्वाचन क्षेत्रों में निर्धारित पात्रता पूरी करने वाले शिक्षक और स्नातक मतदाता अपने प्रतिनिधियों का चुनाव करते हैं। ऐसे में राजनीतिक दलों के लिए इन मतदाताओं तक अपनी नीतियां और चुनावी प्राथमिकताएं पहुंचाना महत्वपूर्ण होता है।

मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को लेकर भाजपा संगठन ने तैयारियां की थीं। पार्टी पदाधिकारियों ने सम्मेलन स्थल का निरीक्षण किया और बैठने, पहुंचने तथा अन्य व्यवस्थाओं की समीक्षा की। बारिश के बावजूद कार्यक्रम की तैयारियां जारी रहने की जानकारी भी सामने आई थी। 

एमएलसी चुनाव को लेकर क्या है तैयारी?

मेरठ-सहारनपुर क्षेत्र के शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों के चुनाव को देखते हुए मतदाता सम्मेलन आयोजित किया गया था। भाजपा की ओर से दोनों निर्वाचन क्षेत्रों के मतदाताओं के साथ संवाद करने की योजना बनाई गई थी।

एमएलसी चुनाव में शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों की भूमिका सामान्य विधानसभा चुनाव से अलग होती है। यहां मतदाता बनने के लिए निर्धारित योग्यता और पंजीकरण की शर्तें पूरी करनी होती हैं। इसलिए उम्मीदवारों और राजनीतिक दलों को संबंधित मतदाता समूहों से सीधे संवाद करने पर ध्यान देना पड़ता है।

मुख्यमंत्री की मौजूदगी में आयोजित होने वाले इस सम्मेलन को पार्टी की चुनावी गतिविधियों का हिस्सा माना गया। हालांकि, सम्मेलन में शामिल लोगों की वास्तविक संख्या और कार्यक्रम के अंतिम नतीजों के बारे में किसी निष्कर्ष पर पहुंचने के लिए कार्यक्रम के बाद की आधिकारिक जानकारी जरूरी है।

 320 करोड़ रुपये का ट्रीटमेंट प्लांट भी दौरे में शामिल

मुख्यमंत्री के गाजियाबाद दौरे का दूसरा महत्वपूर्ण हिस्सा इंदिरापुरम स्थित टर्शियरी सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का निरीक्षण था। यह प्लांट शोधित सीवेज के पानी को और अधिक साफ करके औद्योगिक इस्तेमाल के योग्य बनाने के लिए विकसित किया गया है।

रिपोर्टों के मुताबिक, इस प्लांट की क्षमता 40 मिलियन लीटर प्रतिदिन यानी 40 एमएलडी है। इसकी मदद से करीब 1,200 औद्योगिक इकाइयों को पानी उपलब्ध कराया जाता है। परियोजना की लागत लगभग 320 करोड़ रुपये बताई गई है। 

इस तरह की परियोजनाएं उद्योगों में भूजल पर निर्भरता कम करने में मदद कर सकती हैं। घरेलू और अन्य उपयोग के बाद निकलने वाले पानी को उपचारित करके दोबारा इस्तेमाल करने से प्राकृतिक जल संसाधनों पर दबाव कम किया जा सकता है।

रिपोर्टों में यह भी बताया गया है कि प्लांट से प्रतिदिन लगभग चार करोड़ लीटर भूजल बचाने में मदद मिलती है। हालांकि, वास्तविक बचत का आकलन प्लांट के संचालन, पानी की मांग और पुनः उपयोग की मात्रा पर निर्भर करता है।

गाजियाबाद में सुरक्षा और ट्रैफिक के इंतजाम

मुख्यमंत्री के दौरे को देखते हुए पुलिस और जिला प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की थी। हिंडन एयरपोर्ट से इंदिरापुरम और सुंदरदीप विश्वविद्यालय तक सड़क, साफ-सफाई, बिजली और अन्य व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया गया।

कार्यक्रम के दौरान यातायात को व्यवस्थित रखने के लिए भी इंतजाम किए गए थे। एक रिपोर्ट के अनुसार, मुख्यमंत्री के दौरे के मद्देनजर 500 से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी। कार्यक्रम स्थल के आसपास नो-ड्रोन जोन घोषित किए जाने की जानकारी भी सामने आई थी। 

मुख्यमंत्री के काफिले की आवाजाही के दौरान कुछ मार्गों पर यातायात प्रभावित होने की आशंका थी। ऐसे में प्रशासन ने लोगों से यातायात संबंधी निर्देशों का पालन करने और जरूरत के अनुसार वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करने की अपील की थी।

प्रशासन ने पहले से की थीं तैयारियां

मुख्यमंत्री के प्रस्तावित दौरे से पहले जिला प्रशासन ने संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर व्यवस्थाओं की समीक्षा की थी। हिंडन एयरपोर्ट से कार्यक्रम स्थल तक सड़कों, बिजली, साफ-सफाई और स्वास्थ्य सेवाओं पर ध्यान दिया गया।

लोक निर्माण विभाग, नगर निगम, जल निगम और अन्य संबंधित विभागों को जरूरी व्यवस्थाएं समय पर पूरी करने के निर्देश दिए गए थे। पुलिस और यातायात विभाग को भी सुरक्षा और आवागमन की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।

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