Chhattisgarh School Praveshotsav : छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के पाटन विकासखंड स्थित ग्राम जामगांव (एम) में गुरुवार को राज्य स्तरीय शाला प्रवेशोत्सव का आयोजन किया गया। स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मुख्य अतिथि के रूप में हिस्सा लिया और शैक्षणिक सत्र 2026-27 के प्रवेशोत्सव का शुभारंभ किया।
मुख्यमंत्री ने पहली, छठवीं और नौवीं कक्षा में प्रवेश लेने वाले नवप्रवेशी विद्यार्थियों का तिलक लगाकर, मिठाई खिलाकर और स्कूल बैग भेंट कर स्वागत किया। कार्यक्रम के दौरान मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया और विद्यालय परिसर में स्थापित एस्ट्रोनॉमी लैब का भी उद्घाटन किया गया।
Chhattisgarh School Praveshotsav के तहत छात्रों का हुआ सम्मान
शाला प्रवेशोत्सव का उद्देश्य प्रदेश में शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करना और बच्चों को शिक्षा से जोड़ने के लिए प्रेरित करना है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र, अभिभावक, शिक्षक और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वे पूरी लगन और मेहनत से पढ़ाई करें तथा भविष्य में अपने परिवार, विद्यालय, प्रदेश और देश का नाम रोशन करें।
दुर्ग के लिए मुख्यमंत्री ने की कई अहम घोषणाएं
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शिक्षा और खेल सुविधाओं के विस्तार से जुड़ी कई महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं। उन्होंने दुर्ग में संयुक्त जिला शिक्षा अधिकारी (JD DEO) और विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO) कार्यालय के लिए कंपोजिट भवन बनाने की घोषणा की।
इसके अलावा एक ऑडिटोरियम, खिलाड़ियों के लिए फुटबॉल मैदान और एथलेटिक ट्रैक के निर्माण तथा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों के लिए 100 सीटों वाले छात्रावास के निर्माण का भी ऐलान किया।
कार्यक्रम में कई जनप्रतिनिधि रहे मौजूद
इस अवसर पर स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव, दुर्ग ग्रामीण विधायक ललित चंद्राकर, शिक्षा सचिव कमलप्रीत सिंह सहित शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने, विद्यार्थियों को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने और सरकारी स्कूलों में बेहतर वातावरण तैयार करने पर भी जोर दिया गया।
अतिथि शिक्षकों के प्रदर्शन पर क्या बोले मुख्यमंत्री?
मीडिया से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से अतिथि शिक्षकों के प्रदर्शन को लेकर भी सवाल पूछा गया। इस पर उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस विषय पर विचार कर रही है और सभी पक्षों के हितों को ध्यान में रखते हुए उचित निर्णय लिया जाएगा।
हालांकि, उन्होंने इस संबंध में किसी समय-सीमा या विस्तृत योजना की जानकारी नहीं दी।
वंदे मातरम् पर भी रखी अपनी राय
मुख्यमंत्री ने वंदे मातरम् को लेकर चल रही चर्चाओं पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह गीत देश के स्वतंत्रता सेनानियों के लिए प्रेरणा और शक्ति का स्रोत रहा है। इसलिए इसका सम्मान किया जाना चाहिए और इसका स्वागत होना चाहिए।
शिक्षा के विस्तार पर सरकार का जोर
राज्य सरकार का कहना है कि शाला प्रवेशोत्सव जैसे अभियान का उद्देश्य केवल नए विद्यार्थियों का प्रवेश कराना नहीं, बल्कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक संसाधन और बेहतर बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना भी है। सरकार का दावा है कि शिक्षा और खेल से जुड़ी नई घोषणाओं से विद्यार्थियों को भविष्य में बेहतर अवसर मिलेंगे।