Gold-Silver Price Today : अंतरराष्ट्रीय बाजार से मिले मजबूत संकेतों के बाद भारत में सोने और चांदी की कीमतों में एक बार फिर तेजी देखने को मिली है। वैश्विक स्तर पर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और सुरक्षित निवेश (Safe Haven) की बढ़ती मांग के बीच बुलियन मार्केट में खरीदारी तेज हुई है। इसका असर घरेलू सर्राफा बाजार और मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) दोनों पर दिखाई दिया।
सोने की कीमतों में जहां एक हजार रुपये से अधिक की बढ़त दर्ज की गई, वहीं चांदी भी नई ऊंचाइयों पर पहुंच गई। ऐसे में निवेशकों और आभूषण खरीदारों की नजर अब बाजार के अगले रुख पर बनी हुई है।
Gold-Silver Price Today: MCX पर कैसा रहा कारोबार?
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर अगस्त डिलीवरी वाले सोने के वायदा भाव में 1.03% यानी 1,460 रुपये की तेजी दर्ज की गई। कारोबार के दौरान सोना 1,42,848 रुपये प्रति 10 ग्राम के इंट्राडे हाई तक पहुंचा। बाजार बंद होने पर यह 1,42,741 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ।
वहीं सितंबर डिलीवरी वाली चांदी में भी मजबूत खरीदारी देखने को मिली। चांदी 3,380 रुपये की बढ़त के साथ 2,21,780 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंची और अंत में 2,21,402 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई।
दिल्ली, मुंबई, चेन्नई और कोलकाता में आज का गोल्ड रेट
23 जुलाई के अनुसार प्रमुख शहरों में सोने के खुदरा भाव इस प्रकार रहे—
| शहर | 24 कैरेट (प्रति ग्राम) | 22 कैरेट (प्रति ग्राम) | 18 कैरेट (प्रति ग्राम) |
|---|---|---|---|
| नई दिल्ली | ₹14,657 | ₹13,446 | ₹11,004 |
| मुंबई | ₹14,652 | ₹13,431 | ₹10,989 |
| चेन्नई | ₹14,652 | ₹13,431 | ₹11,246 |
| कोलकाता | ₹14,652 | ₹13,431 | ₹10,989 |
बेंगलुरु, हैदराबाद और केरल में भी 24 और 22 कैरेट सोने के भाव लगभग मुंबई और कोलकाता के समान दर्ज किए गए।
आज चांदी का भाव कितना है?
देश में चांदी के हाजिर भाव ₹240.10 प्रति ग्राम और ₹2,40,100 प्रति किलोग्राम तक पहुंच गए हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार चांदी की कीमतों को केवल निवेशकों की मांग ही नहीं, बल्कि इलेक्ट्रॉनिक्स, सोलर एनर्जी और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की बढ़ती खपत भी समर्थन दे रही है।
सोने-चांदी की कीमतें क्यों बढ़ रही हैं?
सोने और चांदी में तेजी के पीछे कई प्रमुख कारण माने जा रहे हैं—
- वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव
- सुरक्षित निवेश की बढ़ती मांग
- अंतरराष्ट्रीय बुलियन मार्केट में मजबूती
- डॉलर और वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता
- औद्योगिक क्षेत्रों में चांदी की बढ़ती मांग
इन वजहों से निवेशक जोखिम वाले एसेट्स की बजाय सोने और चांदी जैसे सुरक्षित विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं।
क्या अभी सोना खरीदना चाहिए?
यदि खरीदारी का उद्देश्य आभूषण है, तो कीमतों में उतार-चढ़ाव के बावजूद जरूरत के अनुसार खरीदारी की जा सकती है।
वहीं निवेश के लिहाज से विशेषज्ञ अक्सर लंबी अवधि का दृष्टिकोण अपनाने और बाजार की चाल पर नजर रखने की सलाह देते हैं। हालांकि, निवेश का निर्णय अपनी वित्तीय स्थिति और जोखिम क्षमता को ध्यान में रखकर ही लेना चाहिए।
आगे कैसा रह सकता है बाजार?
विश्लेषकों का मानना है कि जब तक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव और आर्थिक अनिश्चितता बनी रहती है, तब तक सोने और चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव के साथ मजबूती का रुख देखने को मिल सकता है।
निवेशकों के लिए आने वाले दिनों में अमेरिकी आर्थिक आंकड़े, केंद्रीय बैंकों की नीतियां और वैश्विक घटनाक्रम बुलियन मार्केट की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।