पाली : राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा (Bhajanlal Sharma) शनिवार को पाली जिले के सुमेरपुर क्षेत्र के नेतरा गांव पहुंचे, जहां उन्होंने राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय परिसर में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर का निरीक्षण किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों की ओर से लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन किया और लाभार्थियों से सीधे बातचीत कर योजनाओं के क्रियान्वयन की वास्तविक स्थिति का जायजा लिया।
मुख्यमंत्री ने शिविर में मौजूद ग्रामीणों से सुविधाओं और सरकारी योजनाओं के लाभ को लेकर फीडबैक भी लिया। साथ ही कई पात्र जरूरतमंद परिवारों को पट्टों और विभिन्न योजनाओं से जुड़े प्रमाण-पत्र वितरित कर लाभान्वित किया।
आमजन तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने का प्रयास
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। इसी सोच के तहत प्रदेशभर में ग्रामीण और शहरी सेवा शिविरों का आयोजन किया जा रहा है, ताकि किसानों, मजदूरों, महिलाओं, दिव्यांगों और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को एक ही स्थान पर विभिन्न सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
उन्होंने कहा कि इन शिविरों के माध्यम से वर्षों से लंबित मामलों का समाधान किया जा रहा है, जिससे पात्र लोगों को योजनाओं का लाभ मिलने का रास्ता आसान हो रहा है।
दस्तावेजों की त्रुटियां हो रही दूर
मुख्यमंत्री ने बताया कि शिविरों में नाम शुद्धिकरण, नामांतरण, रास्तों से जुड़े विवादों का समाधान, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) से संबंधित मामलों का निस्तारण और पेंशन सत्यापन जैसे कई महत्वपूर्ण कार्य किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि दस्तावेजों में छोटी-छोटी गलतियों के कारण कई लोग सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं उठा पाते। ऐसे मामलों का समाधान कर उन्हें योजनाओं से जोड़ा जा रहा है।
किसान और पशुपालकों को मिल रही विशेष सुविधाएं
भजनलाल शर्मा (Bhajanlal Sharma) ने कहा कि कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए किसानों को मृदा परीक्षण की सुविधा, बीज मिनीकिट और फलदार पौधे उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इससे कृषि उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ किसानों की आय में भी वृद्धि होगी।
इसके अलावा पशुपालकों के लिए पशुओं की स्वास्थ्य जांच और उपचार की व्यवस्था भी शिविरों में की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए कृषि और पशुपालन दोनों क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
स्वास्थ्य सेवाओं का भी मिल रहा लाभ
मुख्यमंत्री ने कहा कि चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न योजनाओं का लाभ भी इन शिविरों के जरिए ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचाया जा रहा है। लोगों को स्वास्थ्य जांच, परामर्श और अन्य आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे ग्रामीणों को दूर-दराज के अस्पतालों के चक्कर नहीं लगाने पड़ें।
उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे जागरूक बनें और इन शिविरों में पहुंचकर अधिक से अधिक सरकारी योजनाओं का लाभ उठाएं।
एक किसान की समस्या का हुआ समाधान
मुख्यमंत्री ने एक किसान का उदाहरण देते हुए बताया कि उसकी जमाबंदी में नाम 'ओट सिंह' दर्ज था, जबकि अन्य दस्तावेजों में उसका नाम 'अर्जुन सिंह' था। नाम में इस विसंगति के कारण वह प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि सहित कई योजनाओं का लाभ नहीं ले पा रहा था।
ग्रामीण सेवा शिविर में दस्तावेजों का सुधार होने के बाद अब किसान को सभी पात्र सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सकेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे शिविर आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान का प्रभावी माध्यम बन रहे हैं।
लाभार्थियों को वितरित किए गए पट्टे और प्रमाण-पत्र
इस अवसर पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने हजाराम, भैराराम और मांगीलाल को विमुक्त, घुमंतू और अर्द्धघुमंतू श्रेणी के तहत भूमि पट्टे प्रदान किए। वहीं अजु देवी को पुराने मकान के विनियमितीकरण का प्रमाण-पत्र सौंपा गया।
इसके अलावा कपूराराम को रियायती दर पर पट्टा आवंटन का प्रमाण-पत्र भी प्रदान किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार पारदर्शी व्यवस्था के माध्यम से पात्र लोगों को उनके अधिकार दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है।
गांव-गांव तक पहुंच रही सरकारी योजनाएं
राज्य सरकार का दावा है कि ग्रामीण सेवा शिविरों के जरिए प्रशासन को गांव स्तर तक पहुंचाया जा रहा है। इससे लोगों को सरकारी कार्यालयों के बार-बार चक्कर लगाने से राहत मिल रही है और विभिन्न योजनाओं का लाभ समय पर मिल पा रहा है।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उन्हें प्रभावी ढंग से धरातल तक पहुंचाना है, ताकि प्रदेश के हर जरूरतमंद व्यक्ति को उसका अधिकार समय पर मिल सके।