नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली का जंतर मंतर एक बार फिर युवाओं के आक्रोश का गवाह बना। अमेरिका से दिल्ली पहुंचे अभिजीत दीपके ने यहां युवाओं को एकजुट कर आंदोलन को आगे बढ़ाने का आह्वान किया। अभिजीत दीपके और कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की लगातार मांग कर रहे हैं। इस प्रदर्शन को लेकर आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी कड़ी प्रतिक्रिया दी है।

मीडिया की भूमिका पर अनुराग ढांडा के गंभीर सवाल

आप नेता अनुराग ढांडा ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर लिखा, “देश के युवाओं का ये ग़ुस्सा आपको टीवी पर कहीं नहीं दिखेगा। क्योंकि देश का मीडिया इस समय राजा के साथ है, प्रजा के साथ नहीं।” अपने इस ट्वीट के जरिए ढांडा ने देश के मुख्यधारा के मीडिया पर कई महत्वपूर्ण जनसरोकार के मुद्दों को अपेक्षित कवरेज न देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मीडिया ऐसे मुद्दों को दरकिनार कर अन्य विषयों को प्रमुखता से दिखाता है।

ढांडा ने लोकतंत्र में मीडिया की जिम्मेदारी पर भी जोर दिया। उनका कहना था कि मीडिया का कर्तव्य जनता की आवाज को सामने लाना होता है। उन्होंने विशेष रूप से इस आंदोलन की खबरों को मीडिया में जगह न मिलने पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं, जो मौजूदा समय में मीडिया की निष्पक्षता पर एक बड़ी बहस को जन्म देता है।

जंतर मंतर: आंदोलनों का केंद्र

दिल्ली का जंतर मंतर लंबे समय से विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक आंदोलनों का एक महत्वपूर्ण केंद्र रहा है। देश के कोने-कोने से लोग अपनी मांगों और समस्याओं को लेकर यहां प्रदर्शन करने पहुंचते रहे हैं। हालिया प्रदर्शन ने भी राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में चर्चा को जन्म दिया है, जो अब एक और महत्वपूर्ण आंदोलन के रूप में जुड़ गया है। यह स्थान लोगों की आवाज बुलंद करने का एक सशक्त मंच रहा है।

सीजेपी, यानी कॉकरोच जनता पार्टी, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अड़ी है। हालांकि, जंतर मंतर पर जारी यह आंदोलन अब समाप्त हो चुका है, लेकिन इसने मीडिया कवरेज और युवाओं के मुद्दों को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है।