उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन की बैठक में राज्य की विभिन्न विकास परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में फायर सेफ्टी, एक्सप्रेसवे, ऊर्जा, औद्योगिक अवसंरचना, स्वास्थ्य, डेटा सेंटर, ग्रामीण आजीविका और ईवी चार्जिंग नेटवर्क जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई।
फायर एनओसी पर सख्त निर्देश
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन संस्थानों की फायर एनओसी (नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट) की वैधता समाप्त होने वाली है, उन्हें समय रहते नोटिस जारी किए जाएं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि जनसुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा और अग्नि सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए।
फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे के लिए 85% भूमि अधिग्रहण पूरा
बैठक में बताया गया कि फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे परियोजना के लिए लगभग 85 प्रतिशत भूमि अधिग्रहण पूरा हो चुका है।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सभी प्रस्तावित नए एक्सप्रेसवे के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए, ताकि परियोजनाएं तय समय पर शुरू हो सकें।
ईवी चार्जिंग स्टेशन बढ़ाने पर जोर
योगी आदित्यनाथ ने इलेक्ट्रिक वाहनों के बढ़ते उपयोग को देखते हुए राज्य में ईवी चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने की गति तेज करने के निर्देश दिए।
उन्होंने निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ाने और निवेश को प्रोत्साहित करने पर भी बल दिया, ताकि राज्य में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के लिए बेहतर बुनियादी ढांचा तैयार हो सके।
बिजली चोरी रोकने के लिए विशेष अभियान
ऊर्जा विभाग की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि लाइन लॉस की फीडरवार जवाबदेही तय की जाएगी।
उन्होंने बिजली चोरी के विरुद्ध विशेष अभियान चलाने और संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
मॉडल बिल्डिंग बायलॉज पर 15 दिन में प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने मॉडल बिल्डिंग बायलॉज को लेकर प्राप्त आपत्तियों की समीक्षा कर 15 दिनों के भीतर पूरी प्रक्रिया पूर्ण करने का निर्देश दिया।
उनका कहना था कि भवन निर्माण से जुड़े नियमों को स्पष्ट और व्यावहारिक बनाया जाए ताकि नागरिकों और निवेशकों दोनों को सुविधा मिल सके।
समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण कार्य पर जोर
बैठक के अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि जनहित से जुड़ी प्रत्येक परियोजना निर्धारित समय सीमा के भीतर और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरी की जानी चाहिए।
उन्होंने अधिकारियों से परियोजनाओं की नियमित निगरानी और समय-समय पर प्रगति की समीक्षा करने को भी कहा।