भारत में 2025 में इलेक्ट्रिक वाहनों पर GST की क्या रहेगी कंडीशन ग्राहकों पर पड़ेगा असर

भारत सरकार ने पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री को प्रोत्साहित करने के लिए GST में विशेष छूट दी है। 2025 में GST व्यवस्था में हुए बदलावों के तहत इलेक्ट्रिक कारों पर GST की दर केवल 5% ही रखी गई है जो कि अन्य वाहनों के मुकाबले काफी कम है। 

5% GST रहेगी अपरिवर्तित 

अगर आप भी इलेक्ट्रॉनिक व्हीकल का यूज करते है तो आपको बता दे की सरकार ने 5% GST को अपरिवर्तित रखा है क्योंकि यह रेट भारतीय नागरिकों को स्वच्छ और सस्ते ऊर्जा वाली वाहन खरीदने के लिए प्रेरित करता है। इस दर से इलेक्ट्रिक कारों की लागत कम रहती है जिससे इन वाहनों की पहुँच बढ़ती है। 

लक्ज़री इलेक्ट्रिक वाहनों पर GST

सभी EVs पर 5% GST लागू है किंतु सरकार की एक टैक्स पैनल ने सुझाव दिया है कि प्रीमियम या लक्ज़री इलेक्ट्रिक कारों जिनकी कीमत ₹20 लाख से ₹40 लाख या उससे अधिक हो उन पर GST को बढ़ाकर 18% या उससे भी अधिक तक किया जाए। 

• इस पैनल का तर्क है कि ये महंगे वाहन आयात किए जाते हैं और समाज के उच्च वर्ग के लिए हैं इसलिए उन पर अधिक टैक्स लगाना उचित होगा। अभी इस सुझाव पर GST काउंसिल में विचार चल रहा है।

अन्य वाहनों के GST स्लैब में बदलाव

2025 के नए GST ढांचे में अन्य वाहनों का टैक्स घटाया गया है। छोटे पेट्रोल और डीज़ल कारों पर GST दर 28% से घटाकर 18% कर दी गई है।

• हाइब्रिड कारों और मोटरसाइकिलों के लिए अलग-अलग स्लैब बनाए गए हैं। लेकिन इलेक्ट्रिक वाहनों को सबसे कम GST दर का लाभ जारी रखा गया है।

GST में हुए नए सुधार

सितंबर 2025 में शुरू हुए सुधारों के तहत GST स्लैब को घटाकर सिर्फ दो मुख्य दरों पर लाया गया है इस में 5% और 18% साथ ही कुछ लक्ज़री उत्पादों के लिए 40% की दर निर्धारित की गई है। इस नए ढांचे में इलेक्ट्रिक वाहन 5% स्लैब में बने रहेंगे जिससे उनकी कीमतों में अप्रत्यक्ष रूप से स्थिरता बनी रहेगी तथा उपभोक्ताओं को फायदा होगा।

GST बढ़ोतरी का Ev उद्योग पर प्रभाव

Ev GST दरों में वृद्धि से इलेक्ट्रिक वाहन उद्योग पर कुछ नकारात्मक प्रभाव पड़ सकते हैं । 

• इस से वाहन महंगे होने से आम ग्राहकों की मांग भी कम हो सकती है। 

• स्टार्टअप और नए निर्माता जिनकी शुरुआती बिक्री राशि पर निर्भरता है उनके लिए यह चुनौती बन सकती है।

• इस से चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर के ग्रोथ में भी रुकावट आ सकती है।

छोटे और बड़े बैटरी वाले EVs 

छोटे बैटरी वाले इलेक्ट्रिक वाहनों पर जो 48 वोल्ट तक की क्षमता वाले हैं उन पर GST बहुत कम या शून्य हो सकता है। बड़े बैटरी वाले और अधिक रेंज वाली कारों पर थोड़ी ज्यादा GST लगती है। यह नीति वाहन की मूल्य और उपयोगिता के हिसाब से बनायी गयी है।

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