देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। उत्तर भारत के कई क्षेत्रों में बारिश के बाद तापमान में गिरावट दर्ज की गई है, जिससे उमस और गर्मी झेल रहे लोगों को राहत मिली है। वहीं भारी बारिश और धुंध के कारण कुछ इलाकों में विजिबिलिटी घटने से यातायात प्रभावित होने की खबरें हैं।
मौसम की यह तस्वीर पूरे देश में एक जैसी नहीं है। कई राज्यों में मानसूनी बारिश का दौर जारी है, जबकि अलग-अलग क्षेत्रों में स्थानीय मौसम परिस्थितियों के कारण तापमान और बारिश में बड़ा अंतर देखने को मिल रहा है।
Weather Alert: बारिश के बाद तापमान में गिरावट
उत्तर भारत के कई इलाकों में बारिश ने मौसम को ठंडा कर दिया है। पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बादल और बारिश के कारण अधिकतम तापमान सामान्य से नीचे दर्ज किया जा रहा है।
हिमाचल प्रदेश के मौसम विभाग के ताजा बुलेटिन के मुताबिक कई स्टेशनों पर अधिकतम तापमान सामान्य से 3 से 7 डिग्री सेल्सियस तक नीचे रहा। राज्य में बारिश के कारण संवेदनशील इलाकों में भूस्खलन, जलभराव और सड़कों पर फिसलन का खतरा भी बना हुआ है।
Heavy Rain Alert के बीच कम विजिबिलिटी बनी परेशानी
बारिश के साथ पहाड़ी और घाटी वाले इलाकों में धुंध ने लोगों की मुश्किलें बढ़ाई हैं। शिमला और ऋषिकेश जैसे क्षेत्रों में मौसम बदलने के बाद दृश्यता प्रभावित होने की स्थिति देखी गई।
छत्तीसगढ़ के जशपुर की सन्ना घाटी में भी घने कोहरे जैसी स्थिति के कारण कम विजिबिलिटी की खबर है। ऐसे मौसम में वाहन चालकों के लिए घाटी और पहाड़ी मार्गों पर अतिरिक्त सावधानी जरूरी है।
कम दृश्यता के दौरान तेज रफ्तार और अचानक ब्रेक दुर्घटना का कारण बन सकते हैं। स्थानीय प्रशासन और मौसम संबंधी चेतावनियों पर नजर रखने की सलाह दी जाती है।
IMD Weather Update: कई राज्यों में भारी बारिश का खतरा
मानसूनी सिस्टम सक्रिय रहने के कारण पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। बिहार, सिक्किम और पूर्वोत्तर के राज्यों में तेज बारिश से निचले इलाकों में जलभराव और स्थानीय स्तर पर यातायात प्रभावित हो सकता है।
पहाड़ी राज्यों में भारी बारिश के दौरान भूस्खलन और मिट्टी खिसकने का खतरा अधिक रहता है। हिमाचल के ताजा मौसम बुलेटिन में भी बारिश के दौरान कमजोर ढांचों को नुकसान, सड़कों पर फिसलन और कम विजिबिलिटी की आशंका जताई गई है।
Rain Alert के बीच यात्रियों को सतर्क रहने की जरूरत
बारिश के मौसम में पहाड़ों की यात्रा करने वाले लोगों को मौसम अपडेट देखकर ही सफर की योजना बनानी चाहिए। नदी-नालों और तेज बहाव वाले क्षेत्रों के करीब जाने से बचना जरूरी है।
वाहन चालकों को कम विजिबिलिटी के दौरान गति नियंत्रित रखने और स्थानीय ट्रैफिक एडवाइजरी का पालन करने की सलाह दी जाती है। खासतौर पर पहाड़ी रास्तों पर बारिश के बाद अचानक मलबा आने या सड़क बाधित होने का खतरा रहता है।
देश में अलग-अलग दिख रहा मौसम का मिजाज
मानसून के बीच देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम की अलग तस्वीर दिखाई दे रही है। कहीं तेज बारिश और धुंध से तापमान गिरा है तो कहीं अपेक्षाकृत गर्म और उमस भरा मौसम बना हुआ है।
आने वाले दिनों में मौसम की स्थिति स्थानीय मानसूनी सिस्टम पर निर्भर करेगी। ऐसे में लोगों को अपने क्षेत्र के आधिकारिक मौसम अपडेट और प्रशासनिक चेतावनियों पर नजर बनाए रखनी चाहिए।