Wayanad Landslide : केरल के वायनाड से कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने शनिवार को कल्लाडी के भूस्खलन प्रभावित इलाके का दौरा किया। 18 दिन पहले हुए इस हादसे में आठ लोगों की जान चली गई थी। दौरे के दौरान उन्होंने प्रभावित परिवारों, घायलों, प्रशासनिक अधिकारियों और निर्माण एजेंसी के प्रतिनिधियों से मुलाकात कर राहत और पुनर्वास कार्यों की जानकारी ली।
प्रियंका गांधी ने हादसे में अपने परिजनों को खो चुके परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए भरोसा दिलाया कि प्रभावित लोगों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के लिए सरकार के स्तर पर जरूरी प्रयास किए जाएंगे।
Wayanad Landslide: सुरंग निर्माण स्थल का भी किया निरीक्षण
दौरे के दौरान प्रियंका गांधी ने उस सुरंग निर्माण स्थल का निरीक्षण किया, जहां भूस्खलन से सबसे अधिक नुकसान हुआ था। इसके बाद उन्होंने मेप्पाडी विम्स अस्पताल पहुंचकर उपचाराधीन घायलों का हालचाल जाना।
उन्होंने मध्य प्रदेश के उन मजदूरों से भी मुलाकात की, जो हादसे में घायल हुए थे। साथ ही आईसीयू में भर्ती एक गंभीर रूप से घायल मजदूर के परिजनों से भी बातचीत कर उनका हौसला बढ़ाया।
दौरे में देरी को लेकर उठे सवाल
भूस्खलन के बाद यह प्रियंका गांधी का पहला दौरा था। हादसे के तुरंत बाद उनके प्रभावित क्षेत्र में नहीं पहुंचने को लेकर स्थानीय स्तर पर सवाल भी उठे थे।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि प्रियंका गांधी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए थीं। वहीं, शनिवार को उन्होंने पहली बार आपदा प्रभावित इलाके का दौरा कर राहत कार्यों की समीक्षा की।
'यही भारत की असली भावना है'
जिला प्रशासन की ओर से बचाव और राहत कार्यों में शामिल टीमों के सम्मान में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रियंका गांधी ने वायनाड के लोगों की सराहना की।
उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं के समय जिले के लोगों ने हमेशा एकजुट होकर मानवता की मिसाल पेश की है। उनके मुताबिक, बचावकर्मियों और स्वयंसेवकों ने बिना किसी भेदभाव के जरूरतमंदों की मदद की।
उन्होंने कहा, "बचाव करने वालों ने यह नहीं देखा कि पीड़ित किस धर्म या समुदाय से हैं। उन्होंने सिर्फ इंसानियत के नाते लोगों की मदद की। यही भारत की असली भावना है और इसे हमेशा बनाए रखना चाहिए।"
राहत कार्यों में जुटे लोगों का किया सम्मान
कार्यक्रम में एनडीआरएफ, अन्य बचाव एजेंसियों, स्वयंसेवकों, सरकारी अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और मीडिया कर्मियों को राहत एवं बचाव कार्यों में योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
प्रियंका गांधी ने सभी बचावकर्मियों और स्वयंसेवकों के साहस, समर्पण और नि:स्वार्थ सेवा की सराहना करते हुए कहा कि कठिन परिस्थितियों में उनका योगदान हमेशा याद रखा जाएगा।
पुनर्वास पर भी रही चर्चा
दौरे के दौरान प्रियंका गांधी ने विस्थापित परिवारों से बातचीत कर उनकी मौजूदा जरूरतों और पुनर्वास से जुड़े मुद्दों की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों से राहत कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की।