नई दिल्ली : राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम के 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर बुधवार को नई दिल्ली में ‘हर घर तिरंगा’ बाइक रैली का आयोजन किया गया। उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने भारत मंडपम से सांसदों और अन्य जन प्रतिनिधियों के साथ रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
यह रैली भारत मंडपम से मेजर ध्यानचंद राष्ट्रीय स्टेडियम तक गई। आयोजन के जरिए राष्ट्रीय गौरव, एकता और नागरिक भागीदारी का संदेश दिया गया।
‘वंदे मातरम ने मातृभूमि के प्रेम को राष्ट्रीय कर्तव्य में बदला’
रैली के अवसर पर उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने कहा कि राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम ने मातृभूमि के प्रति प्रेम को राष्ट्रीय कर्तव्य में बदल दिया। उन्होंने कहा कि इसके शब्दों ने स्वतंत्रता संग्राम के दौरान अनेक स्वतंत्रता सेनानियों को साहस, बलिदान और आशा से प्रेरित किया।
उन्होंने अंडमान और निकोबार द्वीप समूह की अपनी हालिया यात्रा का भी उल्लेख किया। उपराष्ट्रपति ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस द्वीप और ऐतिहासिक सेलुलर जेल की यात्रा को भावपूर्ण अनुभव बताया।
उन्होंने 1943 में नेताजी सुभाष चंद्र बोस द्वारा तिरंगा फहराने और सेलुलर जेल में बंद स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को याद किया।
तमिलनाडु के स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान को किया याद
उपराष्ट्रपति ने स्वतंत्रता संग्राम में वंदे मातरम के प्रभाव का उल्लेख करते हुए तमिलनाडु के स्वतंत्रता सेनानियों और नेताओं के योगदान को भी याद किया।
उन्होंने राष्ट्रीय कवि सुब्रमण्यम भारती के साथ वी.ओ. चिदंबरम पिल्लई, सुब्रमण्यम शिव, तिरुप्पुर कुमारन और वंचिनाथन के योगदान और बलिदान का उल्लेख किया।
‘हर घर तिरंगा’ अभियान जन आंदोलन बना
उपराष्ट्रपति ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 2022 में शुरू किया गया ‘हर घर तिरंगा अभियान’ अब जन आंदोलन में बदल चुका है। उन्होंने कहा कि नागरिक तिरंगा यात्राओं, बाइक और साइकिल रैलियों, सांस्कृतिक कार्यक्रमों समेत विभिन्न गतिविधियों में हिस्सा ले रहे हैं।
उन्होंने सांसदों और जन प्रतिनिधियों से अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों में अभियान को बढ़ावा देने और लोगों को गर्व के साथ राष्ट्रीय ध्वज फहराने के लिए प्रेरित करने का आग्रह किया।
केंद्रीय मंत्री और सांसद हुए शामिल
बाइक रैली में केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, राजीव रंजन सिंह, वीरेंद्र कुमार, जी. किशन रेड्डी, किरेन रिजिजू और जितेंद्र सिंह के साथ संसद सदस्यों और अन्य जन प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।