अक्सर लोग नया स्मार्टफोन खरीदने के बाद पुराने फोन को किसी दराज में रख देते हैं या फिर उसका इस्तेमाल पूरी तरह बंद कर देते हैं। लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि यही पुराना फोन घर, दुकान या ऑफिस की सुरक्षा के लिए एक बेहतरीन सिक्योरिटी कैमरा (Security Camera) बन सकता है।

सबसे अच्छी बात यह है कि इसके लिए किसी महंगे CCTV सिस्टम या तकनीकी विशेषज्ञ की जरूरत नहीं पड़ती। कुछ आसान स्टेप्स अपनाकर आप अपने पुराने स्मार्टफोन का दोबारा उपयोग कर सकते हैं और कम खर्च में बेहतर सुरक्षा व्यवस्था तैयार कर सकते हैं।

सबसे पहले फोन को करें तैयार

पुराने फोन को सिक्योरिटी कैमरा (Security Camera) के रूप में इस्तेमाल करने से पहले उसे अच्छी तरह तैयार करना जरूरी है।

इसके लिए सबसे पहले अनावश्यक ऐप्स और फाइलों को हटाएं। अगर फोन काफी धीमा हो गया है, तो उसे फैक्ट्री रीसेट करना बेहतर विकल्प हो सकता है। इससे फोन की परफॉर्मेंस बेहतर हो जाएगी।

इसके अलावा यह भी सुनिश्चित करें कि फोन का कैमरा, माइक्रोफोन और वाई-फाई सही तरीके से काम कर रहे हों। क्योंकि यही फीचर्स निगरानी के दौरान सबसे अहम भूमिका निभाते हैं।

डाउनलोड करें सिक्योरिटी कैमरा ऐप

आज के समय में कई ऐसे ऐप्स मौजूद हैं, जो पुराने स्मार्टफोन को CCTV कैमरे में बदलने की सुविधा देते हैं।

ऐप इंस्टॉल करने के बाद पुराने फोन को कैमरा डिवाइस के रूप में और अपने मौजूदा स्मार्टफोन को मॉनिटरिंग डिवाइस के रूप में सेट किया जा सकता है। दोनों डिवाइस एक ही अकाउंट से जुड़े होने चाहिए, ताकि आप कहीं से भी लाइव वीडियो देख सकें।

इस तरह घर से दूर होने पर भी आप अपने मोबाइल के जरिए हर गतिविधि पर नजर रख सकते हैं।

सही जगह पर लगाएं फोन

सिर्फ ऐप इंस्टॉल करना ही काफी नहीं है। फोन को सही जगह पर लगाना भी बेहद जरूरी है।

मुख्य दरवाजा, ड्रॉइंग रूम, बालकनी, पार्किंग एरिया या दुकान का प्रवेश द्वार ऐसी जगहें हैं, जहां से अधिक क्षेत्र की निगरानी की जा सकती है।

बेहतर कवरेज के लिए फोन को ऊंचाई पर लगाना फायदेमंद रहता है। इससे कैमरे का व्यू एंगल भी बेहतर मिलता है।

लगातार बिजली से जोड़कर रखें

चूंकि फोन लंबे समय तक चालू रहेगा, इसलिए उसे लगातार चार्जिंग पर रखना बेहतर होता है। इससे बैटरी खत्म होने की समस्या नहीं होगी और कैमरा लगातार काम करता रहेगा।

अगर फोन की बैटरी पुरानी हो चुकी है, तो पावर एडॉप्टर के साथ लगातार बिजली सप्लाई देना ज्यादा सुरक्षित विकल्प माना जाता है।

मोशन डिटेक्शन फीचर से बचेगी स्टोरेज

ज्यादातर सिक्योरिटी कैमरा (Security Camera) ऐप्स में मोशन डिटेक्शन फीचर मौजूद होता है।

इस फीचर की मदद से रिकॉर्डिंग तभी शुरू होती है, जब कैमरे के सामने कोई हलचल होती है। इससे फोन की स्टोरेज जल्दी भरती नहीं है और बैटरी की खपत भी कम होती है।

इसके अलावा जरूरत पड़ने पर रिकॉर्डिंग को क्लाउड या मेमोरी कार्ड में भी सुरक्षित रखा जा सकता है।

टू-वे ऑडियो की सुविधा भी मिलेगी

कई आधुनिक ऐप्स टू-वे ऑडियो फीचर भी प्रदान करते हैं। इसकी मदद से आप सिर्फ सामने की आवाज सुन ही नहीं सकते, बल्कि मोबाइल के जरिए वहां मौजूद व्यक्ति से बातचीत भी कर सकते हैं।

यह सुविधा खासतौर पर बच्चों, बुजुर्गों या पालतू जानवरों पर नजर रखने के लिए काफी उपयोगी साबित होती है।

कम खर्च में मिलेगा बेहतर सुरक्षा समाधान

अगर आपके पास एक पुराना स्मार्टफोन और स्थिर इंटरनेट कनेक्शन है, तो आप बिना अतिरिक्त खर्च किए एक प्रभावी निगरानी व्यवस्था तैयार कर सकते हैं।

सिक्योरिटी कैमरा (Security Camera) के रूप में पुराने फोन का इस्तेमाल छोटे घरों, किराए के कमरों, दुकानों और छोटे ऑफिसों के लिए बेहद किफायती और उपयोगी विकल्प साबित हो सकता है।

ऐसे में अगली बार नया फोन खरीदने के बाद पुराने स्मार्टफोन को बेकार समझकर अलग रखने के बजाय उसे स्मार्ट तरीके से इस्तेमाल करना ज्यादा फायदेमंद हो सकता है।