लखनऊ : उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज इलाके में हुए भीषण अग्निकांड (Lucknow Fire Incident) के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कई अहम फैसले किए हैं। हादसे की सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री ने अपने मंगलवार के सभी सरकारी कार्यक्रम रद्द कर दिए और सीधे लखनऊ पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी की। साथ ही घटना की विस्तृत जांच के लिए दो सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है, जिसे सात दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।

हाईलेवल बैठक के बाद SIT गठन का फैसला

मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, हादसे के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। इस दौरान दुर्घटना की परिस्थितियों, राहत कार्यों और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक के बाद मुख्यमंत्री के निर्देश पर विशेष जांच दल का गठन किया गया। इस टीम में अपर मुख्य सचिव, पर्यटन, धर्मार्थ एवं संस्कृति विभाग अमृत अभिजात को शामिल किया गया है, जबकि लखनऊ जोन के अपर पुलिस महानिदेशक प्रवीण कुमार को दूसरा सदस्य बनाया गया है। दोनों अधिकारियों को घटना की हर पहलू से जांच कर सात दिन के भीतर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है।

हादसे के बाद रद्द हुए मुख्यमंत्री के सभी कार्यक्रम

लखनऊ अग्निकांड के कारण मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने सभी निर्धारित सरकारी कार्यक्रम स्थगित कर दिए। उन्हें मंगलवार को हाथरस में करीब 548 करोड़ रुपये की लागत वाली 143 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करना था। इसके अलावा आगरा में विकास कार्यों और कानून-व्यवस्था को लेकर समीक्षा बैठक भी प्रस्तावित थी।

हालांकि, आग की घटना की जानकारी मिलने के बाद मुख्यमंत्री ने अपना पूरा कार्यक्रम रद्द कर दिया और तत्काल लखनऊ के लिए रवाना हो गए। उस समय वह अलीगढ़ में विकास परियोजनाओं से जुड़े कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

घटनास्थल पर पहुंचकर लिया हालात का जायजा

लखनऊ पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सीधे अलीगंज स्थित घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने आग से प्रभावित इमारत का निरीक्षण किया और आसपास के भवनों की छतों पर जाकर भी स्थिति का जायजा लिया। मौके पर मौजूद अधिकारियों से उन्होंने हादसे के कारणों और राहत कार्यों की विस्तृत जानकारी ली।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने राहत और बचाव कार्यों को तेजी से पूरा करने के भी निर्देश दिए।

KGMU पहुंचकर घायलों और परिजनों से की मुलाकात

घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद मुख्यमंत्री किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) पहुंचे, जहां उन्होंने हादसे में घायल बच्चों और उनके परिजनों से मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने घायलों का हालचाल जाना और अस्पताल प्रशासन को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

इस दौरान केजीएमयू की कुलपति प्रोफेसर सोनिया नित्यानंद ने मुख्यमंत्री को घायलों के इलाज और स्वास्थ्य स्थिति की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने यह सुनिश्चित करने को कहा कि इलाज में किसी प्रकार की कमी न रहे और सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाएं।

मृतकों के परिजनों के लिए आर्थिक सहायता का ऐलान

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस दुखद घटना में जान गंवाने वालों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने मृतकों के आश्रितों को पांच-पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की। वहीं, घायलों को 50-50 हजार रुपये की मदद उपलब्ध कराने का भी निर्णय लिया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह हादसा अत्यंत पीड़ादायक है और राज्य सरकार प्रभावित परिवारों के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा और जांच रिपोर्ट के आधार पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

लखनऊ अग्निकांड ने एक बार फिर शहरी क्षेत्रों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्थाओं और भवन मानकों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सभी की निगाहें एसआईटी की रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे हादसे के कारणों और जिम्मेदार लोगों की तस्वीर साफ हो सकेगी।